Nbcindia24/वीरेंद्र भारद्वाज/ दल्लीराजहरा । मंगलवार को महाविद्यालय भारत एवं मारुति इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग दानिटोला बालोद छ.ग.के छात्र एवं छात्राओं के द्वारा रोड सुरक्षा सप्ताह मनाया गया। इस कार्यक्रम की गंभीरता एवं महत्ता को हमारे छात्र एवं छात्राओं द्वारा चार्ट्स, पोस्टर्स , एवं स्लोगन के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया गया । और कॉलेज से दानिटोला ग्राम रैली निकाल कर एवं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्राम वासीयों को जागरूक कराया गया। यह कार्य महाविद्यालय के प्राचार्य डेनियल दीपक मसीह एवं प्राचार्या सिजो कोशी के मार्गदर्शन में किया गया जिसमें समस्त स्टॉफ एवं छात्र छात्राएं सम्मिलित हुए।
Nbcindia24/ रितेश यादव दंतेवाड़ा। स्वर्गीय सरित वट्टी जी की स्मृति में लीपिक संघ द्वारा आयोजित विभागीय टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता में दंतेवाड़ा के इतिहास में पहली बार महिलाओ को दफ्तर के बाहर अपने खेल को दिखाने का अवसर मिला।और आज दंतेवाड़ा के आउटडोर स्टेडियम में पहला मैच शिक्षा विभाग और जनपद कुआकोंडा के मध्य खेला गया।
महिला अधिकारी कर्मचारी खिलाड़ियों में उत्साह
8 ओवरों के मैच में कुआकोंडा की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का निर्णय लेते हुए शिक्षा विभाग को 55 रनो का लक्ष्य दिया, जिसे बड़ी ही आसानी से शिक्षा विभाग के ओपनरों ने बिना विकेट गवाए 4 ओवरों में ही पारी को समेट दिया। शिक्षा विभाग की विजयी टीम में सैनी रविन्द्र, ज्योति झाड़ी,अनुराधा,ईश्वरी झाड़ी, हेमा महापात्र,सुस्मिता,नैन्सी एक्का,ज्योति मंडावी, उषा देवांगन, सुनीता जार्ज, सरस्वती,फुलेश्वरी शोरी,मधु उके और प्रिसि व दंतेश्वरी की सलामी जोड़ी ने इतिहास रचा।टीम को पिछले 5 दिनों से लगातार कोच किया अजय और पिताम्बत ने, जीत के बाद दोनों ही टीम के खिलाड़ियों ने हार और जीत से परेह मैदान में उतरने को अपनी सबसे बड़ी जीत के रूप में देखा,
अंत मे सभी का आभार जताते हुए विजयी टीम से मधु उके ने आदरणीय कलेक्टर सर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं को पुरुषों के बराबर का अवसर देकर दंतेवाड़ा की महिलाओ में खेल के प्रति प्रेम व नई ऊर्जा का जो संचार किया है वह अनवरत बना रहे ऐसी अपेक्षाओं के साथ सभी को धन्यवाद।।।
Nbcindia24/गरियाबंद ब्रेकिंग- सावधानी हटी दुर्घटना घटी. कुछ इसी तरह का मामला गरियाबंद में सामने आया है. जहां आज एक बार फिर कोरोना बम फूटा है. वन विभाग के 14 अधिकारी, कर्मचारी कोरोना पाजीटिव पाए गए है. जिसके बाद वन विभाग सहित प्रशासन में मचा हड़कंप मच गया है. विभाग में दफ्तर का कामकाज बंद कर आने जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है।
वही बालोद जिले में आज 2 कोरोना पॉज़िटिव मिले है जो राहत की बात है. और शासन-प्रशासन की आदेशों का पालन करें।
