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शनि. मई 16th, 2026

बिग ब्रेकिंग @ शिक्षक की मांग को लेकर स्कूल में जड़ा ताला,ग्राम सेमरा के शासकीय प्राथमिक माध्यमिक शाला में शिक्षक की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जड़ा ताला

धमतरी/नगरी @ जिले के नगरी ब्लॉक के ग्राम सेमरा के शासकीय प्राथमिक माध्यमिक शाला में शिक्षक की मांग को लेकर ग्रामीणों ने ताला जड़ दिया गया है।इस शाला में पहले से शिक्षक की मांग की जा रही है।शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हीरालाल साहू के नेतृत्व में शाला में ताला जड़ा गया है।

बता दे ग्रामीण प्रधानपाठक को हटाने और नए शिक्षक की मांग को लेकर साल में ताला जड़ा है वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं की जाएगी तब तक स्कूल का ताला नहीं खोला जाएगा।वही नगरी बी आर सी प्रकाश चंद साहू शाला पहुंच कर ग्रामीणों और शाला प्रबंधन समिति को समझने की कोशिश कर रहे है अब देखना यह होगा कि क्या ग्रामीण अधिकारी की बातों को मान कर जड़ा तल खोलते है या नहीं।

मनेंद्रगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में नई सौगात चैनपुर में बनेगा जवाहर नवोदय विद्यालय, 11.8 हेक्टेयर भूमि का हुआ चिन्हांकन

रायपुर डेस्क @ मनेंद्रगढ़ अब स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हो रहा है। क्षेत्रवासियों के लिए एक और बड़ी सौगात के रूप में जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है। चैनपुर में इस विद्यालय के लिए 11.8 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निरंतर प्रयासों से यह महत्वपूर्ण उपलब्धि संभव हो सकी है। उनके नेतृत्व में मनेंद्रगढ़ को पहले ही मेडिकल कॉलेज जैसी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा मिल चुकी है, और अब शिक्षा के क्षेत्र में भी नई क्रांति की शुरुआत हो रही है।

जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना से अब जिले के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही जिले में मिल सकेगी। उन्हें उच्च स्तर की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे अभिभावकों की चिंता भी कम होगी और विद्यार्थियों का समग्र विकास संभव होगा।यह कदम मनेंद्रगढ़ क्षेत्र के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा और आने वाले वर्षों में यहां की नई पीढ़ी को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाएगा।

एक टीचर के भरोसे कक्षा 1 से 5वी तक क्लास सुकमा नक्सल प्रभावित इलाकों में बुनियादी सुविधा से वंचित,जर्जर स्कूल में संचालित हो रहा है चिंचौरगुड़ा प्राथमिक शाला

बारिस में टपकता है छत ग्रामीणों ने स्वयं के खर्च से बना सुरु की सेड निर्माण ना हो बच्चो की पढ़ाई प्रभावित,एक महीने पहले ही सांसेट्टी पंचायत गांव को किया गया है नक्सल मुक्त गांव ग्रामीणों को उमीद रुका हुआ विकास अब होगा सुरु 

सुकमा से धर्मेन्द्र सिंह @ छत्तीसगढ़ शासन हर स्कूल में बच्चो को हर सुविधाओं के साथ शिक्षा देने की बाते तो करता है लेकिन सुकमा जिले में तीन वर्ष से बच्चे टपकते छत के नीचे पड़ने को मजबूर है वही ग्रामीणों ने अपने खर्च पर एक सेड का निर्माण कर रहे है कि उनके गांव के बच्चों का पढ़ाई बरबाद ना हो वही आपको बता दे कि यह पंचायत पहले नक्सल प्रभावी था कुछ महीने पहले ही इस गांव को नक्सल मुक्त गांव हुआ है।

