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शनि. मई 16th, 2026

CG: बालोद में जमही टोल प्लाजा के पास दर्दनाक हादसा, तीन दोस्तों की मौके पर मौत

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोददल्लीराजहरा मुख्य मार्ग पर शुक्रवार रात एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा जमही टोल प्लाजा के पास हुआ, जहां सड़क किनारे खड़ी एक ट्रक के पीछे तेज रफ्तार बाइक जा भिड़ी।

जानकारी के अनुसार, रात करीब 9 बजे बाइक सवार तीन युवक कुसुमकसा से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान जमही टोल प्लाजा के समीप सड़क किनारे खड़ी अज्ञात ट्रक से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

मृतकों की पहचान

हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान विनोद हल्बा, प्रशांत हल्बा और हरीश हल्बा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, तीनों गुजरा गांव के निवासी थे और किसी काम से कुसुमकसा गए हुए थे, जहां से वापस लौटते समय यह दर्दनाक हादसा हो गया।

सिर में आई गंभीर चोटें

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना इतनी भयावह थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। तीनों युवकों के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही दल्लीराजहरा पुलिस मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस के माध्यम से शवों को जिला अस्पताल की मर्च्युरी में रखवाया गया। शनिवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी।

ट्रक चालक की तलाश जारी

पुलिस ने बताया कि सड़क पर लापरवाहीपूर्वक खड़ी अज्ञात वाहन और चालक की तलाश की जा रही है। 

क्षेत्र में शोक की लहर

एक ही गांव के तीन युवकों की एक साथ मौत से गुजरा गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे भारी वाहनों की अवैध पार्किंग पर सख्ती से कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

बीजापुर में भरोसे की पहल: कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी

बीजापुर। जिले के थाना मोदकपाल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंगुड़ में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। CRPF की 62वीं वाहिनी और थाना मोदकपाल पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा बनाए गए 06 माओवादी स्मारकों को ध्वस्त कर दिया।

 

सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अभियान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ और क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

कार्रवाई के बाद ग्राम पंगुड़ में चलित थाना भी लगाया गया, जहां ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और उनका निराकरण किया गया। साथ ही साइबर फ्रॉड और ओटीपी ठगी से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।

 

सुरक्षा बलों की इस पहल से ग्रामीणों में उत्साह और विश्वास का माहौल देखने को मिला है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि क्षेत्र में शांति और विकास को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा।

बदलता सुकमा: जहाँ गूंजती थी बंदूकों की दहाड़, अब बल्ले से बरस रहे चौके-छक्के

लाल आतंक का छट रहा अंधेरा, जवानों ने बदली नागाराम की तस्वीर

धर्मेन्द्र सिंह सुकमा कभी गोलियों की आवाज़ और बारूद की गंध से दहला रहने वाला बस्तर का सुदूर इलाका अब बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र नागाराम में सीआरपीएफ 74वीं वाहिनी द्वारा आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट ने यह संदेश दिया कि अब सुकमा हिंसा के साये से निकलकर विकास और शांति की नई पिच पर मजबूती से ‘बैटिंग’ कर रहा है।

यह वही सुकमा है, जहाँ कभी नक्सली घटनाओं के कारण शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाता था। बच्चे घरों में सिमट जाते थे, स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और युवाओं के सपने भय के साए में दब जाते थे। नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों और निर्दोष ग्रामीणों की यादें आज भी लोगों के दिलों में ताज़ा हैं। ऐसे माहौल में नागाराम जैसे गांव में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन अपने आप में ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।

शहीदों की स्मृति में सजा खेल का मैदान

सीआरपीएफ 74वीं वाहिनी के कमांडेंट हिमांशु पांडे के निर्देशन में यह आयोजन बुरकापाल के शहीदों की स्मृति में किया गया। मैच शुरू होने से पहले जवानों और ग्रामीणों ने 24 अप्रैल 2017 को बुरकापाल में शहीद हुए 25 वीर जवानों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं गई। आज उसी बलिदान का परिणाम है कि अंदरूनी गांवों के युवा निडर होकर मैदान में उतर रहे हैं और खेल के माध्यम से नई पहचान गढ़ रहे हैं।

मैदान पर दिखा युवाओं का जोश

टूर्नामेंट में सुदूर वनांचल की चार टीमों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों को सीआरपीएफ की ओर से खेल किट और जर्सी प्रदान की गई। फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा।

  • विजेता: चिंतलनार की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 हजार रुपये और ट्रॉफी अपने नाम की।

  • उपविजेता: केरलपेंदा की टीम दूसरे स्थान पर रही, जिन्हें 5 हजार रुपये और ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।

