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शनि. मई 16th, 2026

आयुष संवाद का आयोजन, आयुर्वेद चिकित्सा से होने वाले फायदे की दी गई जानकारी।

Nbcindia24/Balod/ वीरेंद्र भारद्वाज दल्ली राजहरा- संचालनालय आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी सिद्ध एवं होम्योपैथी ( आयुष ) रायपुर द्वारा चलाये जा रहे “आजादी का अमृत महोत्सव” कार्यक्रम के अन्तर्गत आज दिनांक 09।07।2021 को शासकीय आयुर्वेदिक चिकिसालय दल्लीराजहरा के तत्वावधान में नगर पंचायत चिखलकसा में आयुष संवाद का आयोजन किया गया । जिसमे शासकीय आयुर्वेदिक चिकिसालय के डॉ कामना पाठक के द्वारा आयुर्वेद पर परिचर्चा की गई और लोगो को आयुर्वेद चिकित्सा के फायदे बतायें गए। साथ ही जारूकता लाने के लिए लोगो को ब्रोशर /पाम्पलेट का वितर किया गया जिसमे अरुणा डोंगरदिवे नर्सिंग सिस्टर और आजाद साहू ने सहयोग किया। कोरोना नियमो का पालन करने के साथ साथ लोगो को कोरोना से लड़ने में आयुर्वेद की भूमिका की भी जानकारी प्रदान किया गया। इस मौके पर नगर पंचायत चिखलकसा के कर्मचारी मौजूद रहे।

खबर संस्कृति ले जुड़े:- विलुप्त होवत छत्तीसगढ़िया संस्कृति ला जीवित रखत छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़िया दुलरवा बेटा अपन दुल्हनिया ला बिहाये बैलगाड़ी मा निकलीस बारात

अपने जड़ों की ओर लौटते छत्तीसगढ़िया युवा

देवेंद्र नेताम बैलगाड़ी से गये ब्याहने अपनी दुल्हन

Nbcindia24/न्यूज़ डेस्क/ छत्तीसगढ़ में बैलगाड़ी को सजा-धजा कर , बैलों के गले में घांघरा बांधकर बारात निकालने की समृद्ध प्राचीन परंपरा रही है । आधुनिकता के मोहपाश में बंधकर आज का छत्तीसगढ़िया युवा अपनी मूल परंपराओं से दूर जाता हुआ दिख रहा है लेकिन छत्तीसगढ़ के कुछ नौजवान आज भी छत्तीसगढ़ियापन को पुनर्स्थापित करने के लिये प्रयासरत दिख रहे हैं । उन्ही में से एक भिलाई के युवक देवेंद्र नेताम हैं जो सात जुलाई को सजी-धजी बैलगाड़ी लेकर अपनी उच्चशिक्षित दुल्हनिया कीर्ति मंडावी से ब्याहने बालोद के आतरगांव पहुंच गये ।
परघनी के समय दुल्हे और बारातियों की बैलगाड़ियां एक मनमोहक दृश्य उपस्थित कर रहीं थी । एक ओर आकाश से पुरखा-देवता बूंदों की हल्की फुहारें छोड़ अपना आशीष बरसा रहे थे तो मिट्टी की भीनी सुगंध के साथ मानों अपने मूल सामाजिक परंपराओं के पुनर्जीवित होने की खुशबू भी एकबारगी चारों ओर बगर रही थी ।
यहां उल्लेखनीय है कि मूलत: बसनी(धमधा) के निवासी दुल्हेराजा देवेंद नेताम एक उच्चशिक्षित व्यवसायी हैं , आदिवासी सर्वसमाज के प्रदेश महासचिव हैं तथा छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ी एवं छत्तीसगढ़िया लोगों के हक की पुरजोर आवाज उठाने वाले संगठन छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रदेश आई टी सेल प्रभारी हैं ।

