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शनि. मई 16th, 2026

कर्तव्य पथ पर थम गई जिंदगी: बस की टक्कर से आरक्षक की मौके पर मौत

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बेहद मार्मिक खबर सामने आई है। कर्तव्य पथ पर निकले एक जवान की जिंदगी सड़क हादसे में थम गई। बालोद कोतवाली थाने में पदस्थ 35 वर्षीय आरक्षक ठनेश कुमार टेमार्य की सोमवार दोपहर ड्यूटी के दौरान दर्दनाक मौत हो गई।

मिली जानकारी के अनुसार, ठनेश कुमार समंस वारंट तामील करने के लिए देवारभाट, जमरुवा और जगतरा गांव की ओर जा रहे थे। दोपहर करीब 1 बजे जब वे बालोद–झलमला मार्ग पर सिवनी मार्केट के सामने पहुंचे, तभी तेज बारिश के बीच लेफ्ट साइड से जा रही कांकेर बस को ओवरटेक करने के दौरान उनकी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे सड़क पर गिर पड़े और बस का ड्राइवर साइड का पहिया उनके सीने के ऊपर से गुजर गया।

हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद राहगीरों ने मानवता दिखाते हुए उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस चालक को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया है। बस पखांजूर से दल्लीराजहरा होते हुए रायपुर की ओर जा रही थी।

2012 में हुई थी नियुक्ति, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मूल रूप से डौंडीलोहारा ब्लॉक के सहगांव निवासी ठनेश कुमार की पुलिस विभाग में नियुक्ति वर्ष 2012 में हुई थी। वे झलमला स्थित पुलिस कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके पिता नरोत्तम सिंह बालोद कलेक्टोरेट में प्यून के पद पर कार्यरत हैं।

ड्यूटी के दौरान बेटे की असमय मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। सहकर्मियों के अनुसार ठनेश बेहद शांत, जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ जवान थे।

कर्तव्य निभाते-निभाते एक बेटा की मौत 

यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक परिवार के सपनों के टूटने की कहानी है। समंस तामील करने निकला एक जवान घर वापस नहीं लौटा। पीछे छूट गए बूढ़े पिता की उम्मीदें और परिवार का सहारा ।

सुकमा के पोटाकेबिनों में गूंजेगी AI की गूंज: अब सुदूर वनांचल के बच्चे भी बनेंगे ‘टेक-स्मार्ट’

धर्मेन्द्र सिंह सुकमा। नक्सल प्रभावित वनांचल क्षेत्र सुकमा में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई तकनीकी क्रांति की शुरुआत होने जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा सुदूर क्षेत्रों के पोटाकेबिन (आवासीय विद्यालयों) में अध्ययनरत बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शिक्षा शुरू की जा रही है।

इस महत्वाकांक्षी पहल को जमीन पर उतारने के लिए लाइवलीहुड कॉलेज सुकमा में पोटाकेबिन स्कूलों के शिक्षकों के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

शिक्षक बनेंगे माध्यम, बच्चे छुएंगे आसमान

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को AI के आधुनिक टूल्स और तकनीकों का प्रशिक्षण देना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों को AI की मूलभूत जानकारी, प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण और डिजिटल नवाचार से परिचित कराएंगे।

शहरों से मुकाबले की तैयारी

इस पहल से सुदूर वनांचल के बच्चे भी तकनीक के क्षेत्र में शहरी छात्रों के समान अवसर प्राप्त कर सकेंगे। अब शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि डिजिटल प्रयोगशालाओं और तकनीकी प्रयोगों के माध्यम से सीखने का नया दौर शुरू होगा।

बेहतर भविष्य की नींव

AI की शिक्षा से विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, समस्या समाधान कौशल और रचनात्मक सोच में वृद्धि होगी। साथ ही भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

AI प्रशिक्षक वेनिक सेरो ने बताया कि उद्देश्य यह है कि सुकमा के अंदरूनी क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को भी वही तकनीकी अवसर मिलें जो महानगरों के विद्यार्थियों को उपलब्ध हैं।

पोटाकेबिनों में बदलेगी पढ़ाई की सूरत

अब पोटाकेबिन स्कूलों में डिजिटल साक्षरता पर विशेष जोर दिया जाएगा। AI की मदद से कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाया जाएगा और छात्र नवाचार आधारित प्रोजेक्ट तैयार कर सकेंगे।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तकनीक की यह दस्तक शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी और सकारात्मक पहल मानी जा रही है, जो आने वाले समय में सुकमा के बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे सकती है।

