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शनि. मई 16th, 2026

कुंआर पक्ष लगने से पहले पड़ने वाले मंगलवार को देव दशहरा मनाने का अनूठा धार्मिक रिवाज,यहां माता काली की पूजन अर्चना करने का है रिवाज

राहुल ठाकुर गरियाबंद @ गोहरापदर छैलडोंगरी में कुंआर पक्ष लगने से पहले पड़ने वाले मंगलवार को देव दशहरा मनाने का अनूठा धार्मिक रिवाज है, यहां माता काली की पूजन अर्चना करने का रिवाज है। इस बार भी यह पर्व बड़े धूम धाम से मनाया गया। मनोकामना पूरी होने वाले हजारों श्रद्धालु जुटे थे। देवी को प्रसन्न करने बलि देने का रिवाज भी है।

दरअसल इलाके के 7 पाली में आने वाले गांव में तीन पीढ़ी पहले आपदा आया था, अचानक बहु बेटी बीमार पड़ जाते थे, और उनकी मौत हो रही थी, बुजुर्गो ने इसकी पड़ताल किया, तो पता चला कि मां काली को किसी ने छोड़ दिया है, जो पलना गोसीएन नाम से है, मां काली की इस स्वरूप को अखरा कुंभ तिथि यानी कुआर से पहले पड़ने वाले मंगलवार को पूजन कर शांत करने का हल निकाला गया, पहले सात पाली में आने वाले 11 गांव के लोग ही पूजन करते थे, पर माता के सामने मांगी गई मनोकामना पूरी होते देख दिनों दिन श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी, इस बार दूर दराज से 12 से 14 हजार श्रद्धालु जुटे थे।

13 से 16 सितंबर तक होगा “देखो दंतेवाड़ा” बाइक ट्रायल, 120 बाइकर्स का होगा जमावड़ा ,पर्यटन स्थलों को देशभर में मिलेगी पहचान

एनबीसी इंडिया 24 न्यूज डेस्क दंतेवाडा @ पर्यटन को बढ़ावा देने और इसकी खूबसूरती को देश-प्रदेश में पहचान दिलाने के उद्देश्य से “देखो दंतेवाड़ा” बाइक ट्रायल कार्यक्रम का आयोजन 13 से 16 सितंबर तक दंतेवाड़ा में किया जाएगा। यह आयोजन कलेक्टर के मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ के नेतृत्व में संपन्न होगा। इस विशेष आयोजन में प्रदेशभर से आए 120 बाइकर्स दंतेवाड़ा के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे और अपने अनुभवों को वीडियो, फोटो तथा रील्स के जरिए सोशल मीडिया पर साझा करेंगे, जिससे जिले की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा।

13 सितंबर को सातधार, इंद्रावती पुल बारसूर, बारसूर तालाब की जिपलाइन और मुचनार रिवर साइट। इस दिन माड़िया नृत्य का आयोजन भी होगा। 14 सितंबर को बारसूर मंदिर, दंतेश्वरी माई मंदिर, माटी कला केंद्र कुम्हाररास, कुम्हाररास डैम, गामावड़ा महापाषाण स्थल और आकाश नगर की सैर होगी। 15 सितंबर को मलांगीर और पुलपाड़ जलप्रपात का दौरा होगा। 16 सितंबर को विश्वप्रसिद्ध चित्रकूट जलप्रपात का विशेष भ्रमण होगा।

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि दंतेवाड़ा अपनी अनूठी संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और प्राकृतिक सुंदरता के लिए विशिष्ट पहचान रखता है। “देखो दंतेवाड़ा” कार्यक्रम का लक्ष्य इन विशेषताओं को पूरे देश में नई पहचान दिलाना है। जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा ने विश्वास जताया कि यह आयोजन दंतेवाड़ा की सकारात्मक छवि को और मजबूत बनाएगा तथा जिले को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाएगा।

धर्म नगरी राजिम में बाबा केदारेश्वर वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में बाबा गरीबनाथ जी की भव्य पालकी यात्रा, 51हजार पार्थिव शिवलिंग निर्माण रुद्राभिषेक पूजन एवं भंडारा का आयोजन

गरियाबंद @ प्रति वर्ष की भाँति इस वर्ष भी राजिम नगर में दिनाँक 4 अगस्त दिन सोमवार को बाबा केदारेश्वर वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में 51 हजार पार्थिव शिवलिंगनिर्माण,रुद्राभिषेक,भंडारा एवं बाबा गरीबनाथ जी की भव्य पालकी यात्रा का आयोजन श्री बालाजी वाहन पार्किंग श्री राजीवलोचन मंदिर प्रांगण में किया जा रहा है।

कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है….