  • बेस्ट बैट्समैन और बेस्ट बॉलर को भी विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए।

मैदान में युवाओं का जोश और दर्शकों की तालियों की गूंज ने माहौल को उत्सव में बदल दिया।

 स्थानीय युवा खिलाड़ी, नागाराम

“पहले इन रास्तों पर चलने में डर लगता था, लेकिन आज हम यहां खुलकर खेल रहे हैं। क्रिकेट ने हमें नई पहचान दी है और सपने देखने का हौसला भी।”

भय से भरोसे तक का सफर

कभी शाम ढलते ही सन्नाटे में डूब जाने वाले नागाराम और आसपास के गांवों में अब खेल के जरिये सुरक्षाबलों और ग्रामीणों के बीच भरोसे का पुल मजबूत हो रहा है। युवाओं के हाथों में बंदूक की जगह क्रिकेट का बल्ला थमाना, बस्तर के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में बड़ा संकेत है।

हिमांशु पांडे, कमांडेंट, सीआरपीएफ 74वीं वाहिनी

कमांडेंट हिमांशु पांडे ने कहा, “अब सुकमा और बस्तर बदल रहे हैं। गांवों में शांति का माहौल है और युवा विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। हमारा प्रयास है कि खेल और सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जाए।”

सुकमा के जंगलों में अब सिर्फ सुरक्षा अभियान ही नहीं, बल्कि उम्मीदों की नई सुबह भी नजर आने लगी है। क्रिकेट की ‘ठक-ठक’ ने यह साबित कर दिया है कि बदलाव संभव है—जब सुरक्षा, विश्वास और विकास साथ चलें।

GOOD NEWS: आज 13 से 15 फरवरी से सियादेवी जलाशय में रोमांच और पर्यटन का महाकुंभ

सियादेवी इको एडवेंचर फेस्ट का महाकुंभ

आज 13 से 15 फरवरी तक सियादेवी जलाशय बनेगा रोमांच और पर्यटन का नया केंद्र

CHHATTISGARH/ बालोद। जिले में पर्यटन को नई पहचान देने के उद्देश्य से सियादेवी इको एडवेंचर फेस्ट का भव्य आयोजन हो रहा है। यह तीन दिवसीय आयोजन 13 से 15 फरवरी तक सियादेवी जलाशय में आयोजित किया जाएगा। जिला प्रशासन की पहल पर यह फेस्ट न केवल रोमांच और मनोरंजन का संगम होगा, बल्कि स्थानीय रोजगार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

गुरूर विकासखण्ड के ग्राम नारागांव स्थित यह मनोरम पर्यटन स्थल इन दिनों पूरी तरह सजा हुआ है। प्राकृतिक सौंदर्य के बीच आयोजित यह फेस्ट पर्यटकों को रोमांच, संस्कृति और स्वाद का अनूठा अनुभव देगा।

🚣 रोमांचक गतिविधियों का मिलेगा भरपूर आनंद

फेस्ट में पर्यटकों के लिए एडवेंचर और मनोरंजन की अनेक गतिविधियाँ आयोजित की गई हैं, जिनमें शामिल हैं—

  • बैंबू राफ्टिंग

  • फ्लोटिंग बैलून

  • हॉट एयर बैलून

  • बोटिंग

  • विभिन्न एडवेंचर एक्टिविटी

  • बच्चों के लिए मनोरंजन ज़ोन

  • युवाओं के लिए स्पेशल एडवेंचर स्पोर्ट्स

प्राकृतिक जलाशय के शांत वातावरण में हॉट एयर बैलून और फ्लोटिंग गतिविधियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

🎭 संस्कृति और स्वाद का संगम

फेस्ट में स्थानीय कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहाँ छत्तीसगढ़ी स्वाद का लुत्फ उठाया जा सकेगा।

यह आयोजन स्थानीय महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को मंच प्रदान करेगा, जिससे उन्हें स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

🌿 पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

जिला प्रशासन बालोद की यह पहल जिले में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी। प्रशासन का उद्देश्य सियादेवी जलाशय को राज्य स्तरीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना है।

तीन दिनों तक चलने वाला यह फेस्ट जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के पर्यटकों के लिए भी खास आकर्षण का केंद्र रहेगा।

यदि आप भी रोमांच, प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम देखना चाहते हैं, तो 13 से 15 फरवरी के बीच सियादेवी इको एडवेंचर फेस्ट में जरूर पहुंचें।