ग्रामीणों को विश्वास था कि अब उनके गांव का रुका हुआ विकास सुरु हो जाये गा वही जिले के कोंटा ब्लॉक अंतर्गत चिंचौरगुड़ा प्राथमिक शाला जर्जर स्कूल भवन में संचालित हो रहा है। जर्जर प्राथमिक स्कूल भवन की हालत देखकर ग्रामीणों ने अस्थाई रूप से शेड बनाकर स्कूल संचालन करने की पहल की है। जिसके लिए ग्रामीणों ने एस्वेस्टस शीट और सीमेंट के पोल की खरीदी कर शेड तैयार किया जा रहा है। ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से हो सके।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से स्कूल की जर्जर हालत की शिकायत कोंटा विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी व कलेक्टर से किए। हाल ही में सुकमा दौरे पर पहुंचे डिप्टी सीएम से भी यहां की ग्रामीणों ने मुलाकात कर जर्जर स्कूल की मरम्मत के लिए गुहार लगाई थी लेकिन उसके बाद भी मरम्मत नहीं होने से यहां की ग्रामीणों ने अपने से पैसे एकत्रित किए, अनुदान से उन्हें ₹15000 अतिरिक्त मिले इन सब राशि मिलकर एस्वेस्टस शीट और सीमेंट के पोल की खरीदी कर शेड तैयार किया जा रहा है। ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से हो सके।

शिकायत के बाद भी नहीं हो पाई है स्कूल की मरम्मत 

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से स्कूल की मरम्मत करने की मांग की जा रही है लेकिन उसके बाद भी नहीं हुआ है क्योंकि स्कूल की छत से बारिश के दौरान पानी जगह-जगह से टपकता है जिसकी वजह से बच्चे स्कूल के रूम में नहीं बैठ सकते इसलिए बारिश को देखते हुए बच्चों के लिए अतिरिक्त सेट निर्माण कर बैठने की व्यवस्था की जा रही है।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने लिया स्कूल का जायजा

इस पूरे मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से विकासखंड शिक्षा अधिकारी को मिली तो विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीनिवास राव ने प्राथमिक शाला पहुंचकर जर्जर स्कूल की स्थिति जायजा लिया। फिलहाल सेट तैयार किया जा रहा है ताकि बच्चों को बारिश से के दौरान बैठने में प्रकार की सुविधा न हो। उन्होंने कहा कि इसके अलावा यहां पर अतिरिक्त का भी जल्द निर्माण किया जाएगा।

स्कूल में एक शिक्षक है पदस्थ और एक शिक्षक की मांग

करीब 15 वर्षों से इस स्कूल में दो शिक्षकों की पदस्थापना है लेकिन एक शिक्षिका को आश्रम अधीक्षक बनाए जाने के कारण यहां पर डेढ़ दशक से एक ही शिक्षक के भरोसे अध्यापन कार्य संचालित किया जा रहा है और इस स्कूल में 40 से अधिक बच्चों की दर्ज संख्या है ऐसे में एक शिक्षक को कक्षा एक से कक्षा पांचवी तक अध्यापन कार्य करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है ।

ग्रामीणों ने बताया कि एक शिक्षक होने की वजह से अवकाश लेने या फिर ऑफिस के काम से कहीं बाहर जाने की स्थिति पर स्कूल में पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित होती है एक तरह से स्कूल बंद होने की स्थिति बन जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षक की कमी दूर करने के लिए जिला प्रशासन से कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक शिक्षक उपलब्ध नहीं कराया गया है। स्कूल में एक और शिक्षक की व्यवस्था की जाए, ताकि यहां के बच्चे भी बेहतर शिक्षा ग्रहण कर सके। उन्होंने कहा कि अगर दो शिक्षक होते तो नवोदय प्रयास जैसे स्कूल की चयन परीक्षा के लिए तैयारी कर पाते से यहां के बच्चे भी अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सके।

पी एम श्री विद्यालय में बौद्धिक एवम रचनात्मक विकास को बढ़ावा देने के लिये विभिन्न प्रतियोगिताओं का किया गया आयोजन

कोंडागांव @ पी एम श्री विद्यालय में बौद्धिक एवम रचनात्मक विकास को बढ़ावा देने के लिये विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया राज्य परियोजना कार्या समग्र शिक्षा रायपुर के आदेशानुसार विधावैभव आलम्पियड कार्यक्रम के तहत एक राष्ट्र एक चुनाव पर वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया

