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शनि. मई 16th, 2026

CG: वेयरहाउस में भेजे गए खराब चांवल होंगे वापस, मिलर्स की बढ़ी मुश्किलें

दंतेवाड़ा।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के गीदम स्थित वेयरहाउस में भारी मात्रा में खराब चावल पाए जाने के मामले में राज्य की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक के निर्देश पर की गई है।

जारी आदेश के अनुसार वेयरहाउस में भंडारित 65,857 बोरा चावल को संबंधित मिलर्स को वापस किया जाएगा। इसके बदले मिलर्स से नया और गुणवत्तापूर्ण चावल लिया जाएगा, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत वितरण प्रभावित न हो।

खराब चावल का मामला सामने आने के बाद रायपुर से आई जांच टीम ने गोदाम में रखे पूरे स्टॉक के सैंपल लिए थे। जांच में चावल शासन द्वारा तय उपार्जन एवं गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा, जिसके बाद यह सख्त फैसला लिया गया।

बताया जा रहा है कि खराब पाए गए चावल की मात्रा लगभग 33 हजार क्विंटल है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में चावल की वापसी से मिलर्स की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।

इससे पहले भी इस मामले में बड़ी कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें क्वालिटी इंस्पेक्टर, गोदाम प्रभारी और शाखा प्रबंधक को निलंबित किया गया था।

अब इस पूरे प्रकरण को लेकर प्रबंध संचालक की ओर से कलेक्टर को पत्र भेजा गया है, जिसमें निर्देश दिए गए हैं कि भंडारित चावल का शीघ्र रिप्लेसमेंट सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को मिलने वाले राशन वितरण में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।

गरियाबंद ब्रेकिंग@ अमलीपदर इलाके से पुलिस ने तीन वाहनों से जब्त किया 142 किवंटल धान

गरियाबंद ब्रेकिंग @ गरियाबंद के अमलीपदर इलाके से पुलिस ने तीन वाहनों से जब्त किया 142 किवंटल धान.जब्त धान की कीमत 4 लाख 40 हजार 200 रुपए.दो ट्रैक्टर को पुलिस ने ध्रुवापथरा के नदी से पकड़ा, जबकि 1109 को बिरिघाट में एक खेत से पकड़ा गया.

1109 में 200 बोरी धान, एक ट्रेक्टर में 60 बोरी, जबकि दूसरे ट्रैक्टर में 54 बोरी धान लोड था.ओडिशा के व्यापारी धान को अवैध तरीके से छत्तीसगढ़ में खपाने की फिराक में थे.नदियों के रास्ते ओड़िशा से छत्तीसगढ़ लाया जा रहा था अवैध धान का बड़ा खेप.तस्करों के मंसूबे को पुलिस ने किया नाकाम.पुलिस ने धान सहित तीन वाहनों को किया जब्त.

स्कूल का मैदान बना मदिराप्रेमियों का अड्डा, स्थानीय लोग परेशान

रायपुर /समोदा @ नवीन नगरपंचायत समोदा के शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय का मैदान इन दिनों मदिराप्रेमियों का अड्डा बनता जा रहा है। देर शाम से लेकर रात तक मैदान में शराब पीने, गुटखा–सिगरेट पीने और आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त लोगों का जमावड़ा देखा जा रहा है। इससे स्कूल परिसर की सुरक्षा और माहौल दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि रोज़ाना नशे में धुत व्यक्तियों के जमने से बच्चों में भय का माहौल बन गया है। सुबह स्कूल आने वाले छात्रों को मैदान में जगह-जगह खाली शराब की बोतलें, डिस्पोज़ल गिलास तथा सिगरेट के अवशेष दिखाई देते हैं, जिससे स्वच्छता भी प्रभावित हो रही है।ग्रामीणों ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए स्थानीय प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा का वातावरण और स्कूल की गरिमा पर गंभीर असर पड़ेगा।

स्कूल प्रबंधन ने भी इस समस्या की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी है और मैदान में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल्द ही क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों के लिए स्कूल का वातावरण सुरक्षित और स्वच्छ बना रहे।

नवीन सुरक्षा कैम्प पल्लेवाया – अबूझमाड़ में विकास व सुरक्षा की नई राह

दंतेवाड़ा @ अति नक्सल प्रभावित बीजापुर व अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम पल्लेवाया में दंतेवाड़ा पुलिस एवं CRPF की 165वीं बटालियन द्वारा नया फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (F.O.B.) स्थापित किया गया है। यह कदम लंबे समय से नक्सलियों के कोर जोन रहे इस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास की नई शुरुआत माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजना “नियद नेल्लानार” के तहत इस कैंप की स्थापना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना तथा शासन की योजनाओं का लाभ दूर-दराज आबादी तक पहुंचाना है।

