CRIME CG: रूह कांप उठेगी! जिसे बेटी का भविष्य संवारना था, उसने ही उसकी मासूमियत को रौंद दिया…!

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुण्डरदेही थाना क्षेत्र से सामने आई यह घटना केवल एक अपराध की खबर नहीं है, बल्कि उस पवित्र रिश्ते के टूटने की कहानी है, जिस पर हर बेटी सबसे ज्यादा भरोसा करती है।

कहते हैं, एक लड़की जब प्रेम विवाह करती है तो वह सिर्फ अपना घर नहीं छोड़ती, बल्कि अपने माता-पिता के भरोसे को पीछे छोड़कर अपने पति के साथ एक नई दुनिया बसाने निकल पड़ती है। वह उस इंसान को अपना सब कुछ मान लेती है और जब एक बेटी जन्म लेती है, तो उसी के हाथों में अपनी बच्ची का भविष्य सौंप देती है।

लेकिन सोचिए उस मां पर क्या बीत रही होगी, जिसने जिस इंसान को अपना जीवनसाथी चुना, जिसके लिए शायद अपने माता-पिता से भी लड़ गई, आज उसी पति के खिलाफ अपनी बेटी को लेकर थाने पहुंचना पड़ा। एक तरफ उसकी बेटी की सिसकियां थीं, तो दूसरी तरफ उसके सुहाग का कलंक। एक तरफ ममता थी, तो दूसरी तरफ टूटता हुआ विश्वास।

जानकारी के मुताबिक, लगभग 35 वर्षीय आरोपी अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी का अप्रैल 2025 से यौन शोषण कर रहा था। पिता के डर से सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली मासूम बच्ची किसी से कुछ नहीं कह सकी। लेकिन जब उसके सब्र की आखिरी दीवार भी टूट गई, तो उसने अपनी मां को आपबीती सुनाई और एक मां ने अपने पति नहीं, बल्कि अपनी बेटी का साथ चुना।

सोचिए, जिस हाथ ने बेटी को चलना सिखाना था, अगर वही उसकी मासूमियत को कुचल दे, तो उस बच्ची के मन पर बने घाव कितने गहरे होंगे? जिस पिता को उसकी ढाल बनना था, अगर वही उसका सबसे बड़ा डर बन जाए, तो समाज को खुद से सवाल पूछना होगा।

यह सिर्फ एक बच्ची के साथ हुआ अपराध नहीं है, यह पिता-पुत्री के उस पवित्र रिश्ते की हत्या है, जिसे हर बेटी अपनी सबसे सुरक्षित जगह मानती है। बेटियां केवल घर की खुशियां नहीं होतीं, वे हमारा विश्वास और हमारी जिम्मेदारी भी होती हैं। और जब संरक्षण देने वाला ही भक्षक बन जाए, तो यह पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी है।

आज जरूरत सिर्फ आरोपी को सजा दिलाने की नहीं, बल्कि हर उस बच्ची को यह भरोसा दिलाने की भी है कि अगर उसके साथ कुछ गलत होता है, तो उसकी आवाज दबाई नहीं जाएगी, बल्कि उसे न्याय जरूर मिलेगा।

Nbcindia24

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