Nbcindia24 की अपील- कोरोना के बढ़ते मामलो को देखते हुए बरते सावधानी. दो गज दूरी, मास्क है जरूरी
Nbcindia24/रायगढ़। पुलिस के नाम आज एक बड़ी सफलता हाथ लगी है । काम से निकाले जाने के खुन्नस और शीघ्र लखपति बनने के इरादे से जांजगीर बाराद्वार निवासी खिलावन महंत खरसिया क्षेत्र के व्यापारी के 6 वर्षीय बालक शिवांश अग्रवाल का अपने साथियों के साथ अपहरण कर अपने षड्यंत्र अनुसार बालक को झारखंड के पेशेवर गिरोह को सुपुर्द करने के लिये उनके सम्पर्क में थे , उनकी आगे की प्लालिंग अपहृत बालक के परिजनों से 25 लाख रुपए फिरौती की डिमांड करने की थी, जिनके इरादों पर पानी फेरते हुए रायगढ़ पुलिस, झारखंड पुलिस की मदद से घटना की सूचना के महज 8 घंटे के भीतर “ऑपरेशन शिवांश” चलाकर आरोपियों के कब्जे से बालक की सकुशल बरामदगी की गई है ।
कल शाम-रात पुलिस चौकी खरसिया में व्यवसायी रमेश कुमार अग्रवाल निवासी छपरीगंज खरसिया ने पुलिस को बताया कि उनके घर में रसोईया का काम करने वाले निखिल महंत उर्फ खिलावन पिता एतवारी महंत निवासी सरवानी बाराद्वार जिला जांजगीर चांपा द्वारा उसके 06 वर्षीय पोते शिवांश अग्रवाल पिता राहुल अग्रवाल को बिना बताये मोटर सायकल में बिठाकर कहीं ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराया । रिपोर्टकर्ता बताया कि निखिल महंत को कुक के काम पर रखे थे, आवश्यकता नहीं होने पर उसे 18 फरवरी को उसका बाकी रूपया पैसा दिये तो वह चला गया था । कल निखिल महंत इनके घर आया और मोबाईल चार्जर उपर कमरा में छूट गया है कहकर उपर कमरे में गया और नीचे आकर शिवांश को बुलाकर चलो चिप्स दुंगा कहकर शाम करीब 5:30 बजे अपने साथ मो.सा. में बिठाकर ले गया करीब 7:30 बजे तब वापस नहीं आने पर बालक की खोजबिन किये और अनहोनी की अंदेशा भांप कर पुलिस चौकी खरसिया में सूचना दिये । खरसिया पुलिस संदेही निखिल महंत पर अप.क्र.104/2021 धारा 364-ए भादवि दर्ज कर विवेचना में लिया गया ।
वहीं घटना की सूचना मिलते ही रायगढ़ एसपी संतोष सिंह जिले में नाकेबंदी का पांइट देकर तुरंत खरसिया चौकी पहुंचे । एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा को रायगढ़ मुख्यालय में सायबर टीम के साथ संदेही का लोकेशन ट्रेश करने व सीमावर्ती जिलों के थाना प्रभारियों से संपर्क करने की जिम्मेदारी सौंपे । एसडीओपी खरसिया पितांबर पटेल को अनुविभाग के अलग-अलग अधिकारियों की टीम बनाकर जांच में मिली जानकारी के अनुसार शीघ्र अलग-अलग दिशाओं में टीम रवाना किये । घटना की सूचना पाकर रात ही में बिलासपुर आईजी रतनलाल डांगी खरसिया पहुंचे व मामले की पूरी जानकारी लेकर अधिकारियों को महत्तवपूर्ण दिशा निर्देश दिए। डीजीपी डी एम अवस्थी द्वारा मामलें में आवश्यक निर्देश दिए जाते रहे। रायगढ़ एसपी द्वारा बनाई गई टीमों में चौकी प्रभारी खरसिया के हमराह