रिपोर्ट: राकेश मिश्रा, पेंड्रा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, छत्तीसगढ़। मरवाही वन मंडल क्षेत्र से सामने आए एक वायरल वीडियो ने वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में कुछ ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर चार हाथियों के झुंड के बेहद करीब पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ लोग हाथियों पर पत्थर फेंककर उन्हें उकसाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि कई युवक पेड़ों पर चढ़कर हाथियों को देखने और उन्हें परेशान करते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो मरवाही वन मंडल के किसी जंगल क्षेत्र का है, जहां पिछले कुछ समय से चार हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ग्रामीण हाथियों से बेहद कम दूरी पर मौजूद हैं। ऐसे में यदि हाथियों का झुंड अचानक आक्रामक हो जाता, तो बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता था।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, हाथी सामान्यतः शांत स्वभाव के होते हैं, लेकिन जब उन्हें घेरने, छेड़ने या उकसाने की कोशिश की जाती है, तो वे आक्रामक हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में हाथियों का हमला जानलेवा साबित हो सकता है। इसके बावजूद ग्रामीणों द्वारा हाथियों के पास जाकर पत्थर फेंकना और शोर मचाना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
वन विभाग की निगरानी पर उठे सवाल
वायरल वीडियो ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी की जानकारी पहले से है, वहां ग्रामीणों को हाथियों के करीब पहुंचने से रोकने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी वन विभाग की होती है। लेकिन वीडियो में बड़ी संख्या में लोगों का हाथियों के आसपास मौजूद होना यह दर्शाता है कि मौके पर निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था प्रभावी नहीं थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथियों की गतिविधियों की जानकारी क्षेत्र में पहले से थी, इसके बावजूद पर्याप्त सतर्कता और जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया। यदि समय रहते लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने और जंगल क्षेत्र में अनावश्यक प्रवेश न करने के लिए समझाइश दी जाती, तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।
किसी भी समय हो सकती है बड़ी दुर्घटना
मरवाही क्षेत्र हाथियों की आवाजाही वाला संवेदनशील इलाका माना जाता है। ऐसे में ग्रामीणों का इस तरह हाथियों के करीब पहुंचना न केवल उनकी अपनी जान के लिए खतरा है, बल्कि इससे हाथियों के व्यवहार में भी आक्रामकता आ सकती है। वन्यजीवों को परेशान करने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ने की आशंका रहती है।
लोगों का मानना है कि हाथियों के झुंड के आसपास भीड़ जमा होने, पत्थर फेंकने और शोर मचाने जैसी घटनाओं पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। साथ ही वन विभाग को लगातार मॉनिटरिंग, मुनादी और जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सतर्क करना होगा।
चर्चा का विषय बना वायरल वीडियो
फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रशासनिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब क्षेत्र में हाथियों का दल सक्रिय था, तब सुरक्षा और निगरानी के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए। अब सभी की नजर वन विभाग और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।












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