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शनि. मई 16th, 2026

रिश्तेदारों ने ही रची चोरी की साजिश: 2.21 लाख के जेवर और नगदी पार, 6 आरोपी गिरफ्तार

डौण्डीलोहारा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, रिश्ते के भाइयों ने दिया था वारदात को अंजाम

 

बालोद जिले के डौण्डीलोहारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कसही में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। खास बात यह है कि चोरी की इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी पीड़ित के रिश्तेदार ही निकले।

 

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी नेमीचंद साहू अपने परिवार के साथ 20 जून 2025 को अपने पुराने गांव तिलईरवार गए हुए थे। अगले दिन जब वे वापस लौटे तो घर का ताला टूटा मिला और कमरे में रखी आलमारी का लॉकर भी टूटा हुआ था। अज्ञात चोरों ने घर से सोने-चांदी के जेवरात और नगदी पार कर दी थी।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल के निर्देशन में टीम गठित कर जांच शुरू की गई। विवेचना और साइबर सेल की मदद से संदिग्धों तक पहुंच बनाई गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रार्थी के रिश्तेदार खिलेन्द्र साहू उर्फ बंटी और महेश साहू उर्फ महेशू ने ही इस चोरी की साजिश रची थी।

 

दोनों आरोपियों को घर की पूरी जानकारी पहले से थी। उन्होंने मौका देखकर मोटरसाइकिल से ग्राम कसही पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया और चोरी का सामान ग्राम तिलईरवार में छिपा दिया। बाद में कुछ सामान को अन्य आरोपियों के माध्यम से बेचने की कोशिश भी की गई।

 

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने का लॉकेट, दो जोड़ी झुमके, मंगलसूत्र, सोने का हार, पांच जोड़ी चांदी के पायल, चांदी के सिक्के, मोबाइल फोन समेत कुल करीब 2 लाख 21 हजार रुपये के जेवर और 28,500 रुपये नगद बरामद किए हैं।

 

इस मामले में पुलिस ने कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं।

 

पुलिस की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मुकेश सिंह सहित पूरी टीम और साइबर सेल की अहम भूमिका रही।

बालोद में ‘मुरुम घोटाला’! किसानों के श्रमदान पर फर्जी बिल, 3.17 लाख की बंदरबांट का आरोप

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों की मेहनत और श्रमदान से तैयार हुए धान खरीदी केंद्र को कागजों में ‘घोटाले’ में बदल देने का आरोप लगा है।

मामला भर्रीटोला (43) सेवा सहकारी समिति से जुड़ा है, जहां समिति प्रबंधक भिखम लाल साहू और प्राधिकृत अधिकारी कुसुमकसा भाजपा नेता योगेंद्र सिन्हा पर पद के दुरुपयोग का आरोप है। बताया जा रहा है कि समिति के प्रबंधक के साथ मिलीभगत कर 3 लाख 17 हजार रुपये का फर्जी बिल लगाया गया और रकम निकाल ली गई।

 कैसे हुआ ‘खेल’?

 

ग्रामीणों के अनुसार, भर्रीटोला समेत आसपास के गांवों—रजहिं, ककरेल, देवपांडुम, चिपरा और जुनवानी—के करीब 815 किसान कुसुमकसा स्थित सेवा सहकारी समिति में धान बेचने जाते हैं। दूरी ज्यादा होने से परेशान किसानों ने अपने गांव में ही खरीदी केंद्र खोलने की मांग की थी।

मांग पूरी होने पर किसानों ने खुद चंदा इकट्ठा किया, मुरुम मंगवाया और श्रमदान कर जमीन समतल की। यानी पूरा काम गांव वालों ने अपने दम पर किया।

लेकिन आरोप है कि इसी काम के नाम पर समिति प्रबंधक ने योगेन्द्र सिन्हा फर्म के नाम से 3.17 लाख रुपये का फर्जी बिल लगाकर चेक जारी कर दिया।

खुलासा और फिर ‘डैमेज कंट्रोल’

जब यह मामला ग्रामीणों के बीच उजागर हुआ तो विवाद बढ़ने लगा। दबाव बढ़ते ही प्रबंधक भिखम लाल साहू ने रकम वापस समिति के खाते में जमा करा दी। लेकिन सवाल यह है कि अगर गड़बड़ी नहीं थी, तो पैसे लौटाने की नौबत क्यों आई?