में स्टाफ मुख्य संदेही खिलावन महंत के गृहग्राम बाराद्वार एवं पामगढ़ की ओर रवाना किया गया । एडिशनल एसपी रायगढ़ से मिल रही जानकारी व क्लू के आधार पर दो इंस्पेक्टर को घन्टें भर के अंदर रायगढ़- झारखंड के रास्ते रवाना किया गया। एसडीओपी खरसिया के साथ अन्य स्टाफ संदेही के लोकल संपर्क सूत्रों के यहां लगातार छापेमारी की जा रही थी । तभी आरोपियों के सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम देने की जानकारी सामने आई । शातिर आरोपीगण पुलिस की नाकेबंदी के रास्तों को जानते हुए मुख्य मार्ग को छोड़ते हुए पहाड़ी व अंदरूनी रास्तों का प्रयोग करते बम्हनीनडीह- नंदेली- तारापुर अमलीभौना होते हुए रायगढ़ की सीमा पार करने की जानकारी मिली । जबकि खरसिया में संदेही अपने परिचितों को बिहार जाने की बात बताया था ताकि पुलिस बिहार की ओर टीम रवाना करें यही नहीं संदेही खिलावन महंत बालक को घर से मोटरसाइकिल में बिठा कर ले गया था। CCTV फुटेज में भी वह बाइक में दिखा परन्तु अपने साथियों के साथ अपनी पूर्व प्लानिंग अनुसार खिलावन महंत पुलिस को चकमा देने बाइक से निकला और रास्ते में बाइक छोड़ अपने दो साथी अमर दास महंत व संजय सिदार (ड्राइवर) जो किराये की अर्टिगा कार के साथ रास्ते में उसका इंतजार कर रहे थे, उनसे मिला । अब तीनों आरोपी बालक को कार में बिठाकर झारखंड रवाना हुये, वे इस घटना में अपने को सुरक्षित रखने झारखंड के पेशेवर अपहरण गिरोह को सौंपने के लिये सम्पर्क कर रहे थे, उसके बाद आरोपियों की योजना बालक के पिता से 25 लाख रूपये की डिमांड करने की थी ।
एसपी रायगढ़ सन्तोष कुमार सिंह ने सभी पहलुओं को बारीकी से जांच कर आरोपियों के बिहार, झारखंड, उड़ीसा जाने की संभावना को देखते हुए इन राज्यों की पुलिस से कोऑर्डिनेट कर इन राज्यों की पुलिस के अलर्ट कर संदेहियों का डिटेल शेयर किया गया व नाकेबंदी का अनुरोध किये जिनसे काफी मदद मिली । झारखंड के सभी संबंधित एसपी से लगातार संपर्क करते रहें व रायगढ़ की पीछा करने वाली टीम को निर्देशित किया। इसी बीच आरोपियों के अर्टिगा कार से खूंटी झारखंड की ओर जाने की जानकारी मिली। खरसिया से रवाना हुई 2 इंस्पेक्टरों की टीम इस कार का पीछा कर रही थी । आगे इस टीम द्वारा खूंटी पुलिस को कार एवं संदेहियों का हुलिया बताकर नाकेबंदी का पाइंट दिया गया जिस पर खूंटी पुलिस द्वारा आरोपियों की कार को रोका गया और पीछे-पीछे तभी रायगढ़ पुलिस की टीम पहुंची । जहां आरोपियों के कब्जे से बालक शिवांश को सकुशल बरामद कर खरसिया लाया गया है । आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा 25 लाख फिरौती के लिए बालक का अपहरण करने की बात बताई जा रही है, इस कार्य के लिए वे झारखंड के एक पेशेवर गिरोह के संपर्क मेंथे ।
