रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सीजीपीएससी (CGPSC) घोटाला मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो चुकी है। मामले में गिरफ्तार पूर्व सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी से रिमांड अवधि के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से पूछताछ की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से सीजीपीएससी घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने का वादा किया था, जिसे भाजपा सरकार पूरा कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की करप्शन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। किसी भी क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति अपराध करेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो भी इस मामले में दोषी पाए गए हैं, उन पर कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है और आगे भी होती रहेगी।
गौरतलब है कि सीजीपीएससी भर्ती घोटाले की जांच पहले से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है। अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। ईडी टामन सिंह सोनवानी से कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ करेगी। इससे मामले में कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
सीजीपीएससी घोटाले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी लगातार गर्म है। इस मामले को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। वहीं, प्रदेश के हजारों युवाओं की निगाहें इस बहुचर्चित मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।












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