इसके साथ ही छात्रों को स्थानीय स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया कराया गया जिसमें छात्र छात्राओं को भोगपाल पाबड़ा बड़ेडोंगेर का भ्रमण कराया गया इसका मुख्य उद्देश्य उनमे ऐतिहासिक धरोहर की पहचान रक्षा प्रचार प्रसार करने एवम ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के प्रति सम्मान विकसित कर पायेंगे इसमे विधार्थियो ने ऐतिहासिक स्थलों का मॉडल हस्तलिखित बुकलेट प्रस्तूत करने कहा गया है यह पूरा कर्यक्रम प्राचार्य महावीर प्रसाद के कुशल नेतृत्व में किया गया इसमें कांची चंदेल ,त्रिमाला सिन्हा, रामप्रसाद नेताम, सोनल, सौमिका सिंह, निर्मलकर सर का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।

सुकन्या समृद्धि खाता खोलने मेगा शिविरों का आयोजन,बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने हो रही सार्थक पहल

एनबीसी इंडिया 24 न्यूज दंतेवाड़ा @ जिले में बालिकाओं के बेहतर भविष्य के लिए व बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सुकन्या समृद्धि योजना अंतर्गत बालिकाओं का निःशुल्क खाता खोलने हेतु एसडीएम दंतेवाड़ा जयंत नाहटा के नेतृत्व में जिले के सभी ब्लॉक मुख्यालय में मेगा शिविर का आयोजन 23 और 24 अक्टूबर को किया जा रहा है।

मेगा शिविर का आयोजन 23 अक्टूबर को कुंआकोण्डा में रेस्ट हाउस मैदान और मेंडका डोबरा ग्राउंड दंतेवाड़ा तथा कटेकल्याण जनपद पंचायत परिसर के डोम में किया जाएगा। इसके साथ ही 24 अक्टूबर को गीदम के सांस्कृतिक भवन में मेगा शिविर आयोजित किया जाएगा । इस मेगा शिविर में 0 से 10 वर्ष तक के बालिकाओं का निःशुल्क सुकन्या समृद्धि योजना के खाता खुलना है, खाता खोलने व प्रीमियम राशि 500 रुपये जिला प्रशासन द्वारा प्रदान किया जाएगा। साथ ही बालिकाओं और उनके पालकों को शिविर स्थल पर लाने और ले जाने के लिए निःशुल्क वाहन की व्यवस्था भी जिला प्रशासन द्वारा किया गया है।

कलेक्टर के द्वारा उक्त मेगा शिविरों के सफल आयोजन के लिए जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है तथा क्रियान्वयन के लिए अन्य विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुकन्या समृद्धि योजना के लिए एक परिवार के दो बालिकाओं को ही लाभ दिया जाना है,निःशुल्क खाता खुलवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज जैसे बालिका के जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज 3 फोटो तथा माता या पिता के आधार कार्ड, पेन कार्ड व पासपोर्ट साइज 3 फोटो की आवश्यकता होगी।

मेगा शिविर में बालिकाओं और उनके पालकों के लिए शिविर स्थल में भोजन की व्यवस्था भी की गई है। शिविर में आधार कार्ड, पेन कार्ड पंजीयन और सुधार कार्य भी किया जाएगा। इसके अलावा और भी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। इस मेगा शिविर में अधिक से अधिक बालिकाओं का निःशुल्क खाता खोलने के लिए पालकों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों सहित सभी विभागों के मैदानी अमले से व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा की गई है।

इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, पर्यवेक्षक, बाल विकास परियोजना कार्यालय महिला बाल विकास विभाग, जनपद पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय व स्थानीय नगरीय निकाय कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है। विस्तृत जानकारी के लिए मोबाइल नंबर दंतेवाड़ा में 70007-50918,गीदम में 97556-13305, कटेकल्याण में 78281-08478 तथा कुंआकोण्डा में 92447-01208 पर संपर्क किया जा सकता है|