खरसिया पुलिस घटना में प्रयुक्त मारुति अर्टिगा कार CG-13 AE-7025 की तलाशी लेने पर कार अंदर एक प्लास्टिक बोरी, गमछा, एक छोटी शीशी में क्लोरोफॉर्म, रस्सी, बोरी, मिक्चर, बिस्किट, चिप्स, पानी बॉटल मिला है, जिसे जप्त किया गया । आरोपी खिलावन दास महंत के मेमोरेंडम पर आरोपी द्वारा गाड़ी में छिपा कर रखी हुई चाकू तथा आरोपी अमर दास महंत एक चाकू निकालकर पेश किये, जिसे भी वजह सबूत जप्त किया गया । आरोपी खिलावन बाइक किसी अन्य व्यक्ति को देना बताया है जिसकी बरामदगी की जा रही है ।
खरसिया पुलिस आरोपियों का पुलिस रिमांड लेकर आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ।
बिलासपुर आईजी रतनलाल डांगी एवं एसपी रायगढ़ संतोष कुमार सिंह के मार्गदर्शन पर एडिशनल एसपी रायगढ़ अभिषेक वर्मा, एसडीओपी खरसिया पितांबर पटेल तथा अनुविभाग के थाना, चौकी प्रभारियों, सायबर सेल एवं स्टाफ की त्वरित कार्यवाही से घटना का शीघ्र पटाक्षेप हुआ है । डीजीपी डी.एम. अवस्थी द्वारा झारखंड पुलिस को सहयोग के लिये आभार व्यक्त किया गया है । उन्होंने ट्वीट पर रांची, खूंटी, सिमडेगा पुलिस को सहयोग के लिये धन्यवाद दिये हैं । रायगढ़ एसपी द्वारा झारखंड पुलिस विशेष तौर पर खूंटी पुलिस को प्रशस्ति पत्र प्रेषित कर आभार प्रकट करना बताये हैं ।
रायगढ़ पुलिस को मिली सफलता पर डीजीपी डीएम अवस्थी द्वारा बालक को सकुशल बरामद करने वाली टीम के लिये 01 लाख रूपये इनाम की घोषणा की गई हैं । आई जी बिलासपुर ने 10 हजार रुपये इनाम की घोषणा किये।
वहीं मुख्यमंत्री और गृहमंत्री एवं CMO आफिस द्वारा ट्वीट कर रायगढ़ पुलिस को बधाई दी गई है । खरसिया क्षेत्र सहित जिले के सभी नागरिकों द्वारा पुलिस की इस त्वरित कार्यवाई की प्रशंसा की जा रही है ।
Nbcindia24/धमतरी। जिले के गंगरेल,विश्रामपुर, तुमराबहार, डांगीमांचा,कसावाही,तुमाबुजर्ग जैसे गांवो में हाथियों के चहलकदमी से ईलाके में दहशत का माहौल है. इसी बीच वन विभाग ने पहल करते हुए क्षेत्र के स्कूली बच्चो को सुरक्षा के साथ गजराज वाहन में बैठाकर घर से स्कूल और स्कूल से घर छोड़ रहे है. ताकि छात्र छात्राओं को हाथियों द्वारा किसी तरह का कोई नुकसान ना हो।
हाथी दल द्वारा मचाए के उत्पाद
दरअसल आपको बता दे कि करीब 18 दिन से हाथियों का आतंक जारी है. हाथियों के दल ने खेतो में लगे धान गेंहू,केलाबाड़ी सहित अन्य फसलो को नुकसान पहुंचा रहे है. जिससे किसान चिंतित है. शुक्रवार रात हाथियों के दल ने फिर से गंगरेल बांध स्थित जल संसाधन के गार्डन में जमकर उत्पात मचाते हुए तोडफोड किया है. वन विभाग व्दारा हाथियों की हर गतिविधियों पर दिन रात नजर रखी जा रही है. जिससे जान माल की होने वाले नुकसान को रोका जा सके. इसके साथ ही हाथियों को क्षेत्र से खदेड़ने के लिए अनेक तरह से प्रयास किए जा रहे है. लेकिन बांध क्षेत्र होने के कारण हाथियों को यंहा से खदेड़ने में दिक्कत हो रही है. सोरम में युवक की मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने डीएफओ से मांग की थी. कि यहां से गुजरने वाले स्कूली विद्यार्थियों को सुरक्षा दी जाए. जिस पर डीएफओ सतोविशा समाजदार ने तत्काल घोषणा करते हुए कहा था. कि गजराज वाहन में बच्चे पलकों के साथ आना जाना करेंगे. इसे अमल करते हुए गजराज वाहन में स्कूली बच्चों को गजराज वाहन में सोरम भटगांव के स्कूल छोड़ा जा रहा है।