सुकमा में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: नक्सलियों के गढ़ में ढहाया स्मारक, इलाके में तेज सर्चिंग अभियान

धर्मेन्द्र सिंह सुकमा| छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिला में सुरक्षाबलों का एंटी-नक्सल अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में जवानों ने नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र में निर्मित एक स्मारक को ध्वस्त कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई को नक्सलियों के मनोबल पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।

चिंतागुफा क्षेत्र में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई थाना चिंतागुफा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कडतीपारा में की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी के दौरान नक्सलियों द्वारा निर्मित एक स्मारक मिला, जिसे वे अपने प्रचार-प्रसार और संगठन की मौजूदगी दिखाने के लिए आधार स्तंभ के रूप में उपयोग कर रहे थे।

CRPF की 2nd बटालियन का प्रहार

ऑपरेशन को Central Reserve Police Force (CRPF) की 2nd बटालियन के जवानों ने अंजाम दिया। कमांडेंट कमलेश कुमार के निर्देशन में टीम ने रणनीतिक तरीके से कार्रवाई करते हुए स्मारक को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

अधिकारियों के अनुसार, नक्सलियों द्वारा बनाए गए ऐसे स्मारक ग्रामीणों में दहशत फैलाने और अपने प्रभाव का प्रदर्शन करने का माध्यम होते हैं। इन्हें जमींदोज करना शासन-प्रशासन की पकड़ मजबूत करने और क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में अहम कदम है।

क्षेत्र में सर्चिंग जारी

स्मारक ध्वस्त किए जाने के बाद आसपास के इलाकों में सर्चिंग और गश्त तेज कर दी गई है। सुरक्षाबलों की सक्रियता से नक्सली बैकफुट पर बताए जा रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य अंदरूनी इलाकों से नक्सली प्रभाव को समाप्त कर विकास कार्यों को गति देना है।

बालोद क्राइम: जेल से छूटते ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हत्याकर की आत्महत्या, पढ़ें पूरी खबर

बालोद में सनसनी: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हत्या के बाद आरोपी ने लगाई फांसी

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद रहा एक विचाराधीन कैदी जमानत पर रिहा होने के बाद सीधे आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचा, जहां उसने 54 वर्षीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उगेश्वरी देवांगन की धारदार हथियार से हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने उसी केंद्र में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

बच्चों को बाहर निकालकर दिया वारदात को अंजाम

घटना देवरी थाना क्षेत्र के फरदफोड़ गांव की है। जानकारी के अनुसार, फरदफोड़ निवासी 57 वर्षीय लखन देवांगन दोपहर के समय आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचा। उस वक्त केंद्र में छोटे बच्चे भोजन कर रहे थे। आरोपी ने पहले बच्चों को बाहर जाने के लिए कहा और सहायिका को भी केंद्र से बाहर कर दिया। इसके बाद उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने उगेश्वरी देवांगन पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद खुदकुशी

हत्या के बाद लखन देवांगन ने आंगनबाड़ी केंद्र के भीतर ही फंदे से लटककर जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

पहले से दर्ज था दुष्कर्म का मामला

देवरी थाना प्रभारी राकेश ठाकुर के मुताबिक, 13 जनवरी को पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद उसे जेल भेजा गया था। हाल ही में जमानत पर रिहा होने के बाद उसने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया।

गांव में दहशत का माहौल

दोनों मृतक एक ही गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।

पुलिस हत्या के पीछे की मंशा और पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही है।

CG: बालोद में जमही टोल प्लाजा के पास दर्दनाक हादसा, तीन दोस्तों की मौके पर मौत

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोददल्लीराजहरा मुख्य मार्ग पर शुक्रवार रात एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा जमही टोल प्लाजा के पास हुआ, जहां सड़क किनारे खड़ी एक ट्रक के पीछे तेज रफ्तार बाइक जा भिड़ी।

जानकारी के अनुसार, रात करीब 9 बजे बाइक सवार तीन युवक कुसुमकसा से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान जमही टोल प्लाजा के समीप सड़क किनारे खड़ी अज्ञात ट्रक से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

मृतकों की पहचान

हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान विनोद हल्बा, प्रशांत हल्बा और हरीश हल्बा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, तीनों गुजरा गांव के निवासी थे और किसी काम से कुसुमकसा गए हुए थे, जहां से वापस लौटते समय यह दर्दनाक हादसा हो गया।