प्रदेश के पढ़े-लिखे युवाओं का अपनी मूल संस्कृति-परंपराओं की ओर वापस लौटकर उन्हें संरक्षित रखने के ऐसे भगीरथ प्रयास सभी के लिये प्रेरणास्रोत बनेंगें ।

Big न्यूज़_”प्राण जाए पर धर्म नहीं” कोरोना वैक्सीन को लेकर संत राम बालक दास का बड़ा बयान।

संत राम बालक दास

Nbcindia24/छत्तीसगढ़/ बालोद जिले के वनांचल क्षेत्र डौंडीलोहारा तहसील स्थित जामड़ीपाठ पाटेश्वरधाम मंदिर के संत श्री रामबालक दास महत्यागी ने शोसल मीडिया व्हाट्सएप में कोरोना वैक्सीन को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है. जो राजनीतिक गलियारों में सियासी भूचाल ला सकता है.

संत श्री राम बालक दास महत्यागी को उनके भक्तों ने सवाल पूछा था कि क्या आपने कोरोना वैक्सीन लगा लिए बाबा जी. जिसका जवाब देते हुए संत ने कोरोना वैक्सीन को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.

बाबा ने अपने भक्तों को सवाल का जवाब देते हुए कहा…

आज विशेष बात आपसे कहने जा रहा हूं
हमें बहुत से भक्तगण प्रतिदिन पूछते हैं कि क्या आपने कोरोना का वैक्सीन लगवा लिया है ???

प्रश्न ठीक है
पर उत्तर हमारा यही है कि जिस गाय के पंचगव्य से हम अपना जीवन और जिस गाय की सेवा से हम अपना मोक्ष चाहते हैं।

ऐसी गोमाता और उसके गर्भ में पलने वाले बछड़े के खून से बनने वाला वैक्सीन अर्थात कोरोना का टीका हम गोभक्त कैसे लगवा सकते हैंआप क्या करें ना करें इस पर हम दबाव नही बना सकते ये आपको स्वयम सोचना होगा
लेकिन हम तो गोसेवक हैं गौ भक्त हैं
अपने तुच्छ प्राण को बचाने के लिए हम गाय की गर्भ को चीरकर गाय के बछड़े के खून से बनने वाले कोरोना के वैक्सीन को नहीं लगवा सकते
यह घोर अपराध है प्राण जाए पर धर्म नहीं जाना चाहिए।

सन्त राम बालक दास महाराज द्वारा मैसेज

संत राम बालक दास ने सोशल मीडिया में मैसेज बयान के साथ एक आडियो बयान भी जारी किया हैं

बाबा के इस बयान के बाद अब सियासी गलियारों में वैक्सीन को लेकर फिर एक बार बहस छिड़ने वाली है जो कई सवाल को जन्म देने वाला है. हालांकि संत राम बालक दास ने यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है और इसमें बाकी लोग क्या सोचते हैं वे स्वयं अपने विवेक से काम ले मैं किसी को नही कहता कि आप कोरोना टीका लगाओ या मत लगाओ. सरकार के अपने नियम हैं जिस पर हस्तक्षेप नहीं कर सकता।

बेटी के जन्म होने पर इस पल को यादगार बनाने गजेंद्र परिवार ने किया पौधा रोपण।

Nbcindia24/balod/ अर्जुन्दा ग्राम परसतराई के गजेंद्र परिवार में खुशियों की लहर आई श्री- घनश्याम गजेंद्र -श्रीमती – लक्ष्मी गजेंद्र की प्रथम बेटी ने जन्म ली जिसकी खुशी को व्यक्त करते हुए, सकारात्मक व रचनात्मक रूप में परिवार के मुखिया श्री – छबिलाल गजेन्द्र (दादा जी ) ने नन्हीं सी परी मां लक्ष्मी के रुप में परिवार में आने के खुशी में अपनी जन्म भूमि गांव में – पीपल ,बरागत,जामुन ,नीम , आम ,आँवला, का पौधरोपण कर बहुत ही प्रेरणादायक व सुंदर संदेश दिया।
साथ ही पौधारोपण में हीरालाल ,लक्की ,इशू मोंटू,भावेश,का विशेष रुप से सहयोग किये।

