रिपोर्ट- राकेश कुमार मिश्रा पेंड्रा
“अब और इंतजार नहीं”— सुरक्षित पेंड्रा और सुगम यातायात के लिए सड़क पर पत्रकार और जनमानस
वर्षों से लंबित स्वीकृत पेंड्रा बाईपास निर्माण की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेने जा रही है। जिला प्रेस क्लब, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के बैनर तले 10 जुलाई 2026 से पेंड्रा के दुर्गा चौक में अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल एवं जनआंदोलन प्रारंभ हो गया है । आंदोलन का उद्देश्य शासन-प्रशासन का ध्यान लंबे समय से लंबित 13 किलोमीटर पेंड्रा बाईपास निर्माण की ओर आकर्षित कर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराना है।
प्रेस क्लब पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा पेंड्रा बाईपास का शिलान्यास किया गया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इसके कारण आज भी राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले भारी वाहन नगर के बीचों-बीच से गुजरते हैं, जिससे लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में बनी हुई है।
आंदोलन के माध्यम से शासन से मांग की जाएगी कि स्वीकृत बाईपास के लिए तत्काल आवश्यक बजट जारी किया जाए, निर्माण कार्य प्रारंभ करने की निश्चित समय-सीमा घोषित की जाए, परियोजना की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए तथा बाईपास बनने तक नगर क्षेत्र में भारी वाहनों के आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।
जिला प्रेस क्लब ने जिले के सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संगठनों, किसान संगठनों, कर्मचारी संगठनों, महिला संगठनों, युवा संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं जागरूक नागरिकों से इस जनहित के आंदोलन में सहभागी बनने की अपील की है। आंदोलन के तहत प्रतिदिन एक संगठन या समूह क्रमिक भूख हड़ताल में शामिल होकर अपना समर्थन देगा, ताकि जनआंदोलन निरंतर जारी रहे और क्षेत्र की इस बहुप्रतीक्षित मांग को मजबूती मिल सके।
प्रेस क्लब का कहना है कि यह किसी संगठन विशेष का आंदोलन नहीं, बल्कि पेंड्रा की जनसुरक्षा, सुगम यातायात और क्षेत्र के समग्र विकास का अभियान है। उन्होंने सभी नागरिकों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस जनहित की लड़ाई में शामिल होने और पेंड्रा के सुरक्षित एवं विकसित भविष्य के लिए अपना सहयोग देने का आह्वान किया है।
आंदोलन के माध्यम से जिला प्रेस क्लब ने शासन-प्रशासन के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें स्वीकृत पेंड्रा बाईपास परियोजना के लिए तत्काल आवश्यक बजट स्वीकृत कर निर्माण कार्य शुरू किया जाए, बाईपास निर्माण की स्पष्ट समय-सीमा घोषित की जाए, परियोजना की प्रगति की नियमित निगरानी कर उसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए, तथा बाईपास निर्माण पूर्ण होने तक नगर क्षेत्र में भारी वाहनों के आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके












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