सिर में आई गंभीर चोटें

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना इतनी भयावह थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। तीनों युवकों के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही दल्लीराजहरा पुलिस मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस के माध्यम से शवों को जिला अस्पताल की मर्च्युरी में रखवाया गया। शनिवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी।

ट्रक चालक की तलाश जारी

पुलिस ने बताया कि सड़क पर लापरवाहीपूर्वक खड़ी अज्ञात वाहन और चालक की तलाश की जा रही है। 

क्षेत्र में शोक की लहर

एक ही गांव के तीन युवकों की एक साथ मौत से गुजरा गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे भारी वाहनों की अवैध पार्किंग पर सख्ती से कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

बीजापुर में भरोसे की पहल: कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी

बीजापुर। जिले के थाना मोदकपाल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंगुड़ में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। CRPF की 62वीं वाहिनी और थाना मोदकपाल पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा बनाए गए 06 माओवादी स्मारकों को ध्वस्त कर दिया।

 

सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अभियान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ और क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

कार्रवाई के बाद ग्राम पंगुड़ में चलित थाना भी लगाया गया, जहां ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और उनका निराकरण किया गया। साथ ही साइबर फ्रॉड और ओटीपी ठगी से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।

 

सुरक्षा बलों की इस पहल से ग्रामीणों में उत्साह और विश्वास का माहौल देखने को मिला है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि क्षेत्र में शांति और विकास को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा।

फिल्मी कहानी जैसी हकीकत: जेल की सलाखों के बीच जन्मी नई ज़िंदगी

CHHATTISGARH/ अक्सर बॉलीवुड फिल्मों में ऐसी कहानी देखने को मिलती है, जहां किसी अपराध के आरोप में जेल गई नायिका सलाखों के पीछे बच्चे को जन्म देती है। दर्शक इसे पर्दे की कहानी समझकर भावुक हो जाते हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कुछ ऐसा ही घटनाक्रम हकीकत में सामने आया है, जिसने कानून, कर्तव्य और संवेदनाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

दुर्ग के मोहन नगर थाने में पदस्थ रही बर्खास्त प्रधान महिला आरक्षक मोनिका गुप्ता को गबन के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। गिरफ्तारी के समय वह नौ माह की गर्भवती थीं। जेल में रहते हुए उन्होंने एक नवजात बच्चे को जन्म दिया। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जिस थाने में वह कभी ड्यूटी करती थीं, उसी पुलिस महकमे ने कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा।

 

क्या है पूरा मामला?

मामला 4 जुलाई 2022 का है, जब सिंधिया नगर निवासी सोनाली द्विवेदी के घर से 79 ग्राम सोने के गहनों की चोरी हुई थी। इस पर मोहन नगर थाने में अपराध क्रमांक 226/2022 दर्ज किया गया। जांच की जिम्मेदारी प्रधान आरक्षक मोनिका गुप्ता को सौंपी गई थी।

 

30 जून 2023 को पुलिस ने आरोपी पीतांबर राव को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 79 ग्राम सोने के आभूषण और सिक्का बरामद किया। आरोप है कि जब्त माल को थाने के मालखाने में जमा किया जाना था, लेकिन मोनिका ने उसे जमा नहीं कराया और अपने पास रख लिया।

 

जब पीड़िता ने कोर्ट के माध्यम से गहनों की सुपुर्दगी के लिए आवेदन किया और थाने पहुंची, तब खुलासा हुआ कि जब्त जेवर मालखाने में जमा ही नहीं हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बावजूद गहने वापस नहीं किए गए।

 

FIR, फरारी और गिरफ्तारी

मार्च 2025 में मोनिका गुप्ता के खिलाफ साक्ष्य छिपाने और अमानत में खयानत की धाराओं में FIR दर्ज की गई। इसके बाद से वह फरार चल रही थीं। कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद 2 फरवरी 2026 को उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

 

जेल प्रशासन के अनुसार गर्भवती होने के कारण उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा और देखभाल उपलब्ध कराई गई। इसी दौरान उन्होंने जेल में बच्चे को जन्म दिया।

 

पहले भी विवादों में रही

बताया जा रहा है कि अगस्त 2024 में भिलाई के छावनी थाने में उनके खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज हुआ था। इन प्रकरणों के बाद उन्हें पुलिस विभाग से बर्खास्त कर दिया गया था।

 

भावनात्मक सवाल

यह घटना एक संवेदनशील प्रश्न खड़ा करती है—क्या मां की गलती की सजा उस नवजात को भी भुगतनी पड़ रही है, जिसने अभी दुनिया में कदम रखा है?