किसानों का आरोप

ग्रामीणों का साफ कहना है—

“जब हमने खुद चंदा और श्रमदान से काम किया, तो फिर लाखों रुपये का भुगतान किस बात का किया गया? यह सीधा-सीधा भ्रष्टाचार है, इसकी जांच होनी चाहिए।”

प्रबंधक की सफाई

समिति प्रबंधक का कहना है कि उन्हें प्राधिकृत अधिकारी योगेंद्र सिन्हा द्वारा चेक दिया गया था और उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि मुरुम ग्रामीणों ने खुद डलवाया है। बाद में जानकारी मिलने पर राशि वापस जमा कर दी गई।

बड़ा सवाल

यह मामला सिर्फ एक गांव का नहीं, बल्कि सहकारी समितियों में संभावित भ्रष्टाचार के उस मॉडल की झलक है, जहां
👉 कागजों में काम दिखाकर पैसे निकाले जाते हैं
👉 ग्रामीणों की मेहनत पर ‘फर्जी बिल’ बनते हैं

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या वाकई दोषियों पर कार्रवाई होती है या मामला फिर से ‘रफा-दफा’ कर दिया जाएगा।

जब कलेक्टर खुद पहुंचे महुआ बीन रही ‘मंगली’ के द्वार

सुकमा धर्मेन्द्र सिंह/ बस्तर के सुदूर अंचलों में शिक्षा की लौ जलाने के लिए प्रशासन अब केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर उतरकर भविष्य संवारने में जुटा है। कलेक्टर अमित कुमार के हालिया दौरे में एक ऐसी ही दिल को छू लेने वाली तस्वीर सामने आई, जिसने यह साबित कर दिया कि एक संवेदनशील नेतृत्व किस तरह बदलाव की नींव रखता है।

 

खेतों के बीच रुका काफिला, जागा भविष्य

गुरुवार को जब कलेक्टर मारोकी, मानकापाल, परिया और कुचारास जैसे दूरस्थ गाँवों के दौरे पर थे, तब उनकी नजर सड़क किनारे महुआ बीनती एक छोटी बच्ची पर पड़ी। भीषण गर्मी में जहां बच्चे महुआ इकट्ठा करने में व्यस्त थे, कलेक्टर ने अपना काफिला रुकवाया और सीधे खेतों के बीच पेड़ के पास पहुंच गए। कलेक्टर ने बड़े ही आत्मीय भाव से बच्ची से बात की। बच्ची ने अपना नाम मड़कामी मंगली बताया। जब उससे स्कूल न जाने का कारण पूछा गया, तो मासूमियत और अभाव की कहानी सामने आई।

 

कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा संसाधनों या जागरूकता के अभाव में शिक्षा की मुख्यधारा से न छूटे। महुआ बीनने वाले हाथ कलम थामेंगे, तभी सुकमा का असली विकास होगा। लगातार पालक-शिक्षक बैठक आयोजित किया जा रहा है। शिक्षक भी लगातार ड्राप आउट बच्चों के घर जाकर समझा रहे हैं।

 

चौपाल नहीं, सीधा घर तक पहुंची सरकार

प्रशासन का मानवीय चेहरा तब और प्रखर हुआ जब कलेक्टर मंगली से बात कर नहीं रुके, बल्कि उसके माता-पिता से मिलने सीधे उसके घर पहुंच गए।

 संवाद और संवेदनशीलता उन्होंने पालकों को समझाया कि शिक्षा ही वह एकमात्र रास्ता है जिससे उनके बच्चों का जीवन संवर सकता है।

 समस्या का समाधान उन्होंने पालक से पूछा कि बच्चे को स्कूल भेजने में कोई दिक्कत है क्या! 

