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शनि. मई 16th, 2026

बिलासपुर-जबलपुर हाईवे पर देर रात हादसा, घंटों जाम में फंसे रहे वाहन

राकेश मिश्रा पेंड्रा 

पेंड्रा/बिलासपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर रविवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कारीआम गांव के पास निर्माणाधीन पुल पर कोयले से भरा एक हाइवा अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया और घंटों तक आवागमन बाधित रहा।

जानकारी के अनुसार, रात करीब 2 बजे कोयला लोड हाइवा कारीआम गांव के पास निर्माणाधीन पुल से गुजर रहा था। इसी दौरान वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हाइवा के पलटते ही पुल के पास सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई, जिससे हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

घटना के चलते यात्री बसें, ट्रक, निजी वाहन समेत कई गाड़ियां जाम में फंस गईं। कई वाहन चालक वैकल्पिक मार्ग तलाशते नजर आए, लेकिन आसपास सुगम रास्ता नहीं होने के कारण अधिकांश लोगों को घंटों हाईवे पर ही इंतजार करना पड़ा।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि निर्माणाधीन पुल और संकरी सड़क के कारण यहां लगातार हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश के दौरान सड़क की खामियां और निर्माण कार्य में अनियमितताएं भी सामने आने लगती हैं, जिससे भारी वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी हो जाती है।

सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची और और वाहनों को एक एक के निकालने में जुटी हुई है फिलहाल छोटी गाड़ियों को निकाला जा रहा है पर अभी भी बड़े वाहनों को निकलने नहीं दिया जा रहा है जिसके चलते अभी भी वाहनों की कतारें दोनों तरफ बने हुए हैं

हालांकि हादसे में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने निर्माणाधीन पुल की सुरक्षा व्यवस्था और सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

बड़ी खबर: 136 नग चिरान और 11 लट्ठे बरामद, हिरासत में दो आरोपी

राकेश मिश्रा पेंड्रा

मरवाही वनमंडल में लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर भारी मात्रा में अवैध साल की लकड़ी जब्त की है।

 

यह कार्रवाई मरवाही वनमंडल के गौरेला रेंज में की गई। विभाग को सूचना मिली थी कि पिपरखुंटी बीट के पास जंगलों में पेड़ों की अवैध कटाई कर लकड़ी छिपाई गई है।

सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने दो घरों में सर्च वारंट के साथ छापा मारा। इस दौरान लगभग 2 लाख रुपये मूल्य की 136 नग साल के चिरान (कटी हुई लकड़ी) और 11 बड़े लट्ठे बरामद किए गए।

 

इसके साथ ही, लकड़ी काटने में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रिक मशीन (चेनसॉ), हाथ आरी और कुल्हाड़ियां भी जब्त की गईं। विभाग ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है, जिन पर वन अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

 

वन अधिकारियों के अनुसार, जांच अभी भी जारी है और जब्त लकड़ी की मात्रा बढ़ सकती है। इस आधी रात की कार्रवाई को डीएफओ ग्रीष्मी चांद सहित वन विभाग के उड़नदस्ते ने अंजाम दिया।

CRIME: एंबुलेंस में मरीज की जगह गांजा मिलते ही पुलिस ने किया तगड़ा ऑपरेशन.?

महासमुंद जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस की आड़ में चल रहे अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और कोमाखान थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में करीब 38 लाख 50 हजार रुपये कीमत का 77 किलो गांजा जब्त किया गया है।

 

बताया जा रहा है कि तस्कर एंबुलेंस का इस्तेमाल कर गांजा की खेप को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचा रहे थे ताकि पुलिस और जांच एजेंसियों को शक न हो। मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र के 5 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है।

 

पुलिस के मुताबिक आरोपी उड़ीसा से गांजा लेकर महाराष्ट्र के सोलापुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान कोमाखान थाना क्षेत्र में मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर कार्रवाई की। जांच के दौरान एंबुलेंस से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।

 

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि तस्करी के इस नेटवर्क में सिर्फ एंबुलेंस ही नहीं, बल्कि एक पायलेटिंग कार का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। आशंका जताई जा रही है कि पायलेटिंग कार आगे चलकर रास्ते की निगरानी करती थी और पुलिस चेकिंग की जानकारी पीछे चल रही एंबुलेंस तक पहुंचाती थी।

 

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गांजा परिवहन में इस्तेमाल एंबुलेंस, पायलेटिंग कार और 5 मोबाइल फोन समेत करीब 50 लाख 45 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

 

एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और महासमुंद पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई के बाद अब कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पूरा मामला कोमाखान थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।

 

 