छत्तीसगढ़ माटी के चंदन स्व. सुभाष बेलचंदन को छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना के साथीयो ने दी श्रद्धांजलि।

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने शिक्षक सुभाष बेलचंदन को दी श्रद्धांजलि, छत्तीसगढ़ संस्कृति को सहेजने की जब भी बात होगी याद किए जाएंगे शिक्षक सुभाष

बालोद के सभी ब्लाक के पदाधिकारियों ने मौन रखकर दी श्रद्धांजलि

छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़ी कला साहित्य के क्षेत्र जाना माना नाम शिक्षक सुभाष बेलचंदन के निधन पर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के सेनानियों ने श्रद्धांजलि दी। सुभाष बेलचंदन छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं को बचाने के लिए खुलकर अपना विचार रखते थे। वह छत्तीसगढ़ी गेंड़ी नृत्य को बचाने के लिए लगातार नवयुवकों को गेंड़ी नृत्य सिखाते थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस कला को कई राज्यों में अपनी टीम के साथ जाकर प्रस्तुत किया। यही वजह है कि आज उनके निधन पर पूरे छत्तीसगढ़ में शोक की लहर फैल गई।

सिर्फ शिक्षक नहीं थे सुभाष, धरोहर की सुरक्षा में डटे एक सेनानी थे – बघेल

शिक्षक सुभाष बेलचंदन के अंतिम संस्कार कार्यक्रम दुर्ग जिला के नेवई में रखा गया। जहां श्रद्धांजलि देने दुर्ग, भिलाई और बालोद के छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के सेनानी मौके पर पहुंचे थे। दुःख संवेदना प्रकट करते हुए छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेशाध्यक्ष श्री अमित बघेल ने कहा कि बहुत कम लोग होते हैं जो बहुत सारी जिम्मेदारी एक साथ उठा पाते हैं। सुभाष बेलचंदन सिर्फ एक शिक्षक नहीं थे। वह एक ऐसे सेनानी थे जो छत्तीसगढ़ के लोगों को अपनी संस्कृति अपनी धरोहर बचाने के लिए लगातार जागरूक करते रहते थे। बच्चों को पढ़ाने का तरीका भी अलग था। बहुत ही कम समय में भगवान ने उन्हें अपने पास बुला लिया। उनका जाना छत्तीसगढ़िया समाज के लिए बहुत बड़ी छति है।

वनांचल गेंड़ी नृत्य को सहेजने की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़िया समाज की

प्रदेशाध्यक्ष श्री अमित बघेल ने कहा कि वनांचल गेंड़ी नृत्य को अब सहेजने की जिम्मेदारी सुभाष के शिष्यों की है। सुभाष के उद्देश्यों को पूर्ण मूर्त रूप देने की जिम्मेदारी सर्व छत्तीसगढ़िया समाज और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना की है। 

बालोद, दल्ली, लोहारा और गुरुर में दिया गया श्रद्धांजलि

सुभाष बेलचंदन वर्तमान में चिलमगोटा लोहारा में शिक्षक के रूप में पदस्थ थे। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिला संयोजक शशिभूषण चंद्राकर ने श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि कोरोना काल की वजह से अपने-अपने गांव और ब्लॉक से छोटी-छोटी टुकड़ियों में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिला सहसंयोजक चंद्रभान साहू ने बताया कि बेलचंदन जी कोरोना से जूझ रहे थे। संजय सोनी ने बताया कि बेलचंदन गुरुजी की लोकप्रियता ऐसी थी कि हर व्यक्ति उन्हें गुरूजी करके ही संबोधित करते थे।