51 हजार पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं रुद्राभिषेक समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक, प्रसादी भंडारा वितरण दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक, बाबा गरीबनाथ जी की भव्य पालकी यात्रा प्रारंभ शाम 4 बजे कार्यक्रम स्थल से। पालकी यात्रा मार्ग पड़ाव प्रारंभ कार्यक्रम स्थल, भैरव बाबा मंदिर, बाबा गरीबनाथ मंदिर, पं. श्यामाचरण चौक बस स्टैंड राजिम, शिवाजी चौक आमापारा, माँ महामाया मंदिर, आजाद चौक ठाकुर पारा से वापस कार्यक्रम स्थल पहुंचेगी।

आपको बता दे कि बाबा गरीबनाथ की भव्य महाआरती का आयोजन शाम 7 बजे बस स्टैंड राजिम में किया जाना है। जिसमें समस्त श्रद्धालु अपने सहपरिवार सहित इस आयोजन में आकर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते है।

कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं का सभी क्षेत्रों से सिहावा प्रसिद्ध कर्णेश्वर धाम में लग रहा ताता,सिहावा पुलिस रास्तों पर पेट्रोलिंग कर कांवड़ यात्रियों के सुविधाओं को लेकर रख रही ध्यान 

धमतरी @ श्रावण मास में पवित्र कांवड़ यात्रा हर क्षेत्र में चल रहा है वही जिले के सिहावा प्रसिद्ध कर्णेश्वर धाम के लिए कांवड़ियें हर-हर महादेव के जयकारों के साथ सिहावा बोरई मार्ग से कर्णेश्वर धाम दर्शन करने पहुंच रहे है। यह आयोजन पूरे क्षेत्र में आस्था, भक्ति और सौहार्द्र का प्रतीक बन गया है।

कांवड़ यात्रा में शामिल हजारों श्रद्धालुओं का कहना है कि यात्रा मार्ग पर उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है, क्योंकि खासकर सिहावा पुलिस भी लगातार कावड़ यात्रियों की सुविधा के लिए अपनी तैनाती कड़क रखी हुई है।मार्ग में कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धामय वातावरण बना हुआ है।

जब हमारे पत्रकार साथी धर्मेंद्र यादव ने सिहावा थाना प्रभारी लेखराम ठाकुर से बात किया तो उन्होंने बताया कि शिवभक्तों की सेवा को समर्पित प्रशासन के अधिकारी लगातार कार्यों में जुटे हुए हैं। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य, पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था पहले से ही चाक-चौबंद की गई है।वही कर्णेश्वर धाम के ट्रस्टी के सदस्यों के द्वारा भी सभी कांवड़ यात्रियों और सभी श्रद्धालुओं के लिए खान पान से लेकर रुकने की पूरी व्यवस्था किए हुए है।

रामलला के जन्मोत्सव में दिखा जमकर उत्साह,स्थानीय निवासियों ने बाटी खीर पूड़ी का प्रसाद

आरंग /समोदा @ जिले के नवनिर्मित ग्राम पंचायत समोदा में रामलला के जन्मोत्सव में वार्ड क्रमांक 6 के निवासियों में जमकर उत्साह देखने को मिला,शनिवार शाम से रामायण कथा के साथ आतिशबाजी की गई। रविवार को वार्ड वासियों ने प्रसाद के रूप में खीर पूड़ी के साथ भोज कार्यक्रम भी रखा गया।