गजराज वाहन से स्कूल जाते छात्र छात्राएं
बताया जा रहा है कि शनिवार रात हाथियों का दल बेलतरा की ओर बढ़ गया है. वहां पर पोल्ट्री फॉर्म और फॉर्म हाउस हैं जिसके संचालकों में दहशत है. गांव में शाम होते ही लाइट बंद करा दी जाती है. रेंजर महादेव कन्नौजे ने बताया कि गंगरेल से 10 किलोमीटर दूर तक खदेड़ते हुए ला लिया गया है. अब आगे बालोद सीमा की ओर जाने की संभावना है इसी मार्ग से वह आया था।
Nbcindia24/mp। उमेश उमरिया की रिपोर्ट- प्रदेश के खरगोन जिले में नर्मदा नदी के किनारे बसा एक छोटा-सा गांव बकावां ‘कंकर’ से शंकर बनाने की अनूठी शिव साधना में जुटा है। आठ साल में सवा करोड़ शिवलिंग बनाने का लक्ष्य, सो यहां प्रतिमाह करीब एक लाख शिवलिंग बनाए जा रहे हैं। अब तक 12 लाख शिवलिंग बनाए जा चुके हैं। ये शिवलिंग आंध्र प्रदेश के गुंटूर में एक संस्थान के लिए बनाए जा रहे हैं। संस्थान इन शिवलिंगों को वहां बनने वाले मंदिर में स्थापित करेगा।
तैयार किए गए शिवलिंग
जिला मुख्यालय से करीब 65 किमी दूर बकावा में देश ही नहीं विदेशों तक के लिए शिवलिंग तैयार किए जाते हैं। मान्यता है कि नर्मदा नदी से निकलने वाला हर कंकर (पत्थर) शंकर का रूप होता है।
यहां से निकलने वाले इन्हीं पत्थरों को तराशकर शिवलिंग बनाए जाते हैं जिन्हें नर्मदेश्वर शिवलिंग कहते हैं। बिना प्राण प्रतिष्ठा इनकी स्थापना की जा सकती है। एक वर्ष पहले आंध्र प्रदेश की संस्था कोटिलिंगला महाकालेश्वर महाकालिका आध्यात्मिक सेवा संस्थान ने बकावां के शिल्पकार दीपक नामदेव से संपर्क किया और उन्हें एक इंच आकार के सवा करोड़ शिवलिंग बनाने के लिए कहा। संस्थान से जुड़े लक्ष्मीनारायण ने बताया कि आंध्र प्रदेश के गुंटुर जिले के वेमवरम गांव में भव्य मंदिर बनाने की योजना है। इसी मंदिर में ही सवा करोड़ शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। संस्थान ने इसके लिए ही बकावां के शिल्पकारों को आर्डर दिया है। संस्थान ने 2020 में जब सवा करोड़ शिवलिंग बनाने के लिए संपर्क किया तो अनुमान लगाया कि इसमें कम से कम आठ साल का समय लगेगा। अभी प्रतिमाह एक इंच के आकार के करीब एक लाख शिवलिंग बनाए जा रहे हैं। इस कार्य में उनके स्वजन सहित 50 शिल्पकार जुटे हैं।
शिवलिंग तैयार करते शिल्पकार
लक्ष्य समय पर पूरा करने के लिए शिल्पकारों की संख्या बढ़ाने की तैयारी है। एक शिवलिंग बनाने की लागत करीब पांच रुपए आ रही है। अब तक 12 लाख शिवलिंग बनाए जा चुके हैं। इन्हें तैयार होते ही आंध्र के संस्थान को भेज दिया जाता है। अब तक तैयार सभी शिवलिंग भेजे जा चुके हैं।