पल्लेवाया में बनाए गए इस सुरक्षा कैम्प से बीजापुर और नारायणपुर जिले के अब तक पहुंचविहीन कई गांव अब सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, स्वास्थ्य केंद्र, पीडीएस दुकानें, शिक्षा सहित सभी मूलभूत सुविधाओं से बेहतर रूप से जुड़ सकेंगे।

यह महत्वपूर्ण स्थापना बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी., सीआरपीएफ के पुलिस महानिरीक्षक श्री शालीन, दंतेवाड़ा रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, तथा सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों— राकेश चौधरी, मृत्युंजय कुमार, विवेकानंद सिंह, राजन कुमार, डॉक्टर आशीष शांडिल्य एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राम कुमार बर्मन के निर्देशन में पूरी हुई।

इस अभियान में दंतेवाड़ा और बीजापुर पुलिस, CRPF की 165वीं बटालियन, कोबरा 201 वाहिनी तथा यंग प्लाटून 231, 111 और 165 वाहिनी के जवानों की सक्रिय व संयुक्त भागीदारी रही।

बताया गया कि 4 दिसम्बर 2025 को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों ने अथक प्रयास कर कैम्प की स्थापना की। इस दौरान क्षेत्र में स्थित नक्सली स्मारकों को भी ध्वस्त किया गया। जवानों ने स्थानीय जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए दिन-रात लगातार निर्माण कार्य जारी रखा। यह F.O.B. सुरक्षा बलों की असाधारण वीरता, दृढ़ इच्छाशक्ति और पेशेवर क्षमता का प्रतीक बताया जा रहा है।

पल्लेवाया में स्थापित यह नया सुरक्षा कैम्प अबूझमाड़ के भीतरी इलाकों में सुरक्षा और शासन की पहुँच मजबूत करेगा। इससे क्षेत्र में शांति, विश्वास एवं विकास के नए अध्याय की शुरुआत होने की उम्मीद है। यह पहल केंद्र सरकार के उस लक्ष्य को भी गति प्रदान करती है, जिसके तहत वर्ष 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित है।

विशेषज्ञों के अनुसार, पल्लेवाया FOB की स्थापना “विकास ही सुरक्षा” की नीति को मजबूत करते हुए अबूझमाड़ में स्थायी शांति, समृद्धि और प्रगति की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

समोदा रोड हादसा : दो बाइकों की आमने–सामने भिड़ंत, एक युवक गंभीर रूप से घायल

समोदा @ क्षेत्र में लगातार हो रहे सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को समोदा मार्ग पर एक बार फिर दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ़्तार में आ रही दोनों मोटरसाइकिलें अचानक आमने-सामने भिड़ गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहन सड़क पर दूर तक घिसटते चले गए। हादसे में एक युवक को गम्भीर चोटें आईं, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया। दूसरे बाइक सवार को भी हल्की चोटें आई हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि समोदा रोड पर एक भी जगह गतिवरोधक नहीं होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं। लोगों ने प्रशासन से अपील की है इस सड़क पर स्कूल कॉलेज व हॉस्टल संचालित है जिसको देखते हुए यहां जल्द से जल्द गतिवरोधक बनाने की मांग की है।

देशी उपचार और झोला छाप डॉक्टर के चक्कर में फंसे एक ही परिवार के 3 मासूम बच्चों के मौत का मामला

राहुल ठाकुर गरियाबंद @ देशी उपचार और झोला छाप डॉक्टर के चक्कर में फंसे एक ही परिवार के 3 मासूम बच्चों के मौत का मामला सामने आया है, मामला अमलीपदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन आने वाले ग्राम धनौरा का है, यहां रहने वाले डमरूधर नागेश मक्का तुड़ाई के लिए उदंती अभ्यारण्य क्षेत्र में मौजूद अपने ससुराल साहेबीनकछार गया हुआ था।