ऐसा पहली बार हुआ है जब रामोत्सव में रामायण के साथ साथ जमकर आतिशबाजी देखने को मिला है।बताया जा रहा है कि पिछले रामोत्सव में राम भगवान की वेशभूषा में बच्चे रामायण के पात्र में नजर आए थे ।बता दे कि हर वर्ष की भाती इस बार भी वार्डवासियों ने ग्राम पंचायत के समीप राहगीरों और स्थानीय निवासियों को प्रसाद के रूप में खीर पूड़ी बाटी गई ।

इस कार्यक्रम में सोमनाथ साहू ,सोमनाथ ध्रुवंशी,रितेश यादव,टिकेश्वर साहू ,कामदेव साहू,चैतन्य, रामनारायण साहू,कमला साहू,गोमती साहू,यशोदा साहू,दुर्गा ध्रुवंशी समेत अन्य स्थानीय निवासी मौजूद थे।

दंतेश्वरी माई की प्रसिद्व फागुन मड़ई (मेला) कलश स्थापना के साथ आज से प्रारंभ

दंतेवाडा @ दंतेश्वरी माई की प्रसिद्व फागुन मड़ई (मेला) कलश स्थापना के साथ आज 05 मार्च से प्रारंभ हो गया है। दंतेश्वरी मंदिर के जिया ने प्रातः 11 बजे परम्परानुसार मेंडका डोबरा मैदान में स्थित गुड़ी में माई जी छत्तर की प्राण प्रतिष्ठा कर कलश की स्थापना की।

जिया बाबा ने बताया कि शाम 4 बजे नारायण मदिर के लिए माई जी मदिर से डोली निकलेगी साथ ही ताड़पलंगा धोनी की रस्म रात्रि 9 बजे विधि विधान से संपन्न की जावेगी। 05 मार्च से प्रथम दिवस कलश स्थापना के साथ दस दिवसीय मेला का शुभारंभ हो गया है। आमंत्रित देवी-देवताओं को भी सम्मान के साथ आसन ग्रहण कराया जायेगा। फागुन मेला 05 मार्च से 15 मार्च तक लगातार विभिन्न कार्यक्रम पूजा-पाठ के साथ सम्पन्न होगा। परम्परागत वाद्य यंत्रों की गूंज मंत्रोपचार के साथ ही सेवक पुजारी तथा मांझी चालकी इस अवसर पर उपस्थित थे।

राजिम कुंभ कल्प में महाशिवरात्रि पर्व और शाही स्नान धूमधाम से मनाया

गरियाबंद @ राजिम कुंभ कल्प में महाशिवरात्रि पर्व और शाही स्नान धूमधाम से मनाया गया, श्रद्धालुओं द्वारा जहां सुबह से ही त्रिवेणी में स्नान ध्यान कर पूजा अर्चना किया गया, वहिं राजिम कुंभ कल्प में पधारे साधु संतों और नागा बाबाओ ने विशेष तौर पर तैयार किए गए शाही कुंड में स्नान किया, लोमश ऋषि आश्रम से संतों की शाही सवारी निकाली गई, जो नगर भर्मण पश्चात त्रिवेणी के मध्य बने कुंड में पहुँचे और शाही स्नान किया, जिसके बाद दूसरे साधु संतों ने शाही कुंड में डुबकी लगाई।

इससे पहले साधु संतों और नागा बाबाओं द्वारा सौर यात्रा निकाली गई, जिसमें सभी साधु संत शामिल हुए, घोड़ों और बग्घी पर सवार होकर निकल रही शोभा यात्रा में साधुओं ने शस्त्र विद्या का प्रदर्शन किया, लाठियों से अलग-अलग करतब दिखाए, नवापारा और राजिम शहर में लोगों ने जगह-जगह शोभा यात्रा में शामिल साधुओं का स्वागत किया, वहीं इस बार राजिम मेले में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी पहुंचे हुए है, जो शाही जुलूस और स्नान को देख बेहद खुश नजर आए, ऐसे ही एक विदेशी पर्यटक जो जर्मनी से राजिम पहुंचे है, उन्होंने बताया कि उन्होंने राजिम कुंभ के बारे में सुना था, और इस बार वो यहां के कुंभ और संस्कृति को देखने पहुंचे है, यहां की संस्कृति सभ्यता देख विदेश से पहुंचे मेहमानों ने खुशी जाहिर की है।