शुभम कर्मा शिवलिंग तैयार करने वाले युवा
प्राकृतिक रूप से बनती है आकृति-
नर्मदा नदी से निकलने वाले कंकर के इन शंकर में कई खूबियां हैं इन शिवलिंग को देखने पर इनमें प्राकृतिक ओम, स्वस्तिक, नाग, गणेश, शिव का अर्धनारीश्वर रूप, मस्तक पर तिलक आदि आकृति दिखाई देती है। शिवलिंग लेने के लिए यहां देशभर से श्रद्धालु आते हैं। पिछले कुछ वर्ष से शिवलिंग ऑनलाइन भी भेजे जा रहे हैं। शिवरात्रि और सावन माह के पहले इनकी मांग बढ़ जाती है। इन अवसरों पर प्रतिमाह 500 से अधिक शिवलिंग आनलाइन भेजे जाते हैं। अब तो विदेश से भी आर्डर मिलने लगे हैं। यहां पांच रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक के शिवलिंग बनाए जाते हैं।
Nbcindia24/chhattisgarh। प्रदेश की न्यायधानी संस्कारधानी बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में जिदंगी और मौत से जंग लड़ रही 14 माह की सृष्टि दुर्लभ बीमारी एसएमए टाइप वन (स्पाइनल मस्कुलर एट्राफी) से ग्रसित है। इसे बचाने के लिए स्विट्जरलैंड में नोवार्टिस कंपनी की ओर से निर्मित जोल्जेंसमा इंजेक्शन की जरूरत है। इसकी कीमत 16 करोड़ रुपये है। इसके अलावा साढ़े छह करोड़ का आयात शुल्क देना होगा। मासूम की जान बचाने के लिए पिता ने पूरे देश से मदद की गुहार लगाई है।
सृष्टि के पिता सतीश कुमारमूलत: झारखंड के पलामू जिले के ग्राम कांके कला सिक्की के रहने वाले हैं। वे वर्तमान में कोरबा जिले के दीपका स्थित एसईसीएल में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी सृष्टि का जन्म 22 नवंबर 2019 को हुआ। चार-पांच महीने तक सब सामान्य रहा। इसके बाद अचानक सृष्टि के हाथ-पैर ने काम करना बंद कर दिया। जांच के बाद डाक्टर ने बताया कि गर्दन सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। इलाज के लिए किसी बड़े विशेषज्ञ को दिखाने की सलाह दी। इस पर उन्होंने जून 2020 में रायपुर में न्यूरोलाजिस्ट से जांच कराई। वहां भी समस्या का पता नहीं चला। कई विशेषज्ञों को दिखाने के बाद भी सृष्टि की बीमारी पकड़ में नहीं आई। इधर उसकी हालत बिगड़ती गई। दिसंबर में उसे वेल्लूर (तमिलनाडु) ले जाया गया। जहां एसएमए टाइप वन टेस्ट किया गया। इसकी रिपोर्ट आने में समय लगता है। इस बीच 30 दिसंबर को सृष्टि की तबीयत बिगड़ गई। दूसरे दिन अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। बच्ची को वेंटिलेटर में रखा गया। 23 जनवरी को वेल्लूर से मिली रिपोर्ट में सृष्टि के एसएमए टाइप वन से ग्रसित होने की पुष्टि हुई। यह दुर्लभ बीमारी है। इसे बचाने के लिए जोल्जेंसमा इंजेक्शन चाहिए। इसकी कीमत 16 करोड़ है।
अपोलो के शिशु रोग विशेषज्ञ डा. सुशील कुमार ने बताया कि स्विट्जरलैंड की नोवार्टिस कंपनी जोल्जेंसमा इंजेक्शन बनाती है। जीन थैरेपी मेडिकल जगत में एक बड़ी खोज है। इसकी एक डोज से पीढियों तक पहुंचने वाली जानलेवा जेनेटिक बीमारी को ठीक किया जा सकता है। निर्माता कंपनी नोवार्टिस ने इंजेक्शन की कीमत 16 करोड़ स्र्पये रखी है।