सप्ताह भर रहा और बच्चों के तबियत बिगड़ने पर लौट आया, साथ में गए तीनों बच्चे को बुखार आया, उसी इलाके में पहले झोलाछाप से इलाज कराया, गांव लौटा तो झाड़ फूंक कराता रहा, गांव की मितानीन को भनक लगी तो उसने अस्पताल चलने कहा, पर नागेश परिवार अंतिम सांस चलने तक उपचार के दूसरे तरीकों का सहारा लेता रहा, पहली मौत 11 नवंबर को 8 साल की बेटी अनिता का हुआ, मां के आंखों से आंसू थमें ही नहीं थे, कि 13 नवम्बर को दूसरी मौत 7 साल के बेटा बालक का और इसी दिन कुछ घंटे बाद 4 साल के बेटे गोरेश्वर की भी सांसे थम गई, एक ही परिवार के तीनों चिराग बुझने की इस घटना ने जहां झकझोर कर रख दिया है।

वहीं इस जानलेवा बिमारी से ग्रामीणों में दहशत भी बना हुआ है, मौतों की जानकारी लगने के बाद जिला स्वास्थ्य अधिकारी यू एस नवरत्न ने 3 सदस्यी जांच दल गठित कर दिया है, टीम गांव पहुंच कर अब कारण जानने में जुटी हुई है, इस इलाके में आधी अधूरी स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते आधुनिक चिकित्सा पर भरोसा उठ गया है, पहले भी इस गांव में सर्प दंश के चलते एक ही परिवार के 2 सदस्यों की मौत झड़फूक से हुई थी, वनांचल में झोलाछाप डॉक्टर भी सक्रिय है, जो स्वास्थ्य विभाग के कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

वहीं जिले के सीएमएचओ ने विभागीय जांच की बात कही है, साथ ही रायपुर से एक टीम भी इस गांव में पहुंचकर जांच करेगी जहां एक ही परिवार के तीन बच्चों की अचानक मौत हुई है, मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा साथ ही जनजागरूकता कार्यक्रम उस क्षेत्र में चलाया जाएगा, उसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी बात कर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में स्वास्थ विभाग लोगों को मेडिकल साइंस के प्रति विश्वास जगाने कार्यक्रम आयोजित करेगी।

जिले के छह रेत घाटों के लिए आवेदन 26 तक, 27 को होगी लॉटरी

रायपुर @ जिले की पहली रेत घाट ऑनलाइन आवंटन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिले के इस एकमात्र रेत घाट के लिए कुल 501 आवेदन आए थे। जांच के दौरान 23 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया, जबकि 478 आवेदनों को ऑनलाइन लॉटरी में शामिल किया गया। इसमें जनक कुमार यादव का नाम चयनित हुआ है। बताया जा रहा है कि रेत सिंडिकेट की ओर से आवेदन डाला गया था, यानी इस रेत घाट का संचालन भी सिंडिकेट द्वारा ही किया जाएगा।

अब जिले के 6 अन्य रेत घाटों के लिए नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन घाटों के लिए इच्छुक आवेदक 26 तारीख तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, जबकि 27 तारीख को लॉटरी के माध्यम से पात्र आवेदकों का चयन होगा।

इन रेत घाटों में गोबरा–नवापारा की टीला–बी, चांपा‍झर–ए, चांपाझर–बी, आरंग तहसील की हरदीडीह–बी, कुरुद–सी और राटकाट–बी रेत घाट शामिल हैं।

बस का इंतजार कर रहे यात्रियों में जा घुसी अनियंत्रित कार, 1 की मौत 2 घायल, घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी

पेंड्रा @ जिले के सिवनी मझगवां गांव के मुख्य मार्ग पर शनिवार सुबह एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बस का इंतजार कर रहे लोगों में जा घुसी। इस हादसे में एक अधेड़ व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।हादसे में एक महिला और एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक नशे में धुत था। हादसे के बाद ग्रामीणों ने आरोपी चालक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। थाना प्रभारी रणछोड़ सिंह सेंगर ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है और घायलों को अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि घायल कार चालक का भी इलाज कराया जा रहा है।

गरियाबंद ठंड में भूख हड़ताल पर किसान परिवार, अपनी ही जमीन पर हक की लड़ाई जारी

राहुल ठाकुर गरियाबंद @ जिले में कड़कड़ाती ठंड के बीच खरीपथरा के किसान मुरहा नागेश अपने पूरे परिवार के साथ रातभर से गांधी मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे हैं, चार महीने पहले भी वे अपनी जमीन के मालिकाना हक की मांग को लेकर कलेक्टरेट के सामने भूख हड़ताल कर चुके थे, तब अमलीपदर तहसीलदार ने दो माह के भीतर जमीन दिलाने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक वह वादा पूरा नहीं हुआ।