 सकारात्मक परिणाम कलेक्टर की समझाइश और आत्मीयता का असर यह हुआ कि मंगली के माता-पिता उसे तुरंत स्कूल भेजने के लिए राजी हो गए।

 

मौके पर ही दिए दाखिले के निर्देश

कलेक्टर अमित कुमार ने केवल संवाद नहीं किया, बल्कि तत्काल समाधान भी सुनिश्चित किया। उन्होंने मौके पर मौजूद बीआरसी को निर्देश दिए कि मंगली के साथ-साथ वहां मौजूद एक अन्य बालक माड़वी देवा का भी नियमित स्कूल जाना सुनिश्चित किया जाए और उन्हें आवासीय विद्यालय में भर्ती किया जाए। इस अवसर पर जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर भी उपस्थित थे। प्रशासन के इस जमीनी और भावनात्मक प्रयास की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।

बालोद में जंगली सुवर का हमला, दंपत्ति गंभीर घायल.. आत्मरक्षा में सुवर की मौत

बालोद। जिले के गुरूर वन परिक्षेत्र अंतर्गत भानपूरी गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब खेत में काम कर रहे पति-पत्नी पर अचानक एक जंगली सुवर ने हमला कर दिया। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

 

मिली जानकारी के अनुसार दंपत्ति अपने खेत में काम कर रहे थे, तभी जंगल की ओर से आए जंगली सुवर ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से घबराए दंपत्ति ने अपनी जान बचाने के लिए सुवर से संघर्ष किया और किसी तरह खुद को बचाने की कोशिश की। इसी दौरान हुए संघर्ष में जंगली सुवर की मौके पर ही मौत हो गई।

 

घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल दंपत्ति को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरूर ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण दोनों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

 

घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है।

BREAKING NEWS बालोद में प्रशासन का बुलडोजर एक्शन

आदेश का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ आज सुबह करीब 6 बजे से प्रशासन की टीम अलग-अलग टुकड़ों में कार्रवाई कर रही है। अभियान की जानकारी मिलते ही कई दुकानदार मौके पर पहुंचने लगे हैं, वहीं कुछ स्थानों पर कार्रवाई को लेकर नाराजगी भी देखने को मिली है।

फिलहाल बालोद के गंजपारा से जेल क्षेत्र तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है। व्यापारियों के संभावित विरोध को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत का जलवा, न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर बना चैंपियन

टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल: भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर खिताब जीता

टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 255 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

भारत की ओर से संजू सैमसन ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में 89 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने तेज़ 54 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की दमदार पारियों की बदौलत टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के सामने बड़ा लक्ष्य रखा।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाई और 19 ओवर में 159 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि अक्षर पटेल ने 3 विकेट लेकर कीवी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

इस जीत के साथ ही भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा और फाइनल में भी टीम ने एकतरफा अंदाज में मुकाबला जीत लिया।

T20 World Cup 2026 IND vs NZ Final: भारत ने न्यूजीलैंड को दिया 256 रन का लक्ष्य, कीवी टीम दबाव में

T20 वर्ल्ड कप फाइनल: भारत ने न्यूजीलैंड को दिया 256 रन का लक्ष्य, कीवी टीम दबाव में

 

अहमदाबाद

आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रोमांचक मुकाबला खेला जा रहा है। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड के सामने 256 रनों का विशाल लक्ष्य रखा है, जो टी-20 विश्व कप फाइनल के इतिहास के सबसे बड़े स्कोरों में से एक माना जा रहा है। 

 

भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। संजू सैमसन, ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने अर्धशतक लगाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर भारत ने 20 ओवर में लगभग 255 रन बनाए। 

लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शुरुआती ओवरों में ही भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बना दिया और कीवी टीम के कई विकेट जल्दी गिर गए। करीब 8 ओवर के बाद न्यूजीलैंड का स्कोर लगभग 72 रन पर 4 विकेट था, जबकि टीम को जीत के लिए अभी लंबा लक्ष्य हासिल करना बाकी है। 

 

भारतीय गेंदबाज अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या ने शुरुआती सफलता दिलाकर टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया है। न्यूजीलैंड की ओर से टिम साइफर्ट ने तेज अर्धशतक लगाकर टीम को संभालने की कोशिश की। 

 

फिलहाल मुकाबला रोमांचक मोड़ पर है 256 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही न्यूजीलैंड की टीम 10.5 ओवर में 102 रन पर 5 विकेट गंवा चुकी है।