जिले में 5 अक्टूबर से शुरू हुए साइबर जागरूकता अभियान

राकेश कुमार पेंड्रा @ गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में 5 अक्टूबर से शुरू हुए साइबर जागरूकता अभियान का आज शुक्रवार को बिलासपुर रेंज के आईजी संजीव शुक्ला की उपस्थिति में समापन हुआ इस दौरान गौरेला पेंड्रा मरवाही पुलिस के द्वारा जिले में विभिन्न माध्यमों से साइबर अपराध के प्रति जागरूकता प्रदान की गई पुलिस के द्वारा दूरस्थ अंचलों सहित नवरात्र में गरबा एवं जागरूकता कार्यक्रम के दौरान जनसमुदाय को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने के साथ ही उससे बचने के तरीके बताए गए वहीं इस दौरान मोर सुंदर जीपीएम प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसका पुरस्कार प्रतिभागियों को संजय शुक्ला के हाथों प्रदान किया गया.

वही आईजी संजीव शुक्ला ने गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में जागरूकता के तहत चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान की प्रशंसा करते हुए जिले एसपी भावना गुप्ता द्वारा चलाए जा रहे अभियान को अच्छा माना साथ ही कहा कि साइबर अपराध वर्तमान समय में सबसे बड़ी चुनौती है और साइबर जागरूकता ही इससे बचाव का मुख्य उपाय है।

नवरात्रि स्पेशल : ई-रिक्शा का हेण्डल थाम दुर्गा दौड़ा रही गृहस्थी की गाड़ी

एनबीसी इंडिया ²⁴ न्यूज रायपुर डेस्क @ कोविड-19 महामारी और पति के आकस्मिक निधन के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रही दुर्गा साहू ने हिम्मत नहीं हारी। छत्तीसगढ़ सरकार के श्रम विभाग द्वारा संचालित दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना ने न केवल उसकी जिंदगी बदल दी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भी बना दिया।

कोविड-19 महामारी के दौरान, जब निर्माण मज़दूरी के अवसर बंद हो गए, तब दुर्गा पूरी तरह से टूट चुकी थीं। पति की मृत्यु के बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी, लेकिन बेटे के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दुर्गा ने हार नहीं मानी। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत दुर्गा ने एक ई-रिक्शा खरीदा और समाज के पूर्वाग्रहों से ऊपर उठकर महिला ई-रिक्शा चालक के रूप में नई पहचान बनाई।

उसने दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना का लाभ उठाने के लिए अपने श्रमिक पंजीयन कार्ड और बैंक ऋण स्वीकृति सहित आवश्यक दस्तावेज एकत्र किए। स्थानीय बैंक से ऋण प्राप्त करने के बाद, दुर्गा को अपना ई-रिक्शा मिला, जिसने एक आश्रित मजदूर से एक स्व-निर्मित उद्यमी बनने के लिए उसके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।

रायपुर शहर के सड़कों में दुर्गा के ई-रिक्शे का लाल-पीला रंग उसकी पहचान बन गया है। दुर्गा अब प्रतिदिन 600-800 रुपये कमा रही हैं। इस योजना ने उन्हें सिर्फ आर्थिक आजादी ही नहीं दी, बल्कि उन्हें अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का मौका भी दिया।

दुर्गा अब अपने समुदाय की अग्रणी महिला ई-रिक्शा चालकों में से एक हैं। उनका साहस और परिश्रम न केवल उनकी अपनी सफलता की कहानी है, बल्कि यह लैंगिक समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक भी बन गया है। स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थी भी दुर्गा को ई-रिक्शा वाली दीदी के नाम संबोधित करने लगे हैं।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन के श्रम कल्याण मंडल द्वारा संचालित दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत 18 वर्ष से 50 वर्ष आयु समूह के न्यूनतम 3 वर्ष से पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों को एक लाख रूपए अनुदान राशि प्रदान किया जाता है।

आदिवासी बालक छात्रावास गट्टासिल्ली में महात्मा गांधी जयंती एवं स्वच्छता दिवस का आयोजन