इन लोगों ने दी श्रद्धांजलि –
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना रायपुर से प्रदेश उपाध्यक्ष यशवंत वर्मा, प्रदेश महामंत्री भूषण साहू, प्रदेश आईटी सेल प्रभारी देवेन्द्र नेताम, दुर्ग से जिला अध्यक्ष अरुण गंधर्व, दीपचंद वर्मा, कामेश साहू, बालोद से जिला संयोजक शशिभूषण चंद्राकर, चंद्रभान साहू, सतीश रजक, ललित कांवरे, संजय सोनी, देवेन्द्र साहू, राजू साहू, केदार साहू, सुभाष साहू, करन निषाद, दीपक यादव, टेकराम साहू, उत्तम साहू, सोनू सार्वा, दानी साहू, राजहरा से शेखर भुआर्य, नीरज ठाकुर, दीपक सहारे, गुरुर से झम्मन हिरवानी, जगन्नाथ साहू, पुष्पेन्द्र गंगबेर, वेद देवांगन, पोषण साहू, गुंडरदेही से रेमन साहू, अभिषेक यादव, विक्राल साहू, योगेश साहू, अर्जुन्दा से डी देशमुख, करन निषाद, लोहारा से आदित्य साहू, सिवार्ध कुमार ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

आदिवासी ब्लॉक मुख्यालय में वर्तमान परिस्थितियों में ऑक्ससीजन के महत्व को समझते आज विश्व पृथ्वी दिवस के मौका पर प्रशासन एवं रेडक्रास टीम द्वारा फलदार पौधों का रोपण किया गया

Nbcindia24/ ओम गोलछा डौंडी- शासकीय आवासीय परिसर नगर पंचायत डौंडी में नायाबतहसीलदार विनय कुमार देवांगन तथा उपअभयंता लोकेश वर्मा जनपद पंचायत डौंडी के नेतृत्व में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर रिस्टोर द अर्थ थीम पर पौधारोपणकर नीबूं ,कटहल,आंवला,आम,मुनगा फूल व फलदार वृक्षों का रोपण कर आक्सीजोन क्षेत्र का निर्माण किया जा रहा है ।इस अवसर पर विनय देवांगन व लोकेश वर्मा का कहना है की हमें आज के कोविड 19 के परिदृश्य ने इस दिवस की महत्व को समझा दिया है कि हमें प्रकृति के साथ छेड़छाड़ कितनी मंहगी पड़ सकती है अतः यह हम सब की जिम्मेदारी है कि हमें एक दिन ही नहीं पूरे जीवन काल में आवश्यकता अनुसार पेड़ पौधों का रोपण कर,स्वच्छता अभियान में योगदान देकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना होगा व विश्व के पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर पृथ्वी को बचाने अनुकरणीय पहल करने होंगे।तथा इस कार्य में व्याख्याता सह विकासखंड रेडक्रॉस प्रभारी संजय बंजारे व जिला रेडक्रास संगठक चंद्रशेखर पवार अपनी सहभागिता व सहयोग दे रहे है।काउंसलर संजय बंजारे का अपने विद्यार्थियों और समाज से अपिल है की आज के वर्तमान परिदृश्यों शमशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए 18- 18 घंटे घंटे का लंबा इंतजार व पुरानी कब्रो को खोदकर नये शवों का दफनाना ,चिताओं के ठंडी होने से पहले उन्हें बुझा दी जा रही है ताकि और अंतिम संस्कार किया ज सके ,मनुष्यों में आक्सीजन लेवल की कमी से अकाल मौत के मुंह में समा जाना इस बात का संकेत है कि इस समय की गई लापरवाही आने वाली पीढियों को भी संकट में डा सकती है इसे सबक लेते हुए ।

