बालोद बड़ी कार्रवाई: डीजल चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड सहित 9 और आरोपी गिरफ्तार

बालोद (छत्तीसगढ़)। बालोद जिला पुलिस ने क्षेत्र में लगातार हो रही डीजल चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाते हुए एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ट्रकों और बसों से डीजल उड़ाने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मामले में तत्परता से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गिरोह के 09 और सक्रिय आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गौरतलब है कि इस मामले में पूर्व में भी 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

इस प्रकार इस हाईप्रोफाइल मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि इनके कब्जे से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के नंबरों वाले कुल 6 लग्जरी व भारी वाहन जप्त किए जा चुके हैं।

हाईटेक तरीके से देते थे वारदात को अंजाम, लाखों का माल जप्त

पुलिस टीम ने इस बार की छापेमारी और धरपकड़ के दौरान आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में गाड़ियां और नगदी बरामद की है। जप्त किए गए सामानों की सूची इस प्रकार है:

  • लग्जरी वाहन: मध्य प्रदेश पासिंग की दो स्कार्पियो कारें (MP 53 CA 1629 और MH 04 DY 0004)।

  • भारी वाहन: गणेश राम साव से चोरी का डीजल खरीदकर ले जाने वाला एक विशाल टैंकर वाहन (CG 19 H 0321)।

  • अन्य सामग्रियां: 37 नग प्लास्टिक के खाली गेलन (जिसमें डीजल भरा जाता था), 03 नग मोबाइल फोन और ₹40,000 नगद।

बता दें कि इससे पहले 13 जून 2026 को की गई नाकेबंदी के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा था, जिनसे एक स्विफ्ट डिजायर कार, सूमो गोल्ड, एक स्कार्पियो और 490 लीटर चोरी का डीजल बरामद किया गया था, जिसकी कुल कीमत ₹5,51,000 आंकी गई थी।

उरला (रायपुर) के किराए के मकान में दी दबिश, खुला ‘कमीशन का खेल’

13 जून को हुई शुरुआती गिरफ्तारी के बाद से ही कई आरोपी फरार चल रहे थे। साइबर सेल और थाना बालोद की संयुक्त टीम ने मुखबिरों और तकनीकी इनपुट के आधार पर जाल बिछाया। पुलिस को सूचना मिली कि गिरोह के बाकी सदस्य रायपुर के उरला क्षेत्र में एक किराए का मकान लेकर छिपे हुए हैं। पुलिस ने तत्काल वहां दबिश देकर 7 आरोपियों को हिरासत में लिया।

पूछताछ और मेमोरेंडम कथन में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। मुख्य आरोपी सोनू वाल्मिकी ने बताया कि कुछ साल पहले मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के दुपवाड़ा गांव के ‘क्रिश’ नामक व्यक्ति ने उसे इस धंधे से जोड़ा था। क्रिश ने बताया था कि भिलाई (सुपेला) का रहने वाला गणेश साव और उसके साथी चोरी का डीजल ऊंचे दामों पर खरीदते हैं और मोटी रकम के साथ तगड़ा कमीशन देते हैं।

चोरी का तरीका: गणेश साव ही इन चोरों को बकायदा डीजल चोरी करने के लिए बड़े-बड़े प्लास्टिक के गेलन और पाइप उपलब्ध कराता था। आरोपी अपनी पहचान छिपाने और पुलिस को चकमा देने के लिए स्विफ्ट डिजायर और स्कार्पियो जैसी लग्जरी कारों का इस्तेमाल करते थे। इन कारों से वे लाटाबोड़, नेवारीखुर्द, जगतरा, अर्जुन्दा और कुम्हारी जैसे इलाकों में घूमते थे और रात के अंधेरे में सड़क किनारे खड़ी ट्रकों व बसों की टंकी का ताला तोड़कर मिनटों में डीजल पार कर देते थे।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची:

हाल ही में गिरफ्तार आरोपी (17 जून 2026):

  1. सोनू वाल्मिकी (उम्र 35 वर्ष) – निवासी: शाजापुर (म.प्र.)

  2. गणेश साव (उम्र 48 वर्ष) [मुख्य खरीदार] – निवासी: कैम्प-01 शास्त्री नगर, भिलाई (छ.ग.)

  3. अरूण फुलेरिया (उम्र 22 वर्ष) – निवासी: दुपाड़ा, शाजापुर (म.प्र.)

  4. तुषार माली (उम्र 29 वर्ष) – निवासी: नरवल, उज्जैन (म.प्र.)

  5. राहुल चंदेल (उम्र 28 वर्ष) – निवासी: दुपाड़ा, शाजापुर (म.प्र.)

  6. राकेश चंदेल (उम्र 22 वर्ष) – निवासी: दुपाड़ा, शाजापुर (म.प्र.)

  7. होकम सिंह मालवी (उम्र 50 वर्ष) – निवासी: दुपाड़ा, शाजापुर (म.प्र.)

  8. विरेन्द्र सिंह (उम्र 39 वर्ष) [टैंकर मालिक/खरीदार] – निवासी: उरला, रायपुर (छ.ग.)

  9. धरमराज फुलेरिया (उम्र 19 वर्ष) – निवासी: दुपाड़ा, शाजापुर (म.प्र.)

पूर्व में जेल भेजे जा चुके आरोपी (13 जून 2026):

  1. शिवपाल उर्फ शिवा वाल्मिकी (उम्र 19 वर्ष) – निवासी: शाजापुर (म.प्र.)

  2. देवेन्द्र विश्वकर्मा (उम्र 25 वर्ष) – निवासी: शाजापुर (म.प्र.)

बड़े अफसरों के निर्देशन में बनी थी स्पेशल टीम

क्षेत्र में लगातार हो रही डीजल चोरी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक (IG) दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य एवं पुलिस अधीक्षक (SP) बालोद योगेश पटेल के कड़े निर्देशन में एक विशेष रणनीति तैयार की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी (SDOP) बालोद बोनीफॉस एक्का के पर्यवेक्षण में इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा (थाना प्रभारी बालोद) और साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई थी। मामले के सभी पहलुओं, गवाहों के बयानों और मेमोरेंडम के आधार पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर 17 जून को गिरफ्तार किया गया और 18 जून 2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल (न्यायिक रिमांड) भेज दिया गया है।

Nbcindia24

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