 

नक्सल प्रभावित सुकमा से उभरी सफलता की नई किरण “अदिति राम” ने सीए फाउंडेशन प्रथम प्रयास में किया उत्तीर्ण

धर्मेंद्र सिंह

Chhattisgarh सुकमा/ वर्षों तक नक्सल हिंसा और पिछड़ेपन की पहचान से जूझते रहे सुकमा जिले से अब सफलता की प्रेरक कहानियां सामने आने लगी हैं। इसी कड़ी में सुकमा निवासी शिक्षक अगस्टीन राम की पुत्री कु. अदिति राम ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की प्रतिष्ठित सीए फाउंडेशन परीक्षा प्रथम प्रयास में उत्तीर्ण कर जिले का नाम रोशन किया है।

 

अदिति राम की इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद अदिति ने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और कड़ी मेहनत, अनुशासन तथा दृढ़ संकल्प के बल पर यह सफलता हासिल की।

 

अदिति के पिता अगस्टीन राम, जो स्वयं शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, ने भावुक होकर कहा कि यह उनकी बेटी की मेहनत और लगन का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि अदिति आगे भी सीए की आगामी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर परिवार और सुकमा जिले का नाम देशभर में रोशन करेंगी।

 

गौरतलब है कि सुकमा जिला लंबे समय तक नक्सल हिंसा और शैक्षणिक पिछड़ेपन की पहचान से जूझता रहा है, लेकिन अब यहां के युवा शिक्षा के माध्यम से नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। अदिति राम की यह सफलता इसी सकारात्मक बदलाव की मिसाल है।

 

अदिति की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। लोगों का कहना है कि उनकी सफलता सुकमा के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

जिला अस्पताल पहुँचे संभाग आयुक्त, वार्ड-ओपीडी का लिया जायजा, मरीजों से की बातचीत

बालोद | दुर्ग संभाग के संभाग आयुक्त S. N. Rathore ने शुक्रवार को जिला चिकित्सालय बालोद का आकस्मिक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों और कक्षों में पहुंचकर व्यवस्थाओं की पड़ताल की तथा मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

इस अवसर पर कलेक्टर Divya Umesh Mishra, एसडीएम Nutan Kanwar, मुख्य अस्पताल अधीक्षक Dr. R. K. Shrimali सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान संभाग आयुक्त ने जिला चिकित्सालय के ओपीडी, सामान्य रोगी कक्ष, नाक-कान-गला (ईएनटी) विभाग, आपातकालीन कक्ष, पुरुष एवं महिला मेडिकल वार्ड सहित कई विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने ईएनटी विभाग के ओपीडी में उपस्थित चिकित्सकों से मरीजों की जांच के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी भी ली।

राठौर ने पुरुष मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने मरीज निर्मल से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों और अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारियों को मरीजों का समुचित उपचार करने के साथ उनके प्रति मधुर और आत्मीय व्यवहार रखने की भी समझाइश दी।

निरीक्षण के दौरान संभाग आयुक्त ने अधिकारियों को जिला चिकित्सालय परिसर में प्रतीक्षालय और कैंटीन निर्माण के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

नकल पर सख्ती: बालोद में बोर्ड परीक्षा केंद्रों का उड़नदस्ता दल ने किया औचक निरीक्षण

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा आयोजित हाई स्कूल मुख्य परीक्षा 2026 के तहत बालोद जिले में जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को जिले के कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया।

उड़नदस्ता दल ने शासकीय बुनियादी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालोद (पाररास), शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय बालोद, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय बालोद तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय लाटाबोड़ में पहुंचकर परीक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान किसी भी परीक्षा केंद्र में नकल का कोई प्रकरण सामने नहीं आया। सभी केंद्रों में परीक्षा शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित होती पाई गई।

जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल में जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी, सहायक परियोजना समन्वयक लेख राम साहू, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी  उमा ठाकुर, जिला खेल समन्वयक सपन जेना, व्यायाम शिक्षक सुरेश शांडिल्य एवं व्यायाम शिक्षक आदिला खान शामिल रहे।