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शनि. मई 16th, 2026

CRIME CG: मां ने की पति की हत्या, बच्चों ने खौफनाक राज से उठाया पर्दा

प्यार, ज़हर और बच्चों की गवाही: जब मां की साजिश ने खुद ही लिख दी सजा

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से सामने आई यह कहानी सिर्फ एक हत्या की नहीं, बल्कि भरोसे के कत्ल, रिश्तों की टूटन और मासूम सच की जीत की कहानी है। एक ऐसा अपराध, जिसे आत्महत्या का जामा पहनाने की पूरी तैयारी थी, लेकिन दो मासूम बच्चों की आंखों ने उस रात का सच देख लिया था।

बीमारी से टूटा घर, मोबाइल ने बढ़ाई दरार

दर्री थाना क्षेत्र के लाटा बस्ती में रहने वाले अरुण सिंह (42) का परिवार कभी खुशहाल था। पत्नी बंटी देवी (38), 14 वर्षीय बेटा और 11 वर्षीय बेटी—सब कुछ सामान्य चल रहा था। लेकिन डेढ़ साल पहले जिंदगी ने करवट ली। अरुण सिंह को पैरालिसिस अटैक आया। ऊपर से टीबी की बीमारी। काम छूट गया, शरीर ने साथ छोड़ दिया और वह खाट पर आ गए।

यहीं से कहानी में एक और किरदार की एंट्री हुई—मोबाइल फोन। बीमारी के दौरान बंटी देवी किसी दूसरे पुरुष के संपर्क में आ गई। बातों का सिलसिला बढ़ा, शक गहराया और फिर घर में रोज़ का कलह शुरू हो गया। अरुण सिंह असहाय थे, लेकिन सब कुछ समझ रहे थे।

27 जनवरी की रात: जब भरोसे के गिलास में ज़हर था

27 जनवरी की रात बंटी देवी ने एक खौफनाक फैसला लिया। उसने अपने बेटे को यह कहकर बाजार भेजा कि पेड़-पौधों में कीड़े लग गए हैं, कीटनाशक लाना है। बेटा मासूमियत में ज़हर घर ले आया—अनजाने में अपने ही पिता की मौत का सामान।

रात को बंटी देवी ने कीटनाशक को गिलास में घोला और अपने पति अरुण सिंह को पिला दिया।

कुछ ही देर में अरुण की हालत बिगड़ने लगी। रात करीब डेढ़ बजे वे तड़पने लगे। बच्चों ने मां से अस्पताल चलने की गुहार लगाई, लेकिन मां ने सुबह तक इंतजार करने को कहा। दादी-चाचा को बुलाने से भी रोक दिया गया। पूरी रात अरुण सिंह दर्द से जूझते रहे।

सुबह हुई देरी, मौत बन गई पक्की

सुबह 6 बजे जब अरुण सिंह को निजी अस्पताल ले जाया गया, तब बहुत देर हो चुकी थी। हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा रेफर किया गया, लेकिन शुक्रवार 30 जनवरी को उनकी मौत हो गई।

बंटी देवी हर किसी से एक ही बात कहती रही—

“अरुण ने खुद ज़हर पी लिया था, मुझे अस्पताल पहुंचने के बाद पता चला।”

शायद यह कहानी सच मान ली जाती…
अगर दो मासूम गवाह चुप रह जाते।

बच्चों ने तोड़ी मां की चुप्पी

पिता की मौत के बाद बेटा और बेटी टूट गए। लेकिन उन्होंने वह सच बता दिया, जिसे कोई सुनने की उम्मीद नहीं कर रहा था।

बेटी ने बताया कि उसने खिड़की से देखा था—

“मां पापा को गिलास में कुछ घोलकर पिला रही थी।”

बेटे ने बताया कि वही कीटनाशक उसने मां के कहने पर लाकर दिया था।

यह सच जब मृतक के छोटे भाई तक पहुंचा, तो वह दोनों बच्चों को लेकर सीधे पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के पास पहुंचा।

साजिश बेनकाब, मां गिरफ्तार

पुलिस ने बच्चों से अलग-अलग पूछताछ की। बयान मेल खा गए। कहानी पूरी हो चुकी थी। शुक्रवार देर शाम बंटी देवी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

शनिवार सुबह पुलिस ने महिला को घर ले जाकर पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन कराया और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

प्यार बना हत्या की वजह?