राजिम कुंभ कल्प का भव्य आयोजन 12 से 26 फरवरी तक,आस्था, संस्कृति और आध्यात्म का त्रिवेणी संगम है राजिम कुंभ,राजिम कुंभ में पधारेंगे देशभर से साधु-संत और श्रद्धालु

एनबीसी इंडिया 24 न्यूज रायपुर @ छत्तीसगढ़ के प्रयाग के रूप में प्रसिद्ध राजिम में माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक आयोजित होने वाले राजिम कुंभ कल्प 2025 की भव्य तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस वर्ष का आयोजन 12 फरवरी से 26 फरवरी 2025 तक होगा। नया मेला स्थल चौबे बांधा, राजिम में लगभग 54 एकड़ में यह भव्य मेला लगेगा। राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में 12 फरवरी को इस पवित्र मेले का शुभारंभ करेंगे। उनके साथ विशिष्ट संत महापुरुषों की उपस्थिति इस आयोजन को और भी दिव्य बनाएगी।

राजिम कुंभ कल्प की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान बनी है। इस आयोजन से सांस्कृतिक समृद्धि, धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। इस बार के मेले में विशाल संत समागम, यज्ञ, प्रवचन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण होंगे।

इस वर्ष के राजिम कुंभ कल्प में देशभर के संत, महंत और आध्यात्मिक गुरु अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। शुभारंभ समारोह में शंकराचार्य आश्रम रायपुर के दंडी स्वामी डॉ. इंदुभवानंद तीर्थ जी महाराज, दूधाधारी मठ रायपुर के राजेश्री महंत रामसुंदर दास जी महाराज, संत विचार साहेब जी महाराज ( कबीर संस्थान, रायपुर), स्वामी डॉ. राजेश्वरानंद जी महाराज (सुरेश्वर महादेव पीठ, रायपुर) सहित अनेक संतों की उपस्थिति इस धार्मिक आयोजन की गरिमा को और बढ़ाएगी।

राजिम कुंभ कल्प में धार्मिक अनुष्ठानों, प्रवचनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला होगी। त्रिवेणी संगम में प्रतिदिन संध्या 6.30 बजे महानदी आरती, मुख्य मंच, नया मेला स्थल, चौबे बांधा में शाम 4 बजे से 7 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। पूज्य डॉ. संजय कृष्ण सलिल जी महाराज, नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर द्वारा 13 फरवरी से 19 फरवरी तक शाम 4 से 7 बजे तक भागवत कथा, संत गुरूशरण जी महाराज पंडोखर सरकार, दतिया द्वारा 21 फरवरी से 25 फरवरी तक सत्संग दरबार तथा 12 फरवरी से 26 फरवरी तक राष्ट्रीय एवं आंचलिक कलाकारों द्वारा शाम 4 बजे से रात्रि 10 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित महानदी, पैरी और सोंधूर नदियों के त्रिवेणी संगम पर स्थित राजिम को छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहा जाता है। विभिन्न पुराणों में इसे पद्मक्षेत्र या कमलक्षेत्र के रूप में उल्लेखित किया गया है। यहाँ के प्रमुख मंदिर-राजीवलोचन (विष्णु) और कुलेश्वर (शिव) का धाम हरिहर क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। मान्यता है कि जगन्नाथपुरी की यात्रा, राजिम के साक्षी गोपाल के दर्शन से ही पूर्ण मानी जाती है।

यहां प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक विशाल धार्मिक मेला आयोजित किया जाता है। प्राचीन काल से चली आ रही इस परंपरा को ही राजिम कुंभ (कल्प) के रूप में मान्यता दी गई। इस दौरान कल्पवास, पर्व स्नान, धर्म प्रवचन, संत समागम और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता है, जिसमें देशभर से तीर्थयात्री, नागा साधु, संन्यासी, विभिन्न पंथों-अखाड़ों के संत, महंत, मंडलेश्वर और जगद्गुरु शंकराचार्य पधारते हैं।

राजिम कुंभ कल्प धर्म, आस्था और संस्कृति का संगम होने के साथ-साथ सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक शांति का संदेश भी देता है। यह मेला छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा और लोक संस्कृति का जीवंत प्रमाण है।

