Breaking
शनि. मई 16th, 2026

CG: अवैध रेत उत्खनन के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, 12 हाइवा वाहन रुकवाए

अनियंत्रित रेत से भरा ट्रेलर पेड़ और खंभे से टकराया, ट्रेलर के उड़े परखच्चे

 राकेश मिश्रा ​पेंड्रा/ जिले के  दुबटिया कुडकई गांव में बीती देर रात एक भीषण सड़क हादसा घटित हुआ, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। रेत से लदा एक तेज रफ्तार ट्रेलर अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे जबरदस्त ढंग से दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

चश्मदीदों के अनुसार, अनियंत्रित ट्रेलर की रफ्तार इतनी अधिक थी कि वह सबसे पहले एक विशाल पेड़ से टकराया और उसके बाद रास्ते में आने वाले बिजली के खंभे और तारों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त करते हुए पलट गया।

​हादसा इतना भयानक था कि ट्रेलर के परखच्चे उड़ गए और वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। इस टक्कर के कारण बिजली के खंभे और हाई-टेंशन तार टूटकर जमीन पर आ गिरे, जिससे दुबटिया कुडकई और आसपास के ग्रामीणों इलाकों की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। गनीमत यह रही कि इतने भीषण हादसे के बावजूद चालक की जान बच गई और उसे केवल मामूली चोटें आई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और प्रशासन को इसकी सूचना दी। फिलहाल बिजली विभाग की टीम टूटे हुए तारों और खंभों की मरम्मत में जुटी है ताकि क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति को दोबारा बहाल किया जा सके।

BALOD: जंगल में मिली सड़ी-गली लाश, कही हत्या तो नहीं

छत्तीसगढ़ में साड़ी वितरण पर सियासत तेज: गुणवत्ता पर सवाल

छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित की गई साड़ियों को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। साड़ी वितरण योजना की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद अब यह मामला सियासी रंग ले चुका है।

राज्य के कई जिलों से शिकायतें सामने आई हैं कि वितरित की गई साड़ियाँ खराब क्वालिटी की हैं और उपयोग के लायक नहीं हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि साड़ियों का कपड़ा कमजोर है और उनका आकार भी मानक के अनुसार नहीं है।

इन आरोपों के बीच महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सफाई देते हुए कहा कि सभी साड़ियाँ खराब नहीं हैं, लेकिन कुछ जगहों से गुणवत्ता को लेकर शिकायतें जरूर मिली हैं। वही मंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कांग्रेस के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उनके समय भी साड़ी वितरण में भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “कांग्रेस शासन में जो साड़ियाँ आती थीं, वे पहनने लायक नहीं होती थीं, बल्कि मछली पकड़ने के काम आती थीं।”

वहीं, कांग्रेस ने मंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए वर्तमान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है और लगभग हर विभाग में कमीशनखोरी हो रही है।

कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जो साड़ियाँ दी गई हैं, उनकी लंबाई करीब 4.5 मीटर है, जबकि सामान्य साड़ी की लंबाई 5.5 से 6 मीटर होती है। ऐसे में महिलाएं इन साड़ियों का उपयोग सही तरीके से नहीं कर पा रही हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकारी खरीद में बड़े स्तर पर अनियमितता और कमीशनखोरी हो रही है।

फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर और घमासान देखने को मिल सकता है।

जहां गूंजी थीं गोलियां, अब गूंजा भारत माता की जय का नारा सम्मानः ताड़मेटला में शहीद स्मारक का लोकार्पण  

76 शहीदों की स्मृति में बना गौरव स्मारक, सीआरपीएफ डीजी ने किया उद्घाटन

नक्सलवाद के काले साये से आज़ाद हुआ सुकमा: ताड़मेटला में शहीदों की याद में बना स्मारक

 

सुकमा धर्मेन्द्र सिंह

सुकमा जिले के ताड़मेटला क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो बदलते बस्तर और जीतते लोकतंत्र की कहानी बयां कर रही है। सोमवार को ताड़मेटला में उन 76 वीर जवानों की स्मृति में नवनिर्मित शहीद स्मारक का उद्घाटन किया गया, जिन्होंने 2010 के भीषण नक्सली हमले में देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।

दहशत के केंद्र में अब ‘शौर्य’ का प्रतीक

यह वही ताड़मेटला है, जिसे कभी नक्सलियों का अभेद्य किला माना जाता था। इसी क्षेत्र के पास सुकमा के पहले कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन को नक्सलियों ने बंधक बनाकर रखा था, जिससे पूरा देश दहल उठा था। लेकिन आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं।

कलेक्टर की मौजूदगी: विकास की नई दस्तक

नक्सल मुक्त होने के बाद पहली बार वर्तमान कलेक्टर अमित कुमार स्वयं इस संवेदनशील क्षेत्र में पहुँचे। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी

 

यह स्मारक हमारे जवानों के अदम्य साहस और ग्रामीणों के विश्वास की जीत है। सुकमा अब विकास और शांति की नई इबारत लिख रहा है।”

 

ऐतिहासिक संदर्भ: 2010 के हमले में शहीद हुए 76 जवानों को समर्पित।

सफलता: सुरक्षाबलों के निरंतर प्रयास से ताड़मेटला अब नक्सलियों के प्रभाव से मुक्त।

प्रशासनिक पहुँच: सालों बाद किसी उच्च अधिकारी का बिना किसी बड़े सैन्य तामझाम के गाँव पहुँचना क्षेत्र में लौटी शांति का प्रमाण है।

अब सुकमा की पहचान गोलियों की गूँज से नहीं, बल्कि विकास की पदचापों से हो रही है। ताड़मेटला का यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को जवानों की शहादत और क्षेत्र की बहादुरी की याद दिलाता रहेगा।

 

 

सुकमा जिले के ताड़मेटला इलाके में 2010 में नक्सली हमले में जान गंवाने वाले 76 सुरक्षाकर्मियों को समर्पित एक शहीद स्मारक का उद्घाटन सोमवार को किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।इस शहीद स्मारक का लोकार्पण छत्तीसगढ़ को सशस्त्र नक्सलियों से मुक्त घोषित किए जाने के लगभग एक सप्ताह बाद किया गया है।अधिकारियों ने बताया कि यह स्मारक हमले वाली जगह के करीब, गडगडमेटा गांव में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) शिविर के नजदीक बनाया गया है। उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, राज्य के अतिरिक्त महानिदेशक (नक्सल विरोधी अभियान) विवेकानंद सिन्हा, पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर क्षेत्र) सुंदरराज पट्टिलिंगम और सीआरपीएफ, राज्य पुलिस तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने हमले की बरसी पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और औपचारिक रूप से इस स्मारक को जनता को समर्पित किया।सबसे

घातक सुरक्षा हमलों में से एक06 अप्रैल 2010 को तत्कालीन दंतेवाड़ा जिले (यह इलाका अब सुकमा जिले में आता है) के गडगडमेटा और ताड़मेटला गांवों के मध्य जंगलों में हुए एक नक्सली हमले में 76 सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई थी। इनमें सीआरपीएफ की 62वीं बटालियन के 75 जवान और राज्य पुलिस का एक हवलदार शामिल था। यह देश में सुरक्षा बलों पर हुए सबसे घातक हमलों में से एक था। सुंदरराज ने बताया कि जिला प्रशासन, राज्य पुलिस और सीआरपीएफ ने मिलकर इस स्मारक का निर्माण किया है। उन्होंने बताया कि सुकमा सहित सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास के लिए स्थानीय पुलिस, सीआरपीएफ, अन्य केंद्रीय सशस्त्र बलों और स्थानीय निवासियों ने सर्वोच्च बलिदान दिए हैं। छत्तीसगढ़ को विशेष रूप से चार दशकों से भी अधिक समय से वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से जूझ रहे बस्तर क्षेत्र को 31 मार्च को सशस्त्र माओवादियों से मुक्त घोषित कर दिया गया।

 

 

CG:आम चोरी के आरोप में नाबालिग को तालिबानी सजा..? Video वायरल

नाबालिग से बेरहमी: सिक्योरिटी गार्ड पर पटक-पटक कर मारने का आरोप, वीडियो वायरल

बलौदाबाजार जिले से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग बच्चे के साथ कथित रूप से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना रवान स्थित अंबुजा अडानी सीमेंट प्लांट की है।

आरोप है कि प्लांट में तैनात एक सिक्योरिटी गार्ड ने नाबालिग बच्चे को बेरहमी से उठाकर जमीन पर पटक-पटक कर मारा। वायरल वीडियो में युवक को बार-बार उठाकर पटकते हुए देखा जा सकता है, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।

 सोशल मीडिया में वायरल वीडियो👆

घटना के बाद परिजन सिटी कोतवाली थाना पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। घायल नाबालिग को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

पीड़ित नाबालिग के बड़े भाई का आरोप है कि उसके भाई को “आम तोड़ने” की वजह से सिक्योरिटी गार्ड द्वारा तालिबानी अंदाज में सजा दी गई। आरोप है कि गार्ड ने बच्चे को बार-बार उठाकर जमीन पर पटकते हुए बुरी तरह पीटा।

इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्या इस पूरे मामले के लिए कंपनी जिम्मेदार है, या फिर यह सिक्योरिटी गार्ड की व्यक्तिगत क्रूरता का मामला है? फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