जांच में यह भी सामने आया कि बंटी देवी का किसी अन्य पुरुष से करीबी संपर्क था। पुलिस को संदेह है कि पति की बीमारी, जिम्मेदारियों से बोझ और गैर मर्द के प्यार ने उसे इस खौफनाक रास्ते पर धकेल दिया।

फिलहाल पुलिस उस व्यक्ति की तलाश में जुटी है।

अंत में सवाल वही…

क्या प्यार इंसान को इतना अंधा कर देता है कि वह अपने बच्चों के पिता की हत्या कर दे?

CRIME CG: ट्रक चोरी की झूठी रिपोर्ट से पुलिस ने उठाया पर्दा, प्रार्थी ही निकला चोर, पढ़े चोरी की रोचक कहानी

छत्तीसगढ़/ कहते हैं सच चाहे जितना छुपाओ, पुलिस की नज़र से बच नहीं सकता—इस कहावत को बालोद पुलिस ने एक बार फिर सच कर दिखाया है। डौण्डी पेट्रोल पंप से चोरी हुए 43 लाख रुपये कीमत के ट्रक की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने ऐसा खुलासा किया, जिसने सभी को चौंका दिया। ट्रक चोरी की रिपोर्ट लिखाने वाला ही इस पूरे खेल का मुख्य साजिशकर्ता निकला।

 

मामला 26 जनवरी 2026 का है, जब डौण्डी थाने में एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका ट्रक CG 21 J 7111 22 जनवरी की रात अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर लिया गया है। मामला दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आई।

 

पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर तथा नगर पुलिस अधीक्षक राजहरा विकास पाटले के पर्यवेक्षण में सायबर सेल और थाना डौण्डी की संयुक्त विशेष टीम बनाई गई।

 

जांच की शुरुआत हुई तो कहानी ने नया मोड़ ले लिया। त्रिनयन ऐप के जरिए सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। डौण्डी से लेकर लोहारा, देवरी, राजनांदगांव, सकोली और फिर नागपुर तक ट्रक की हर चाल कैमरों में कैद मिलती गई। आखिरकार पुलिस नागपुर पहुंची और एक ट्रांसपोर्टर के पास से ट्रक को बरामद कर लिया।

 

यहीं से सच्चाई सामने आई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि नरेन्द्र जायसवाल और मनेन्द्र जायसवाल ने अपने पिता लखन लाल जायसवाल और एक दलाल के साथ मिलकर बीमा राशि हड़पने और फाइनेंस कंपनी की किस्तों से बचने के लिए यह पूरी ‘झूठी चोरी’ की स्क्रिप्ट लिखी थी। ट्रक वर्ष 2013 में लोन पर खरीदा गया था और किस्त नहीं चुकाने के दबाव में आरोपियों ने खुद ही ट्रक बेचकर चोरी की कहानी गढ़ दी।

 

बालोद पुलिस ने न सिर्फ ट्रक बरामद किया, बल्कि साजिश की परत-दर-परत पोल भी खोल दी। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

 

बालोद पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कानून से बचने की कोई चालाकी काम नहीं आती।

CG CRIME: शादी का सपना दिखाकर शिक्षिका से 2.29 लाख की साइबर ठगी

बालोद | छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ऑनलाइन मेट्रीमोनियल एप के जरिए शादी का झांसा देकर साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खुद को भरोसेमंद जीवनसाथी बताकर एक युवक ने शासकीय स्कूल में पदस्थ शिक्षिका से 2 लाख 29 हजार 450 रुपए की ठगी कर ली। पीड़िता की शिकायत पर गुंडरदेही थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, किरंदुल (जिला दंतेवाड़ा) निवासी 29 वर्षीय युवती वर्तमान में बालोद जिले के गुंडरदेही क्षेत्र की एक शासकीय प्राथमिक शाला में सहायक शिक्षिका के पद पर कार्यरत है। उसने जीवनसाथी मेट्रीमोनियल एप पर एक युवक से संपर्क किया था, जिसने अपना नाम सिद्धार्थ आडवानी बताया।

धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और युवक ने शादी का भरोसा दिलाकर न सिर्फ शिक्षिका बल्कि उसके परिजनों का भी विश्वास जीत लिया। इसी दौरान आरोपी ने अपने पिता को हार्ट अटैक आने और इलाज के लिए तत्काल पैसों की जरूरत का हवाला दिया। भावनात्मक दबाव बनाकर उसने फोन-पे और गूगल-पे के माध्यम से अलग-अलग किस्तों में कुल 2,29,450 रुपए ट्रांसफर करवा लिए।

आरोपी ने 3 मई को पीड़िता और उसके परिवार से मिलने का वादा भी किया था, लेकिन उसी दिन रात करीब 8 बजे के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और सभी तरह का संपर्क टूट गया। इसके बाद पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ और उसने गुंडरदेही थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने मामले में BNS की धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। साइबर सेल की मदद से आरोपी से जुड़े मोबाइल नंबर, डिजिटल ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात ठग की तलाश की जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर जल्द भरोसा न करें और पैसों से जुड़े मामलों में विशेष सतर्कता बरतें।

CG: वेयरहाउस में भेजे गए खराब चांवल होंगे वापस, मिलर्स की बढ़ी मुश्किलें

दंतेवाड़ा।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के गीदम स्थित वेयरहाउस में भारी मात्रा में खराब चावल पाए जाने के मामले में राज्य की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक के निर्देश पर की गई है।

जारी आदेश के अनुसार वेयरहाउस में भंडारित 65,857 बोरा चावल को संबंधित मिलर्स को वापस किया जाएगा। इसके बदले मिलर्स से नया और गुणवत्तापूर्ण चावल लिया जाएगा, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत वितरण प्रभावित न हो।

खराब चावल का मामला सामने आने के बाद रायपुर से आई जांच टीम ने गोदाम में रखे पूरे स्टॉक के सैंपल लिए थे। जांच में चावल शासन द्वारा तय उपार्जन एवं गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा, जिसके बाद यह सख्त फैसला लिया गया।

बताया जा रहा है कि खराब पाए गए चावल की मात्रा लगभग 33 हजार क्विंटल है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में चावल की वापसी से मिलर्स की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।

इससे पहले भी इस मामले में बड़ी कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें क्वालिटी इंस्पेक्टर, गोदाम प्रभारी और शाखा प्रबंधक को निलंबित किया गया था।

अब इस पूरे प्रकरण को लेकर प्रबंध संचालक की ओर से कलेक्टर को पत्र भेजा गया है, जिसमें निर्देश दिए गए हैं कि भंडारित चावल का शीघ्र रिप्लेसमेंट सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को मिलने वाले राशन वितरण में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।

बिग ब्रेकिंग: बालोद में भीषण सड़क हादसा, एक युवक की मौत बीएसएफ जवान घायल।

बालोद भीषण सड़क हादसे में ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक बीएसएफ का जवान है, जो छुट्टी लेकर अपने गांव आया था। दोनों युवक दुर्ग से लौटते समय इस हादसे का शिकार हुए।

 

हादसा बालोद थाना क्षेत्र के दानीटोला गांव में हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि ट्रक ने मोटरसाइकिल को जबरदस्त टक्कर मार दी। मृतक की पहचान 25‑वर्षीय नितेश कुमार, निवासी कुसुमकसा, के रूप में हुई है। घायल युवक कामेश्वर तुमरेकी, बीएसएफ जवान, का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।

 

हादसे के बाद दानीटोला के सैकड़ों ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। जाम रात 8 बजे से 10 बजे तक जारी रहा। ग्रामीणों ने स्कूल के पास ब्रेकर और सीसीटीवी कैमरा लगाने तथा मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।

 

घटना के बाद बालोद पुलिस मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

गरियाबंद ब्रेकिंग@ अमलीपदर इलाके से पुलिस ने तीन वाहनों से जब्त किया 142 किवंटल धान

गरियाबंद ब्रेकिंग @ गरियाबंद के अमलीपदर इलाके से पुलिस ने तीन वाहनों से जब्त किया 142 किवंटल धान.जब्त धान की कीमत 4 लाख 40 हजार 200 रुपए.दो ट्रैक्टर को पुलिस ने ध्रुवापथरा के नदी से पकड़ा, जबकि 1109 को बिरिघाट में एक खेत से पकड़ा गया.