कर्णेश्वर मेला में उमड़ा जन सैलाब,हजारों की संख्या में देवी पहुंचे देवी देवताएं,ट्रस्ट ने देवी देवताओं का श्रीफल भेट कर किया अभिनन्दन

नगरी @ ऐतिहासिक कर्णेश्वर महादेव मंदिर में मांघ पूर्णिमा में प्रतिवर्ष होने वाला मेला महोत्सव में गुरुवार को देव मड़ई का आयोजन हुआ।जिसमें हजारों दर्शनार्थियों सहित सीमावर्ती राज्य उड़ीसा ,बस्तर व अंचल के कोने कोने से आये आंगा देव सेकड़ो देवी देवताओं अपने पूरे स्वरूप डांग डोली बाना आदि लिये मन्दिर परिसर में छिपली पारा के टिकरी वाली व खम्बेश्वरी में जोहार भेट कर परम्परागत रूप से छिपली पारा के टिकरी वाली के अगुवान, मार्गदर्शन में मेला का ढाई परिक्रमा किया।

जिनका सिहावा विधायक व ट्रस्ट के संरक्षक अम्बिका मरकाम,कर्णेश्वर मन्दिर ट्रस्ट अध्यक्ष विकल गुप्ता,संरक्षक कैलास पवार, पूर्व विधायक श्रवण मरकाम,पूर्व विधायक पिंकी शिव राज शाहउपाध्यक्ष राम प्रसाद मरकाम,रवि दुबे, गगन नाहटा,नागेन्द्र शुक्ला,निकेश ठाकुर,कोमल श्रीमाली, कलम सिंह पवार,उत्तम साहू ,छबि ठाकुर,रवि ठाकुर,रामभरोसे साहू ,भरत निर्मलकर,योगेश साहू,रवि भट्ट,हनी कश्यप,राम लाल नेताम,आदि पदाधिकारियो ने परम्परानुसार फूल माला पहनाकर व नारियल भेंटकर स्वागत सत्कार,सम्मान किया। परम्परानुसार प्रतिवर्ष की भांति मेला में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ उमड़ी।दूर दूर से विभिन्न वाहनों में सवार होकर मेला स्थल पहुचे। कर्णेश्वर महादेव मन्दिर में लोगो ने कतार बद्ध होकर दर्शन किया ।पुलिस प्रशासन सुरक्षा ब्यवस्था में मुस्तेद रहे , देउर पारा के युवाओं ने व्यवस्था सम्भाली।पुलिस विभाग द्वारा बूंदी का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरण किया गया।

स्काउट गाइड के छात्र छात्राओं ने जिला के वरिष्ठ सलाहकार राजेश तिवारी बुधेश्वर नाथ साहू,गायत्री बोदले, देवांगन सर ऋचा ठाकुर के मार्गदर्शन में मन्दिर परिसर व भोजन शाला में भोजन परोसने में सहयोग प्रदान किया , स्वास्थ्य विभाग स्टाल लगाकर प्राथमिक उपचार में लगे रहे,नगर पंचायत नगरी ने टेंकर में पानी व्यवस्था कराई तथा उनके सफाई कर्मी अपनी सेवाओं में डटे रहे ।मेले में लोगो ने क्राफ्ट बाजार,मीना बाजार ,मौत का कुआ सर्कस ,झूला ड्रेगन, आदि का लुत्फ उठाया वही विभिन्न दुकानों में जमकर खरीददारी की जिससे दुकानदारो ने राहत की सांस ली।रात्रि में छतीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम पुराणिक साहू कृत लहर गंगा का मंचन हुआ जिसका दर्शकों ने लुत्फ उठाया,।