बालोद में दर्दनाक हादसा: महिलाओं से भरी पिकअप पलटी, 2 की मौत, 18 घायल

बालोद | बिग ब्रेकिंग
जिले के मनचुवा थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। छट्ठी (नामकरण) कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रही महिलाओं से भरी पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें 2 महिलाओं की मौके और अस्पताल में मौत हो गई, जबकि ड्राइवर और 2 मासूम बच्चों समेत 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए

यह हादसा भंवरमरा गांव के पास हुआ, जहां वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर ही मानबाई (65 वर्ष) ने दम तोड़ दिया, जबकि दूसरी महिला नंदनी बाई (40 वर्ष) ने अस्पताल पहुंचने के बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार, सभी लोग गोटाटोला थाना क्षेत्र के पददेटोला गांव से पिकअप में सवार होकर खड़बत्तर गांव में आयोजित छट्ठी कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम के बाद वापस अपने गांव लौटते समय यह हादसा हो गया।

घटना के बाद सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डौंडीलोहारा लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायलों को हायर सेंटर राजनांदगांव रेफर किया गया है।

मनचुवा पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है।

रंजिश का खूनी अंजाम: युवक पर चाकू से हमला, हायर सेंटर रेफर

बालोद जिले में चाकूबाजी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। पुरानी रंजिश के चलते 26 वर्षीय युवक हितेश्वर यादव पर 4 से 5 लोगों ने प्राणघातक हमला कर दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 6 बजे आरोपियों ने युवक को अकेले में बुलाया और उस पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में युवक के गले और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं।

घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल बालोद में भर्ती कराया गया, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है।

यह पूरा मामला बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम मटिया बी का बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

जिंदगी और सिस्टम के बीच 17 KM की दूरी

राहुल ठाकुर गरियाबंद

गरियाबंद जिले में स्वास्थ्य विभाग की बदहाली का आलम इस तस्वीर से साफ झलकता है।


तस्वीरें बेहद चिंताजनक हैं। गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के दूरस्थ अंचल में बसे भालुडिग्गी गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं नाम मात्र की भी नहीं हैं।

यही वजह है कि ग्रामीणों को 17 किलोमीटर की कठिन और दुर्गम पहाड़ी, कंटीले जंगलों को पार कर बीमार मन्नू नेताम को खाट-कांवड़ नुमा बिस्तर में लादकर पैदल ले जाना पड़ा। ग्रामीण किसी तरह 17 किलोमीटर का सफर तय कर कुल्हाड़ीघाट पहुंचे।

समय रहते सरकारी एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण मरीज को निजी वाहन से मैनपुर स्थित स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे गरियाबंद जिला अस्पताल रेफर कर भर्ती किया गया।

एक तरफ केंद्र और राज्य सरकारें मुफ्त चिकित्सा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती हैं, वहीं दूसरी ओर यह तस्वीर उन दावों की हकीकत बयां करती है। यह साफ दर्शाता है कि सरकारी दावे केवल कागजों और वाहवाही तक ही सीमित रह जाते हैं।

बहरहाल, क्षेत्र के विधायक जनक राम ध्रुव ने भी सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इलाके में सड़क, शिक्षा, पानी और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर कई बार आमजन और जनप्रतिनिधियों द्वारा मांग और प्रदर्शन किए गए, लेकिन अब तक इन मांगों पर न तो अमल हुआ और न ही ग्रामीणों की सुध ली गई।

नतीजा सबके सामने है। अब इसे सिस्टम की नाकामी कहें या जिम्मेदारों का गैर-जिम्मेदाराना रवैया।

वहीं इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी यू.एस. नवरत्न का कहना है कि भालुडिग्गी एक दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र है, जहां न सड़क है और न ही मोबाइल कनेक्टिविटी। यही कारण है कि वहां एम्बुलेंस या 108 वाहन का पहुंचना संभव नहीं है। उन्होंने जल्द ही पहाड़ी के नीचे बसे गांव कुल्हाड़ीघाट में स्थायी रूप से 108 एम्बुलेंस तैनात करने की बात कही है।

फिलहाल, बीमार मन्नू राम नेताम का इलाज गरियाबंद जिला अस्पताल में जारी है।

BALOD BREAKING: युवती की बेरहमी से हत्या? पराली के साथ जला मिला शव

बालोद | अर्जुंदा थाना क्षेत्र

बालोद जिले के अर्जुंदा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चीचा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां पराली के ढेर में एक युवती का जला हुआ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है।

मृतका की पहचान 21 वर्षीय लिलेश्वरी साहू के रूप में हुई है, जो उसी गांव की निवासी बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने जब पराली के पास जला हुआ शव देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही अर्जुंदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

प्राथमिक जांच में युवती की हत्या कर शव को जलाने की आशंका जताई जा रही है। शव बुरी तरह से जला हुआ है, जिससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ साइबर क्राइम टीम और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने में लगे हैं। पुलिस हर एंगल से जांच की जा रही है।