1109 में 200 बोरी धान, एक ट्रेक्टर में 60 बोरी, जबकि दूसरे ट्रैक्टर में 54 बोरी धान लोड था.ओडिशा के व्यापारी धान को अवैध तरीके से छत्तीसगढ़ में खपाने की फिराक में थे.नदियों के रास्ते ओड़िशा से छत्तीसगढ़ लाया जा रहा था अवैध धान का बड़ा खेप.तस्करों के मंसूबे को पुलिस ने किया नाकाम.पुलिस ने धान सहित तीन वाहनों को किया जब्त.

स्कूल का मैदान बना मदिराप्रेमियों का अड्डा, स्थानीय लोग परेशान

रायपुर /समोदा @ नवीन नगरपंचायत समोदा के शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय का मैदान इन दिनों मदिराप्रेमियों का अड्डा बनता जा रहा है। देर शाम से लेकर रात तक मैदान में शराब पीने, गुटखा–सिगरेट पीने और आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त लोगों का जमावड़ा देखा जा रहा है। इससे स्कूल परिसर की सुरक्षा और माहौल दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि रोज़ाना नशे में धुत व्यक्तियों के जमने से बच्चों में भय का माहौल बन गया है। सुबह स्कूल आने वाले छात्रों को मैदान में जगह-जगह खाली शराब की बोतलें, डिस्पोज़ल गिलास तथा सिगरेट के अवशेष दिखाई देते हैं, जिससे स्वच्छता भी प्रभावित हो रही है।ग्रामीणों ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए स्थानीय प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा का वातावरण और स्कूल की गरिमा पर गंभीर असर पड़ेगा।

स्कूल प्रबंधन ने भी इस समस्या की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी है और मैदान में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल्द ही क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों के लिए स्कूल का वातावरण सुरक्षित और स्वच्छ बना रहे।

नवीन सुरक्षा कैम्प पल्लेवाया – अबूझमाड़ में विकास व सुरक्षा की नई राह

दंतेवाड़ा @ अति नक्सल प्रभावित बीजापुर व अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम पल्लेवाया में दंतेवाड़ा पुलिस एवं CRPF की 165वीं बटालियन द्वारा नया फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (F.O.B.) स्थापित किया गया है। यह कदम लंबे समय से नक्सलियों के कोर जोन रहे इस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास की नई शुरुआत माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजना “नियद नेल्लानार” के तहत इस कैंप की स्थापना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना तथा शासन की योजनाओं का लाभ दूर-दराज आबादी तक पहुंचाना है।

पल्लेवाया में बनाए गए इस सुरक्षा कैम्प से बीजापुर और नारायणपुर जिले के अब तक पहुंचविहीन कई गांव अब सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, स्वास्थ्य केंद्र, पीडीएस दुकानें, शिक्षा सहित सभी मूलभूत सुविधाओं से बेहतर रूप से जुड़ सकेंगे।

यह महत्वपूर्ण स्थापना बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी., सीआरपीएफ के पुलिस महानिरीक्षक श्री शालीन, दंतेवाड़ा रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, तथा सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों— राकेश चौधरी, मृत्युंजय कुमार, विवेकानंद सिंह, राजन कुमार, डॉक्टर आशीष शांडिल्य एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राम कुमार बर्मन के निर्देशन में पूरी हुई।

इस अभियान में दंतेवाड़ा और बीजापुर पुलिस, CRPF की 165वीं बटालियन, कोबरा 201 वाहिनी तथा यंग प्लाटून 231, 111 और 165 वाहिनी के जवानों की सक्रिय व संयुक्त भागीदारी रही।

बताया गया कि 4 दिसम्बर 2025 को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों ने अथक प्रयास कर कैम्प की स्थापना की। इस दौरान क्षेत्र में स्थित नक्सली स्मारकों को भी ध्वस्त किया गया। जवानों ने स्थानीय जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए दिन-रात लगातार निर्माण कार्य जारी रखा। यह F.O.B. सुरक्षा बलों की असाधारण वीरता, दृढ़ इच्छाशक्ति और पेशेवर क्षमता का प्रतीक बताया जा रहा है।