सृष्टि के पिता सतीश कुमार ने बताया कि देश में इस बीमारी से पीड़ित सृष्टि समेत पांच बच्चे वेंटिलेटर पर हैं। इसमें मुंबई निवासी छह महीने की बच्ची तीरा भी शामिल है। उसकी मदद के लिए मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में अभियान चलाया गया। फेसबुक, टि्वटर, वाट्सएप समेत अन्य इंटरनेट मीडिया के माध्यम से लोगों से सहायता की अपील की गई। इसका व्यापाक असर भी दिखा। सिर्फ 92 दिनों के अंदर 16 करोड़ स्र्पये व्यवस्था कर ली गई। वहीं सरकार ने इंजेक्शन के लिए साढ़े छह करोड़ स्र्पये का आयात शुल्क माफ कर दिया है। हालांकि इस इंजेक्शन को आने में अभी भी एक महीने का समय लगेगा। वहीं सृष्टि के अलावा अन्य चार बच्चों के लिए अभी तक इंजेक्शन की व्यवस्था नहीं हो सकी है। वही अब सृष्टि की मदद के लिए भी उसके पिता ने लोगों से गुहार लगाई है।और अपनी मासूम बिटिया को जिंदगी देने के लिए मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री से मदद की मांग की है।
Nbcindia24/छत्तीसगढ़। प्रदेश के दंतेवाड़ा जिला में रविवार 14 फरवरी के दिन वेलेंटाइन डे के खास मौके पर दन्तेवाड़ा पुलिस ने 15 आत्मसमर्पित नक्सल जोडें को वैवाहिक जीवन मे बंधने का फैसला लिया जिए महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से बखूबी पूरा भी किया विवाह के बंधन में बंधे आत्मसमर्पित नक्सलियों में 5 लाख से लेकर एक लाख तक का इनाम घोषित था जो मुख्यधारा से जुड़ने के बाद अब विवाह के बंधन में बंध एक नए जीवन की शुरुआत करने जा रहे हैं
विवाह के बंधन में बंधते आत्म समर्पित नक्सली
आदिवासी परम्परा अनुसार इन सभी जोड़ो का विवाह करवाया गया । एसपी व पुलिस के अधिकारी बाराती बन इस विवाह समारोह में शामिल हुए । खुद दंतेवाड़ा SP बाराती बन कंधे में तुम्बा पकड़कर वधु पक्ष को लाने गए । इन आत्मसमर्पित नक्सलियों की विवाह की जिम्मेदारी दंतेवाड़ा महिला बाल विकास विभाग ने उठाया । इन आत्मसमर्पित नक्सलियो में से कई ऐसे नक्सली भी थे जो कि समर्पण से पहले नक्सल संगठन में रहते एक दूजे से प्रेम करते थे और अब समर्पण के बाद विवाह कर रहे है । तो कई ऐसे नक्सली भी है जिनके आत्मसमर्पण के बाद समाज ने उन्हें स्वीकारा और अब वे विवाह कर रहे है ।
आदिवासी रिती रिवाज के साथ हुई शादी
आयोजन के माध्यम से दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने पुलवामा में शहीद हुए 40 जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए बतलाया कि हिंसा पर हमेशा प्रेम की जीत होती है और यह जीत देश विरोधी ताकतों के खिलाफ जीत है
वैवाहिक कार्यक्रम में बराती और घराती बन पहुंचे एसपी अभिषेक पल्लव