ट्रस्ट के आनंदअवस्थी,जनपद अध्यक्ष दिनेश्वरी नेताम ,अरुण सार्वा ,दीपक यदु,शिव कुमार परिहार,कैलाश प्रजापति, सचिन भन्साली,ललित निर्मलकर,टेश्वर ध्रुव,महेंद्र कौशल, प्रताप सुरेशा, रवि ठाकुर,किशन गजेंद्र, कमल डागा ,टेश्वर ध्रुव, प्रकाश बेस,छबि ठाकुर,दुर्गेश साहू नन्द यादव ,मिलेस्वर साहू ,प्रेमलता नागवंशी ,होरी लाल पटेल,ईस्वर जांगड़े,,बबलू गुप्ता , बंटी जैन,नन्द यादव अशोक देवांगन,अनुरुद्ध साहु, ,देवेंद्र साहू,हेमंत पूरी गोश्वामी, प्रीतम गिरी,हरीश यादव ,राहुल साहू, परमेश्वर नेताम,संजय गोश्वामी, मधु नेताम,धनराज साहू भूपेश साहू,मंगलेश सोम,संतु राम साहू,हेमु साहू,सहित स्माईल क्लब के युवाओं ने मेला ब्यवस्था में लगे रहे।

भोले बाबा के भंडारा का श्रद्धालुओं ने लाभ लिया

मेला महोत्सव के दौरान देव मड़ई के दिन रावल ज्वेलर्स व इलेक्ट्रॉनिक एंड फर्नीचर नगरी व भूषण साहू,पीयूष साहू घतुला द्वारा अपने परिजनों की स्मृति में विशाल भण्डारा कराया।जिसका हजारों श्रद्धालुओं ने लाभ लिया।

आज से शुरू हुआ श्रद्धा और आस्था का प्रतीक राजिम कुंभ,श्रद्धालूओं के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने का सिलसिला सुबह 4 बजे से ही शुरु

राहुल ठाकुर गरियाबंद @ श्रद्धा और आस्था का प्रतीक राजिम कुंभ कल्प आज से शुरु हो गया है, राजिम कुंभ कल्प में शामिल होने के लिए देश भर से श्रद्धालू राजिम पहुंच रहे है, श्रद्धालूओं के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने का सिलसिला सुबह 4 बजे से ही शुरु हो गया है, जो आज दिनभर जारी रहेगा।पौराणिक मान्यता के मुताबिक वैसे तो देश में अनादिकाल से हर वर्ष माघ पुर्णिमा से महाशिवरात्री तक राजिम मेला आयोजित होता है, देश विदेश के लाखो लोग राजिम मेला में उसी आस्था और विश्वास के साथ इस राजिम मेले में शामिल होते है, जिसकी शुरुवात आज माघी पुन्नी स्नान के साथ शुरू हो गयी है, हजारों श्रद्धालूओं ने सुबह त्रिवेणी संगम में स्नान किया, उसके पश्चात भगवान राजीव लोचन और कुलेश्वरनाथ के दर्शन किये, श्रद्धालूओं के त्रिवेणी स्नान का ये सिलसिला आज दिनभर जारी रहेगा।

राजिम कुंभ कल्प की अपनी एक अलग ही पहचान है, पैरी, सोंढूर और महानदी, तीन नदियों के संगम स्थल राजिम त्रिवेणी संगम पर ये राजिम कुंभ कल्प आयोजित होता है, त्रिवेणी संगम के एक तट पर भगवान विष्णु के अवतार भगवान राजीव लोचन विराजमान है, और दुसरे तट पर सप्तऋषियों में से एक लोमश ऋषि का आश्रम विद्यमान है, त्रिवेणी संगम के बींचो बीच खुद महादेव कुलेश्वरनाथ के रुप में स्थापित है, वैसे तो श्रद्धालूओं के यहॉ पहुंचने का सिलसिला सालभर लगा रहता है, मगर राजिम मेले के समय श्रद्धालूओं के पहुंचने की संख्या कई गुणा बढ़ जाती है, राजीव लोचन और कुलेश्वरनाथ मंदिर दर्शन के लिए श्रद्धालूओं को घंटो लाईन में खडा होना पडता है।

श्रद्धा और भक्ति का दुसरा नाम ही भगवान है, जहॉ श्रद्धा है, वहॉ भक्ति है, और जहॉ भक्ति है, वहॉ भगवान है, भगवान के दर्शनो की चाहत और मोक्ष प्राप्ति की कामना को लेकर श्रद्धालूओं का राजिम कुंभ कल्प में पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया है, जो 26 फरवरी महाशिवरात्री तक जारी रहेगा।