 

भावनात्मक सवाल

यह मामला कानून और संवेदनाओं के बीच खड़ी एक सच्चाई को सामने लाता है। एक ओर कानून अपना काम कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जेल में जन्मे उस नवजात को लेकर समाज में भावनात्मक चर्चा भी शुरू हो गई है।

 

फिलहाल आरोपी महिला न्यायिक हिरासत में हैं और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

 

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CRIME CG: यू ट्यूबर बेटी ने हंसिया से वार कर पिता की हत्या, पढ़े पूरी खबर

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। चरित्र पर लगातार आरोप लगाए जाने और पारिवारिक कलह से आहत एक 25 वर्षीय युवती ने अपने ही पिता की धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, हरदीबाजार थाना क्षेत्र से करीब 5 किलोमीटर दूर रलिया गांव के एक मोहल्ले में रहने वाले अशोक केंवट की हत्या उसकी बेटी गीता केंवट ने कर दी। गीता अपनी मां और दो बहनों के साथ लंबे समय से कोरबा की पुरानी बस्ती में रह रही थी। बताया जा रहा है कि परिवार मृतक के कथित व्यवहार और शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना से परेशान था।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल पटले ने बताया कि घटना सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात की है। आरोपी युवती ने गहरी नींद में सो रहे अपने पिता पर धारदार हंसिया से हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक एक्सपर्ट व डॉग स्क्वायड की मदद से जांच शुरू की गई। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई है। पुलिस ने आरोपी युवती को तत्काल हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी युवती अपने पिता द्वारा चरित्र पर लगाए जा रहे आरोपों और कथित प्रताड़ना से बेहद आहत थी। मृतक अशोक केंवट पर आरोप है कि वह अपनी बेटियों पर अनैतिक गतिविधियों में लिप्त होने का लांछन लगाता था। इसी बात को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था।

बताया जा रहा है कि सोमवार को गीता केंवट जाति प्रमाण पत्र के लिए दस्तावेज लेने रलिया गांव पहुंची थी और अपने ताऊ के घर पर रुकी थी। आधी रात के बाद वह पिता के घर पहुंची और वारदात को अंजाम देने के बाद वापस ताऊ के घर लौटकर सो गई।

फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और हत्या के पीछे के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

गरियाबंद ब्रेकिंग: गांव में तनाव के बाद कर्फ्यू जैसे हालात, भारी पुलिस बल तैनात

छत्तीसगढ़/ राहुल ठाकुर गरियाबंद जिले के दुधकैयां गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद हालात देर रात तक बेहद तनावपूर्ण बने रहे। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

तनाव की गंभीरता को देखते हुए आईजी स्वयं गांव पहुंचे, जिसके बाद प्रशासनिक सख्ती और समझाइश के जरिए हालात को नियंत्रण में लिया गया। आईजी के मौके पर पहुंचने के बाद देर रात गांव में स्थिति शांत होती नजर आई।

हालांकि, अब भी गांव पूरी तरह छावनी में तब्दील है। गांव में कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं। एहतियात के तौर पर बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की लगातार गश्त जारी है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार पूरा गांव फिलहाल पुलिस के नियंत्रण में है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल के साथ फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर मौजूद है।

इस पूरे मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना से जुड़े तीनों आरोपियों को देर रात ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच जारी है।

पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि गांव में पूरी तरह शांति बहाल होने तक पुलिस बल की तैनाती जारी रहेगी

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए है।

CRIME CG: Up की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग की बड़ी घटना सामने आई है। बीते दो रातों में पामगढ़ और शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के 5 अलग-अलग स्थानों पर डकैती और हत्या के प्रयास की वारदातों को अंजाम देने वाले 8 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

नौवें आरोपी रामनाथ की गिरफ्तारी के दौरान उसने पुलिस टीम पर कट्टे से फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे काबू में लिया गया।

इन वारदातों में 13 आम नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें से 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर घायलों का इलाज बिलासपुर और रायपुर के अस्पतालों में जारी है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से रॉड, लोहे के पाइप, डंडा, बेल्ट, बाइक, स्कूटी, मोबाइल फोन सहित 4 लाख 9 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं। मामला थाना शिवरीनारायण और थाना पामगढ़ क्षेत्र से संबंधित है।

जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी सख्ती से जारी रहेगी।

शोसल मिडिया रिपोर्ट..