Nbcindia24/chhattisgarh। अन्न दान का महापर्व “”छेरछेरा”” धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।छत्तीसगढ़ में यह पर्व नई फसल के खलिहान से घर आ जाने के बाद मनाया जाता है। इस दौरान लोग घर-घर जाकर लोगों से अन्न का दान माँगते हैं। वही इस पर्व में गाँव के युवक-यवती घरों घर जा डंडा नृत्य करते हैं।
डंडा नृत्य करते युवक युवती
लोक परंपरा के अनुसार पौष महीने की पूर्णिमा को प्रतिवर्ष छेरछेरा का त्योहार मनाया जाता है।इस दिन सुबह से ही बच्चे, युवक व युवतियाँ हाथ में टोकरी, बोरी आदि लेकर घर-घर छेरछेरा माँगते हैं।वहीं युवकों की टोलियाँ डंडा नृत्य कर घर-घर पहुँचती हैं।धान मिंसाई हो जाने के चलते गाँव में घर-घर धान का भंडार होता है,जिसके चलते लोग छेर छेरा माँगने वालों को दान करते हैं।
डंडा नृत्य
इन्हें हर घर से धान, चावल व नकद राशि मिलती है।इस त्योहार के दस दिन पहले ही डंडा नृत्य करने वाले लोग आसपास के गाँवों में नृत्य करने जाते हैं। वहाँ उन्हें बड़ी मात्रा में धान व नगद रुपए मिल जाते हैं।इस त्योहार के दिन कामकाज पूरी तरह बंद रहता है।इस दिन लोग प्रायः गाँव छोड़कर बाहर नहीं जाते। आज इलाके में द्वार-द्वार पर ‘छेरछेरा, कोठी के धान ल हेरहेरा’ की गूँज सुनाई दे रही है।पौष पूर्णिमा के अवसर पर मनाए जाने वाले इस पर्व के लिए लोगों में काफी उत्साह है।गौरतलब है कि इस पर्व में अन्न दान की परंपरा का निर्वहन किया जाता है
गौरतलब है कि यह उत्सव कृषि प्रधान संस्कृति में दानशीलता की परंपरा को याद दिलाता है। उत्सवधर्मिता से जुड़ा छत्तीसगढ़ का मानस लोकपर्व के माध्यम से सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने के लिए आदिकाल से संकल्पित रहा है।
Nbcindia 24/वाराणसी। भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन काशी प्रवास पर थे इस दौरान धवन मंदिरों में पूजा अर्चना के साथ गंगा में नौका विहार का लुफ्त भी लिया, लेकिन शिखर की एक गलती का खामियाजा अब उन नाविक व नाव मालिक को भारी पड़ गया, जिन्होंने गंगा की लहरों पर शिखर को सवारी कराई थी।
शिखर धवन क्रिकेटर
दरअसल बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही प्रवासी पक्षियों को चारा खिलाने पर रोक लगा रखी थी इसके बावजूद शिखर ने बगैर इस आदेश की परवाह किए न केवल प्रवासी पक्षियों को नौका विहार के दौरान चारा खिला है बल्कि फोटो भी इंस्टाग्राम पर शेयर कर दी जिसको संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई शिखर धवन पर तो नहीं हुई लेकिन पुलिस-प्रशासन ने नाविक व नाव मालिक को धारा-188 के तहत नोटिस जारी कर 3 दिनों के लिए नौका विहार में नाव संचालन पर रोक लगा दी है।
प्रदीप साहनी नाव मालिक
नाव मालिक प्रदीप साहनी का कहना है की नियम सब के लिए बना है हम उनका सम्मान करते है जिस तरह नौका विहार में तीन दिन तक हमारे नाव संचालन पर प्रतिबन्ध लगाया गया है उसी तरह उनपर भी कार्यवाही होनी चाहिए।