इस वैश्विक समस्याओं के समाधान हेतु पर्यावरण को समर्पित विश्व के सबसे बडे़ नागरिक आंदोलन विश्व पृथ्वी दिवस वार्षिक कार्यक्रम में में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जन स्वास्थय को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पृथ्वी को स्वच्छ बनाने के संकल्प लेकर वृक्षारोपण कै बढावा, औजोन परत सरंक्षण मे कमी ,ग्लोबल वार्मिंग में कमी, प्रदूषण नियंत्रण में,ग्रीनहाउस प्रभाव, ,जैविक कृषि ,जैविक खाद ,प्लास्टिक प्रतिबंध, पलारी दहन मे कमी के समापनकी दिशा सहयोग व ऊर्जा सरंक्षण जैसे पावन कार्यों में अनिवार्यतः अपना योगदान देकर पर्यावरण संरक्षण के दिशा में पहल करना होगा।

आज रामनवमी का दिन विशेष महत्व होता हैं मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु आज ही के दिन त्रेतायुग में रावण के अत्याचार को समाप्त करने व हिंदू धर्म की पुण: स्थापना करने श्री राम का अवतार लिया था।

Nbcindia24/ हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी चैत्र मास की शुक्ल पक्ष नवमी को आज रामनवमी मनाई जा रही है. इसी दिन मर्यादा-पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जी दशरथ के घर में जन्मे थे. श्री राम चन्द्र का जन्म चैत्र शुक्ल की नवमी के दिन पुनर्वसु नक्षत्र तथा कर्क लग्न में हुआ था. वे रानी कौशल्या की कोख से जन्मे थे. तब से जन्मोत्सव के रूप में यह पर्व मनाने की परंपरा है. जो इस वर्ष भी आज 21 अप्रैल, 2021, बुधवार को मनाई जा रही है.

मान्यताओं के अनुसार त्रेतायुग में रावण के अत्याचार को समाप्त करने व हिंदू धर्म की पुण: स्थापना करने हेतु भगवान विष्णु ने श्री राम अवतार लिया था

आपको बता दें कि बुधवार 13 अप्रैल से चैत्र नवरात्र की शुरूआत हुई. जो आज नवमी तिथि पर मां दुर्गा के 9वें स्वरूप यानी सिद्धिदात्री की उपासना के साथ समाप्त हो जायेगी. नवमी का महत्व राम नवमी के कारण भी और बढ़ जाता है.

इस दिन को बेहद शुभ माना गया है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन कोई भी मांगलिक कार्य शुरू करना बेहद लाभकारी होता है. यही वजह है कि अधिकांश लोग गृह प्रवेश, दुकान की ओपनिंग समेत अन्य पूजा-पाठ इस दिन से करते हैं.

हालाकी बीते वर्ष कोविड-19 प्रकोप चलते लगे लॉक डाउन की वजह से भक्त रामनवमी को पूरे उत्साह के साथ नही मना पाए और ना ही मंदिरों में भक्तों का तांता लग पाया. वहीं इस वर्ष भी दूसरे चरण में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए. बालोद जिला सहित छत्तीसगढ़ के कई जिलों में लॉक डाउन लगा हुआ है. जिसके चलते मंदिरों में पुजारी के अलावा भक्तजनों का प्रवेश वर्जित किया गया है. जिस वजह से भक्त मंदिर में ना जा घर पर ही रहकर पूजा अर्चना कर रहे है।

वर्तमान परिवेश में विरले ही ऐसे दृश्य देखने को मिलता है. जिसे देख आपके मन में भी बस एक ही ख्याल आयेगा कि काश…?

https://youtu.be/GzPIy_CRy-k

दरअसल इन दिनों सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक ऑफिस से निकलते पुलिस की वर्दी में इस शख्स को गुलाब की पंखुड़ियों से सम्मान किया जा रहा, यह कौन और कहाँ का है अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है और ना ही कब और कहां इस वीडियो को बनाया गया है यह भी अभी जानकारी नहीं है लेकिन वाकई में अगर यह सख्स पुलिस अधिकारी है तो यह बताने की जरूरत नहीं की इनकी शख्सियत क्या है…?

भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में रिद्धिमा सोनी जिले में प्रथम

Nbcindia24/ Balod- अर्जुन्दा । गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में कु रिद्धिमा सोनी, कक्षा सातवी, प्रियदर्शिनी पब्लिक स्कूल अर्जुन्दा, जिला बालोद द्वारा जिला स्तरीय प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त की है।

गायत्री शक्तिपीठ गुरूर में आयोजित जिला स्तरीय सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि सदाशिव हथमल, विशिष्ट अतिथि गुरूर बीइओ यूएस नागवंशी, वरिष्ठ कोषालय अधिकारी बेमेतरा पीएल सपहा, जिला संयोजक वीएस अठनागर, रामपाल तिवारी, परीक्षा संयोजक मिलन सिन्हा के द्वारा रिद्धिमा सोनी को 500/- नगद, प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

उनके इस उपलब्धि पर संस्था प्राचार्य जीएल सिन्हा, केएल यादव, एचएल साहू, डीआर देवांगन, एनके देशमुख, डीके सिन्हा, टीके साहू, सीएस सोनी, श्रीमती आर देशमुख, डडसेना मेडम, संध्या जोशी, एच पटेल, डी डडसेना, टीसी पटेल, एमके देशमुख सहित, नगर के गणमान्य नागरिकों, परिजनों व मित्रगणों द्वारा बधाई दिया गया है।

कल 20 मार्च को मितान लोक महोत्सव, एक ही मंच पर प्रस्तुति देंगे कई दिग्गज कलाकार।

भव्य होगा महोत्सव, लोकरंग, रंग झरोखा, कारी बदरिया, जंवारा, सोनहा बादर, संगी के मया, लोक सृजन, झेंझरी महल और गम्मतिहा की एक साथ प्रस्तुतियां 

बालोद – जिले में पहली बार लोक कलाकारों के द्वारा लोक कला महोत्सव मितान का आयोजन गुंडरदेही के बुधवारी बाजार में किया गया है। 20 मार्च को होने वाले इस आयोजन में लोकरंग, रंग झरोखा, कारी बदरिया, जंवारा, सोनहा बादर, संगी के मया, लोक सृजन, झेंझरी महल और गम्मतिहा की प्रस्तुतियां देखने को मिलेगी। आयोजन समिति से जितेंद्र साहू ने बताया कि कार्यक्रम शाम 6 बजे से शुरू हो जाएगा। इस कार्यक्रम में कविता वासनिक, गोरेलाल बर्मन, कुलेश्वर ताम्रकार, विष्णु कश्यप, महादेव हिरवानी, संतोष थापा जैसे ख्याति प्राप्त कलाकार को आमंत्रित किए गए हैं।

इन कलाकारों का होगा सम्मान

मितान छत्तीसगढ़ी लोक कलाकार कल्याण संघ के द्वारा राजनांदगांव के अध्यक्ष मितान के राजेश मारु, साहित्यकार जगदीश देशमुख, कवि एवं लोकगायक सीताराम साहू, नाचा कलाकार मोतीलाल हिरवानी, महुआ झरे गीतकार हर्ष कुमार (बिंदू), संस्कृति कर्मी बीरेन्द्र बहादुर सिंह, संचालक चंदैनी गोंदा दीपेश साव, संचालक गोदना कोहका  रामशरण वैष्णव, संचालक धरती के सिंगार महेश्वर दास साहू, लोक कलाकार गुरुर बेनु सेन, मोर मयारु संगी टेडेसरा नरेंद्र साहू, मयारु मैना राजनांदगांव वीरू साह, रजनीगंधा मचानपार तोषदास साहू, कलश  राजनांदगांव विनोद गौतम, झंकार  राजनांदगांव मनोहर यादव, लोकतिहार  छुरिया दीपक महोबिया, लोक कलाकार संदीप देशमुख, छत्तीसगढ़ महतारी सोमनी संतोषी नेताम, नवरंग बाबूटोला राजू मंडले, रचनाकार मुन्ना बाबू, उद्घोषक रामकुमार साहू का सम्मान किया जाएगा।