गुंडरदेही के कृषि विस्तार अधिकारी को बलात्कार मामले में आजीवन कारावास, रायपुर कोर्ट का बड़ा फैसला

रायपुर।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से जुड़ी एक गंभीर आपराधिक मामला में रायपुर की अदालत ने एक कृषि विस्तार अधिकारी को बलात्कार के मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी देवनारायण साहू बालोद जिले के गुंडरदेही क्षेत्र के निवासी हैं।

शिकायत के अनुसार मामला उस समय का है जब आरोपी और पीड़िता की पहचान पढ़ाई के दौरान हुई थी। इसी दौरान आरोपी ने युवती से विवाह करने का वादा किया और संबंध बनाए। बाद में आरोपी अपने वादे से मुकर गया और शादी करने से इंकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद फरवरी 2026 में न्यायालय में चालान पेश किया। लंबी सुनवाई के बाद रायपुर की अदालत में न्यायाधीश पंकज सिन्हा ने आरोपी  कृषि विस्तार अधिकारी देवनारायण साहू को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले के बाद मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

कवर्धा में भीषण सड़क हादसा: पुल से गिरी तेज रफ्तार कार, 4 युवकों की दर्दनाक मौत

छत्तीसगढ़/ कबीरधाम जिले के कवर्धा से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पांडातराई थाना क्षेत्र के अंतर्गत गड़ाई के पास फोक नदी पर बने पुल पर देर रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नीचे जा गिरी। इस भयावह दुर्घटना में कार सवार चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

हादसा उस वक्त हुआ जब कार में सवार सभी युवक एक शादी समारोह में शामिल होकर रायपुर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि वाहन की रफ्तार काफी तेज थी और पुल के पास अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद कार सीधे नीचे नदी क्षेत्र में जा गिरी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और अंदर बैठे लोग बाहर निकलने की स्थिति में भी नहीं रहे।

दुर्घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों ने शोर सुनकर तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को किसी तरह बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को पहले जिला अस्पताल भेजा गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल रेफर किया गया है।

मृतकों की पहचान अरमान खान, सौंफ, अनस और कौनेन के रूप में हुई है, जबकि घायल युवकों में जुनैद रज़ा और आरज़ू खान शामिल हैं। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।

प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

“पास नहीं हुआ… और जिंदगी से ही हार गया” बालोद ने झकझोर देने वाली घटना

न्यूज़ डेस्क बालोद।

छत्तीसगढ़ के बालोद जिला से सामने आई यह खबर सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि समाज के लिए एक बड़ा सवाल है। डौंडी क्षेत्र के 17 साल के छात्र राजवीर बघेल ने 10वीं की परीक्षा में असफल होने के बाद फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। जिस उम्र में सपने बनने चाहिए, उस उम्र में एक बच्चा इतना टूट गया कि उसे जिंदगी ही बोझ लगने लगी।

बताया जा रहा है कि राजवीर कुछ दिन पहले अपनी मौसी के घर जगन्नाथपुर सांकरा गांव शादी में गया हुआ था। 29 अप्रैल को जब 10वीं-12वीं का रिजल्ट आया, तो उसने मोबाइल पर अपना परिणाम देखा। उसी पल से उसके व्यवहार में बदलाव आ गया। वह चुप रहने लगा, उदास रहने लगा, लेकिन शायद किसी ने उस चुप्पी के पीछे छिपे तूफान को नहीं समझा।

अगले दिन वह अपने भाई के साथ घर लौट आया, लेकिन मन का बोझ उसके साथ ही आया। सुबह जब काफी देर तक उसके कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों ने खिड़की से देखा… और जो सामने था, उसने सब कुछ खत्म कर दियाराजवीर फांसी के फंदे पर झूल चुका था। एक पल में पूरे परिवार की दुनिया उजड़ गई।

घर वालों के अनुसार, राजवीर पिछले साल भी 10वीं में असफल हुआ था और इस बार भी वह पास नहीं हो पाया। उसकी कॉपी से एक नोट भी मिला, जिसमें उसने अपने परिवार के लिए प्यार तो जताया, लेकिन साथ ही यह दर्द भी लिखा कि वह उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। यही सोच उसके लिए इतनी भारी हो गई कि उसने जिंदगी से ही हार मान ली।

यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है…

  • क्या सच में परीक्षा में फेल होना इतना बड़ा अपराध है?
  • क्या नंबर ही किसी की जिंदगी की कीमत तय करते हैं?