इस बीच दबंगों ने किसान के खेत में खड़ी फसल तक नष्ट कर दी, बावजूद इसके प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, अब मुरहा नागेश का कहना है, कि इस बार वे किसी लिखित भरोसे पर नहीं मानेंगे, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे परिवार सहित गांधी मैदान में डटे रहेंगे, वहीं इस पूरे मामले को लेकर अमलीपदर तहसीलदार ने कहा है, कि केवल मुरहा नागेश की जमीन में समस्या नहीं है, पूरे गांव की जमीन में समस्या है, इसके लिए समय लग रहा है, और अभी 1 से 2 माह का समय और लगेगा ।

गरियाबंद पुलिस की बड़ी सफलता – उदंती एरिया कमेटी के DVCM सुनील सहित 7 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्प

जिले के वरिष्ठ पत्रकार पुरुषोत्तम पात्र और गिरीश जगत को आईजी अमरेश मिश्रा एवं एसपी निखिल राखेचा ने नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए विशेष भूमिका निभाने पर किया सम्मानित

राहुल ठाकुर गरियाबंद @ जिले में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से सक्रिय उदंती एरिया कमेटी को पुलिस ने करारा झटका दिया है। पुलिस के बढ़ते दबाव और शासन की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर उदंती एरिया कमेटी के डिवीजनल कमेटी मेंबर (DVCM) सुनील सहित 7 सक्रिय नक्सलियों ने गरियाबंद पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के दौरान अपने पास मौजूद एक SLR, तीन इंसास राइफलें तथा कई देशी हथियार और विस्फोटक सामग्री पुलिस के हवाले कर दी।

नक्सल संगठन पर पुलिस का बढ़ता दबाव

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह आत्मसमर्पण अभियान पिछले कई महीनों से चल रहे ऑपरेशन उदंती-सिहावा की सफलता का परिणाम है। सुरक्षा बलों की लगातार सर्चिंग, जंगलों में गश्त और स्थानीय स्तर पर खुफिया तंत्र के सक्रिय रहने से नक्सली संगठन की गतिविधियाँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।फोर्स की बढ़ती कार्रवाई और नेतृत्व स्तर पर दबाव ने नक्सलियों के भीतर असुरक्षा की भावना पैदा कर दी, जिसके चलते उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

सुनील का पत्र बना बदलाव की शुरुआत

सूत्रों के अनुसार, कुछ दिनों पूर्व उदंती एरिया कमेटी के सचिव सुनील ने अपने साथियों के नाम एक पत्र जारी कर आत्मसमर्पण करने की अपील की थी। इस पत्र के बाद कई सदस्य पुलिस संपर्क में आए और आज उन्होंने औपचारिक रूप से पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण किया।

पुनर्वास नीति का लाभ मिलेगा

गरियाबंद पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सभी निर्धारित लाभ प्रदान किए जाएंगे, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकें।उन्होंने शेष बचे नक्सलियों से भी अपील की कि वे हथियार छोड़कर समाज और परिवार के साथ शांति एवं विकास की राह अपनाएँ।

जिले के वरिष्ठ पत्रकार पुरुषोत्तम पात्र और उसके सहयोगी गिरीश जगत को मिला सम्मान

इस आत्मसमर्पण अभियान को सफल बनाने में वरिष्ठ पत्रकार पुरुषोत्तम पात्र और उनके सहयोगी गिरीश जगत की भूमिका सराहनीय रही, इन दोनों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति स्थापना और संवाद कायम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया,उनके इस योगदान को देखते हुए रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा और एसपी निखिल राखेचा ने उन्हें साल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

नक्सलवाद की पकड़ ढीली पड़ रही

ज्ञात हो कि गरियाबंद, मैनपुर और उदंती वन क्षेत्र में कई वर्षों से नक्सल गतिविधियाँ चल रही थीं। परंतु सुरक्षा बलों की निरंतर सघन कार्रवाई, स्थानीय लोगों का सहयोग और आत्मसमर्पण नीति की सफलता से अब नक्सल संगठन की पकड़ कमजोर पड़ती जा रही है।

अधिकारियों ने कहा कि …..

अब समय आ गया है कि बंदूक की जगह कलम और कुदाल से समाज निर्माण की दिशा में काम किया जाए।इस आत्मसमर्पण को गरियाबंद जिले में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।