धमतरी/गट्टासिल्ली @ आदिवासी बालक छात्रावास गट्टासिल्ली में महात्मा गांधी जयंती एवं स्वच्छता दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्रावास के समस्त विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने महात्मा गांधी के सिद्धांतों और विचारों को आत्मसात करते हुए स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी की छायाचित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। छात्रावास अधीक्षक मोहित सोनकर ने गांधीजी के स्वच्छता के प्रति समर्पण और उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छता केवल हमारे परिवेश को ही नहीं, बल्कि हमारे मन और विचारों को भी शुद्ध करती है।

छात्रों ने गांधीजी के जीवन पर आधारित नाटक और गीत प्रस्तुत किए, जिनसे उनके अहिंसा, सत्य और स्वच्छता के सिद्धांतों को गहराई से समझाया गया। इसके बाद, छात्रावास परिसर और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें सभी ने मिलकर कूड़ा-करकट हटाया और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा।

यह आयोजन बच्चों में गांधीजी के आदर्शों के प्रति प्रेरणा और जागरूकता उत्पन्न करने का एक सराहनीय प्रयास था। कार्यक्रम के अंत में छात्रों को स्वच्छता के महत्व पर जागरूक करते हुए शपथ दिलाई गई कि वे अपने घर, छात्रावास, स्कूल और समाज में स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लें।

प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में प्रवेश के लिए आयोजित चयन परीक्षा का परिणाम घोषित

प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में प्रवेश के लिए आयोजित चयन परीक्षा का परिणाम घोषित

 

धर्मेन्द्र यादव @ धमतरी जिले के प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में प्रवेश के लिए आयोजित चयन परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है, जिसका वेबसाईट https://eklavya.cg.nic.in/ पर अवलोकन किया जा सकता है।

 

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने बताया कि परीक्षा परिणाम के संबंध में विद्यार्थी को रोल नंबर, नाम के कोई विसंगति हो तो वह प्रवेश पत्र के साथ अपना अभ्यावेदन ईमेल आईडी prayas.ctd@gmail.com पर 12 जुलाई तक भेज सकता है। उन्होंने बताया कि नियत तिथि के बाद मिले अभ्यावेदन मान्य नहीं किए जाएंगे।

सहायक ग्रेड-3 पद हेतु प्रथम स्तर की लिखित परीक्षा 28 जुलाई को आयोजित किया जाएगा

सहायक ग्रेड-3 पद हेतु प्रथम स्तर की लिखित परीक्षा 28 जुलाई को आयोजित किया जाएगा

 

एनबीसी इंडिया 24 न्यूज़  रायपुर @ छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के लिए सहायक ग्रेड 03 पद हेतु प्रथम स्तर के लिखित परीक्षा 28 जुलाई को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए सरगुजा, बिलासपुर, जगदलपुर, दुर्ग और रायपुर में केन्द्र बनाया गया।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के वेबसाइट पर आवेदक द्वारा सहायक ग्रेड-3 के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा किए गए थे। सभी आवेदित अभ्यर्थियों को प्रथम स्तर की लिखित परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र के लिए छत्तीसगढ़ व्यापम के वेबसाइट में जाकर पंजीयन कराना आवश्यक होगा। तथा परीक्षा जिला का चयन करना अनिवार्य होगा। व्यापम के वेबसाईट पर परीक्षा के लिए पंजीयन व जिला चयन की प्रारंभिक तिथि 2 जुलाई तथा अंतिम तिथि 16 जुलाई निर्धारित की गई है।

नियंत्रक व्यावसायिक परीक्षा मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार व्यापम पंजीयन नंबर व परीक्षा केन्द्र जिला के चयन के आधार पर ही लिखित परीक्षा हेतु अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों द्वारा छत्तीसगढ़ व्यापम के वेबसाइट पर पंजीयन नहीं किया है। उन्हें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्देशानुसार लिखित परीक्षा से वंचित माना जायेगा व जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी के स्वयं की होगी तथा इस संबंध में कोई पत्राचार स्वीकार नहीं होंगे। अभ्यर्थी द्वारा पूर्व में जमा किये गए ऑनलाइन आवेदन पत्र में किसी भी तरह का सुधार या संशोधन किये जाने की अनुमति नहीं होगी।