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शनि. मई 16th, 2026

नवरात्रि स्पेशल : ई-रिक्शा का हेण्डल थाम दुर्गा दौड़ा रही गृहस्थी की गाड़ी

एनबीसी इंडिया ²⁴ न्यूज रायपुर डेस्क @ कोविड-19 महामारी और पति के आकस्मिक निधन के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रही दुर्गा साहू ने हिम्मत नहीं हारी। छत्तीसगढ़ सरकार के श्रम विभाग द्वारा संचालित दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना ने न केवल उसकी जिंदगी बदल दी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भी बना दिया।

कोविड-19 महामारी के दौरान, जब निर्माण मज़दूरी के अवसर बंद हो गए, तब दुर्गा पूरी तरह से टूट चुकी थीं। पति की मृत्यु के बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी, लेकिन बेटे के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दुर्गा ने हार नहीं मानी। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत दुर्गा ने एक ई-रिक्शा खरीदा और समाज के पूर्वाग्रहों से ऊपर उठकर महिला ई-रिक्शा चालक के रूप में नई पहचान बनाई।

उसने दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना का लाभ उठाने के लिए अपने श्रमिक पंजीयन कार्ड और बैंक ऋण स्वीकृति सहित आवश्यक दस्तावेज एकत्र किए। स्थानीय बैंक से ऋण प्राप्त करने के बाद, दुर्गा को अपना ई-रिक्शा मिला, जिसने एक आश्रित मजदूर से एक स्व-निर्मित उद्यमी बनने के लिए उसके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।

रायपुर शहर के सड़कों में दुर्गा के ई-रिक्शे का लाल-पीला रंग उसकी पहचान बन गया है। दुर्गा अब प्रतिदिन 600-800 रुपये कमा रही हैं। इस योजना ने उन्हें सिर्फ आर्थिक आजादी ही नहीं दी, बल्कि उन्हें अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का मौका भी दिया।

दुर्गा अब अपने समुदाय की अग्रणी महिला ई-रिक्शा चालकों में से एक हैं। उनका साहस और परिश्रम न केवल उनकी अपनी सफलता की कहानी है, बल्कि यह लैंगिक समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक भी बन गया है। स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थी भी दुर्गा को ई-रिक्शा वाली दीदी के नाम संबोधित करने लगे हैं।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन के श्रम कल्याण मंडल द्वारा संचालित दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत 18 वर्ष से 50 वर्ष आयु समूह के न्यूनतम 3 वर्ष से पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों को एक लाख रूपए अनुदान राशि प्रदान किया जाता है।

बालोद जिले से दो पूर्व विधायक विधिवत भाजपा में हुए सामिल, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व पार्टी कार्यकारणी की उपस्थिति में दिलाया गया सदस्यता।

Nbcindia24/रायपुर/ बालोद जिले के दो पूर्व विधायक कल शनिवार 13 नवम्बर को विधिवत भाजपा की सदस्यता ग्रहण किया। राजधानी रायपुर प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में गुंडरदेही विधानसभा के पूर्व विधायक राजेंद्र कुमार राय एवं अविभाजित मध्यप्रदेश शासन में खेरथा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बालमुकुंद देवांगन ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित प्रदेश कार्यकारिणी की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ग्रहण किया।

कुछ माह पूर्व Nbcindia24?की ख़ास मुलाक़ात कार्यक्रम में चर्चा करते पूर्व राजेंद्र कुमार राय 

राजेंद्र कुमार राय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर पहली बार 2013 में कांग्रेस पार्टी की ओर से गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र की चुनाव मैदान में उतरे। जहां उन्हें जीत हासिल हुए। 5 साल विधायक रहने के दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत प्रमोद कुमार जोगी द्वारा कांग्रेस को छोड़ छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के नाम से क्षेत्रीय पार्टी बनाए जाने के बाद राजेंद्र कुमार राय जोगी की पार्टी में शामिल हुए। और जोगी की पार्टी से 2018 विधानसभा चुनाव के चुनावी मैदान में उतरे। लेकिन इस बार उन्हें निराशा हाथ लगा और इन चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर सिंह निषाद जीत दर्ज किया।

प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व व भाजपा की विचारधारा से हुआ प्रभावित

फाईल फ़ोटो

Nbcindia24 से चर्चा करते हुए पूर्व विधायक राजेंद्र कुमार राय ने कहा कि भाजपा की विचारधारा और केंद्र में मोदी सरकार के कुशल नेतृत्व से प्रभावित होकर मैं भाजपा की सदस्यता ग्रहण किया हूं। मोदी सरकार के आने से पूरे विश्व में भारत का डंका बजा इन सब चीजों से मैं काफी प्रभावित हुआ।

 

 

“ख़ास मुलाक़ात” राजेन्द्र कुमार राय पूर्व विधायक गुंडरदेही के साथ

यूट्यूब पर देखे ख़ास मुलाक़ात

Nbcindia24/ स्पेशल एपिसोड_ “ख़ास मुलाक़ात” कार्यक्रम में आज के हमारे मेहमान राजेंद्र कुमार राय जी जो बालोद जिले के गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके है राय को छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री का गौरव प्राप्त व छत्तीसगढ़ जनता जोगी कांग्रेस के संस्थापक स्व. अजित प्रमोद कुमार जोगी जी का बेहद करीबी माना जाता है स्व. जोगी जी के चलते ही वे प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे जोगी जी के रहते ही कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर राजनीति में आए और क्षेत्र में दो साल कड़ी मेहनत कर 2013 विधानसभा चुनाव में गुंडरदेही विधनसभा क्षेत्र से कांग्रेसी उम्मीदवार बन चुनावी दंगल में उतरे तो क्षेत्र के मतदाताओं ने अपना भरपूर जनादेश दे राय को अपना विधायक चुन लिया राजनीतिक उथलपुथल के बीच जब स्व. जोगी कांग्रेस पार्टी का हाथ का साथ छोड़ जनता जोगी कांग्रेस पार्टी के नाम से स्वयं एक अलग पार्टी का गठन किया ।

वही जोगी जी के अलग पार्टी बनाते ही राय कांग्रेस का साथ छोड़ स्व. जोगी जी की पार्टी जनता जोगी कांग्रेस में शामिल हो गए और 2018 के विधानसभा चुनाव में दूसरी बार चुनावी मैदान में उतरे लेकिन इस बार उन्हें सफलता ना मिल उन्हें हार का सामना करना पड़ा ।

ख़ास मुलाक़ात

छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री व छत्तीसगढ़ जनता जोगी कांग्रेस पार्टी का संस्थापक स्व. अजित प्रमोद कुमार जोगी की तबियत खराब होने के चलते उनका निधन हो गया जिसके बाद पूर्व विधायक राजेन्द्र कुमार राय जनता जोगी कांग्रेस का साथ छोड़ अब भाजपा में शामिल हुए है राय शुरू से ही अपनी बेबाक बातों को लेकर चर्चा में रहते है किसी भी मुद्दे पर वे अपना विचार बेबाक़ी से रखते है।