पल्लेवाया में स्थापित यह नया सुरक्षा कैम्प अबूझमाड़ के भीतरी इलाकों में सुरक्षा और शासन की पहुँच मजबूत करेगा। इससे क्षेत्र में शांति, विश्वास एवं विकास के नए अध्याय की शुरुआत होने की उम्मीद है। यह पहल केंद्र सरकार के उस लक्ष्य को भी गति प्रदान करती है, जिसके तहत वर्ष 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित है।

विशेषज्ञों के अनुसार, पल्लेवाया FOB की स्थापना “विकास ही सुरक्षा” की नीति को मजबूत करते हुए अबूझमाड़ में स्थायी शांति, समृद्धि और प्रगति की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

समोदा रोड हादसा : दो बाइकों की आमने–सामने भिड़ंत, एक युवक गंभीर रूप से घायल

समोदा @ क्षेत्र में लगातार हो रहे सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को समोदा मार्ग पर एक बार फिर दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ़्तार में आ रही दोनों मोटरसाइकिलें अचानक आमने-सामने भिड़ गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहन सड़क पर दूर तक घिसटते चले गए। हादसे में एक युवक को गम्भीर चोटें आईं, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया। दूसरे बाइक सवार को भी हल्की चोटें आई हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि समोदा रोड पर एक भी जगह गतिवरोधक नहीं होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं। लोगों ने प्रशासन से अपील की है इस सड़क पर स्कूल कॉलेज व हॉस्टल संचालित है जिसको देखते हुए यहां जल्द से जल्द गतिवरोधक बनाने की मांग की है।

देशी उपचार और झोला छाप डॉक्टर के चक्कर में फंसे एक ही परिवार के 3 मासूम बच्चों के मौत का मामला

राहुल ठाकुर गरियाबंद @ देशी उपचार और झोला छाप डॉक्टर के चक्कर में फंसे एक ही परिवार के 3 मासूम बच्चों के मौत का मामला सामने आया है, मामला अमलीपदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन आने वाले ग्राम धनौरा का है, यहां रहने वाले डमरूधर नागेश मक्का तुड़ाई के लिए उदंती अभ्यारण्य क्षेत्र में मौजूद अपने ससुराल साहेबीनकछार गया हुआ था।

सप्ताह भर रहा और बच्चों के तबियत बिगड़ने पर लौट आया, साथ में गए तीनों बच्चे को बुखार आया, उसी इलाके में पहले झोलाछाप से इलाज कराया, गांव लौटा तो झाड़ फूंक कराता रहा, गांव की मितानीन को भनक लगी तो उसने अस्पताल चलने कहा, पर नागेश परिवार अंतिम सांस चलने तक उपचार के दूसरे तरीकों का सहारा लेता रहा, पहली मौत 11 नवंबर को 8 साल की बेटी अनिता का हुआ, मां के आंखों से आंसू थमें ही नहीं थे, कि 13 नवम्बर को दूसरी मौत 7 साल के बेटा बालक का और इसी दिन कुछ घंटे बाद 4 साल के बेटे गोरेश्वर की भी सांसे थम गई, एक ही परिवार के तीनों चिराग बुझने की इस घटना ने जहां झकझोर कर रख दिया है।

वहीं इस जानलेवा बिमारी से ग्रामीणों में दहशत भी बना हुआ है, मौतों की जानकारी लगने के बाद जिला स्वास्थ्य अधिकारी यू एस नवरत्न ने 3 सदस्यी जांच दल गठित कर दिया है, टीम गांव पहुंच कर अब कारण जानने में जुटी हुई है, इस इलाके में आधी अधूरी स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते आधुनिक चिकित्सा पर भरोसा उठ गया है, पहले भी इस गांव में सर्प दंश के चलते एक ही परिवार के 2 सदस्यों की मौत झड़फूक से हुई थी, वनांचल में झोलाछाप डॉक्टर भी सक्रिय है, जो स्वास्थ्य विभाग के कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

वहीं जिले के सीएमएचओ ने विभागीय जांच की बात कही है, साथ ही रायपुर से एक टीम भी इस गांव में पहुंचकर जांच करेगी जहां एक ही परिवार के तीन बच्चों की अचानक मौत हुई है, मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा साथ ही जनजागरूकता कार्यक्रम उस क्षेत्र में चलाया जाएगा, उसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी बात कर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में स्वास्थ विभाग लोगों को मेडिकल साइंस के प्रति विश्वास जगाने कार्यक्रम आयोजित करेगी।