    आज भी हमारे समाज में अंक और रिजल्ट को इतना बड़ा बना दिया गया है कि बच्चे असफलता को सहन ही नहीं कर पाते।

सच्चाई यह है कि एक परीक्षा में फेल होना जिंदगी का अंत नहीं होता। हर साल लाखों बच्चे असफल होते हैं, लेकिन वही बच्चे आगे चलकर नई राह बनाते हैं, सफल होते हैं। असफलता सिर्फ एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। जरूरत है तो बच्चों को यह समझाने की कि गिरना गलत नहीं, गिरकर उठना जरूरी है।

माता-पिता और समाज को भी यह समझना होगा कि बच्चों को दबाव नहीं, सहारा चाहिए। उन्हें डर नहीं, हौसला चाहिए। क्योंकि कई बार एक छोटी सी उम्मीद, एक समझदारी भरी बात… किसी की पूरी जिंदगी बचा सकती है।

राजवीर अब लौटकर नहीं आएगा, लेकिन उसकी यह दर्दनाक कहानी शायद किसी और बच्चे को टूटने से बचा ले… यही इस खबर का सबसे बड़ा संदेश है।

IED ब्लास्ट: 4 जवान शहीद, आत्मसमर्पित नक्सलियों ने दी थी इनपुट

कांकेर/नारायणपुर।
बस्तर के घने और खतरनाक जंगलों में एक बार फिर बारूद की गूंज सुनाई दी। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में चल रहे डी-माइनिंग और सर्च ऑपरेशन के दौरान हुए भीषण आईईडी विस्फोट में चार बहादुर जवानों ने अपनी जान गंवा दी। यह हादसा थाना छोटेबेठिया क्षेत्र के अंतर्गत कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर हुआ।

शनिवार सुबह डीआरजी (District Reserve Guard) की टीम एरिया डॉमिनेशन और सर्च ऑपरेशन के लिए जंगलों की ओर रवाना हुई थी। टीम आत्मसमर्पित नक्सलियों के बताए ठिकाने पर डंप बारूद बरामद करने पहुँची थी। जवान बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे थे, क्योंकि उन्हें अंदेशा था कि इलाके में हर कदम पर खतरा छिपा हो सकता है।

इसी दौरान, जैसे ही टीम एक संदिग्ध स्थान पर पहुँची और वहां छिपाए गए विस्फोटक डंप को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की, तभी अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना भयानक था कि पूरा इलाका दहल उठा।

इस दर्दनाक घटना में मौके पर ही तीन जवान — इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा और कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले -शहीद हो गए। वहीं, गंभीर रूप से घायल कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा को एयरलिफ्ट कर रायपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर कई आईईडी बरामद कर निष्क्रिय किए गए हैं। इससे साफ है कि माओवादी अब भी बड़ी मात्रा में विस्फोटक जंगलों में छिपाकर रख रहे हैं।

यह घटना इस बात का भी संकेत है कि भले ही कई नक्सली आत्मसमर्पण कर अहम जानकारी दे रहे हैं, लेकिन जंगलों में पहले से छिपाए गए आईईडी अब भी सुरक्षा बलों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बल लगातार ऐसे छिपे हुए बारूदी जाल को खोजकर निष्क्रिय करने में जुटे हैं।

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बी.एड स्टूडेंट की हत्या: अफेयर के शक में ब्वॉयफ्रेंड बना कातिल

छत्तीसगढ़
दुर्ग से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां बी.एड की पढ़ाई के दौरान पनपे प्रेम संबंध का अंत दर्दनाक वारदात में हुआ। प्रेमी ने अपनी गर्लफ्रेंड की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

क्या है पूरा मामला

मृत युवती की पहचान यूनेश्वरी वर्मा (26) के रूप में हुई है, जो खैरागढ़ जिले के चिचोला की रहने वाली थी और दुर्ग में रहकर पढ़ाई कर रही थी। आरोपी कार्तिक राम साहू (27) बालोद जिले का निवासी है।

दोनों की मुलाकात दुर्ग-बालोद रोड स्थित बी.एम. कॉलेज में बी.एड की पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई, लेकिन पिछले कुछ समय से रिश्ते में शक ने जगह बना ली थी।

शक बना हत्या की वजह

बताया जा रहा है कि आरोपी को संदेह था कि युवती का किसी और के साथ संबंध है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

घटना के दिन आरोपी कार्तिक युवती को अपने कमरे पर ले गया, जहां फिर से विवाद हुआ। गुस्से में आकर उसने युवती का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

खुद ही पुलिस को दी सूचना

घटना के बाद आरोपी ने डायल-112 पर कॉल कर युवती के बेहोश होने की सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवती को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पुलिस कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है और आगे की जांच जारी है।

BALOD: जंगल में मिली सड़ी-गली लाश, कही हत्या तो नहीं