CRIME CG: यू ट्यूबर बेटी ने हंसिया से वार कर पिता की हत्या, पढ़े पूरी खबर

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। चरित्र पर लगातार आरोप लगाए जाने और पारिवारिक कलह से आहत एक 25 वर्षीय युवती ने अपने ही पिता की धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, हरदीबाजार थाना क्षेत्र से करीब 5 किलोमीटर दूर रलिया गांव के एक मोहल्ले में रहने वाले अशोक केंवट की हत्या उसकी बेटी गीता केंवट ने कर दी। गीता अपनी मां और दो बहनों के साथ लंबे समय से कोरबा की पुरानी बस्ती में रह रही थी। बताया जा रहा है कि परिवार मृतक के कथित व्यवहार और शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना से परेशान था।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल पटले ने बताया कि घटना सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात की है। आरोपी युवती ने गहरी नींद में सो रहे अपने पिता पर धारदार हंसिया से हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक एक्सपर्ट व डॉग स्क्वायड की मदद से जांच शुरू की गई। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई है। पुलिस ने आरोपी युवती को तत्काल हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी युवती अपने पिता द्वारा चरित्र पर लगाए जा रहे आरोपों और कथित प्रताड़ना से बेहद आहत थी। मृतक अशोक केंवट पर आरोप है कि वह अपनी बेटियों पर अनैतिक गतिविधियों में लिप्त होने का लांछन लगाता था। इसी बात को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था।

बताया जा रहा है कि सोमवार को गीता केंवट जाति प्रमाण पत्र के लिए दस्तावेज लेने रलिया गांव पहुंची थी और अपने ताऊ के घर पर रुकी थी। आधी रात के बाद वह पिता के घर पहुंची और वारदात को अंजाम देने के बाद वापस ताऊ के घर लौटकर सो गई।

फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और हत्या के पीछे के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

CRIME CG: Up की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग की बड़ी घटना सामने आई है। बीते दो रातों में पामगढ़ और शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के 5 अलग-अलग स्थानों पर डकैती और हत्या के प्रयास की वारदातों को अंजाम देने वाले 8 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

नौवें आरोपी रामनाथ की गिरफ्तारी के दौरान उसने पुलिस टीम पर कट्टे से फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे काबू में लिया गया।

इन वारदातों में 13 आम नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें से 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर घायलों का इलाज बिलासपुर और रायपुर के अस्पतालों में जारी है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से रॉड, लोहे के पाइप, डंडा, बेल्ट, बाइक, स्कूटी, मोबाइल फोन सहित 4 लाख 9 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं। मामला थाना शिवरीनारायण और थाना पामगढ़ क्षेत्र से संबंधित है।

जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी सख्ती से जारी रहेगी।

शोसल मिडिया रिपोर्ट..

CRIME CG: मां ने की पति की हत्या, बच्चों ने खौफनाक राज से उठाया पर्दा

प्यार, ज़हर और बच्चों की गवाही: जब मां की साजिश ने खुद ही लिख दी सजा

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से सामने आई यह कहानी सिर्फ एक हत्या की नहीं, बल्कि भरोसे के कत्ल, रिश्तों की टूटन और मासूम सच की जीत की कहानी है। एक ऐसा अपराध, जिसे आत्महत्या का जामा पहनाने की पूरी तैयारी थी, लेकिन दो मासूम बच्चों की आंखों ने उस रात का सच देख लिया था।

बीमारी से टूटा घर, मोबाइल ने बढ़ाई दरार

दर्री थाना क्षेत्र के लाटा बस्ती में रहने वाले अरुण सिंह (42) का परिवार कभी खुशहाल था। पत्नी बंटी देवी (38), 14 वर्षीय बेटा और 11 वर्षीय बेटी—सब कुछ सामान्य चल रहा था। लेकिन डेढ़ साल पहले जिंदगी ने करवट ली। अरुण सिंह को पैरालिसिस अटैक आया। ऊपर से टीबी की बीमारी। काम छूट गया, शरीर ने साथ छोड़ दिया और वह खाट पर आ गए।

यहीं से कहानी में एक और किरदार की एंट्री हुई—मोबाइल फोन। बीमारी के दौरान बंटी देवी किसी दूसरे पुरुष के संपर्क में आ गई। बातों का सिलसिला बढ़ा, शक गहराया और फिर घर में रोज़ का कलह शुरू हो गया। अरुण सिंह असहाय थे, लेकिन सब कुछ समझ रहे थे।

27 जनवरी की रात: जब भरोसे के गिलास में ज़हर था

27 जनवरी की रात बंटी देवी ने एक खौफनाक फैसला लिया। उसने अपने बेटे को यह कहकर बाजार भेजा कि पेड़-पौधों में कीड़े लग गए हैं, कीटनाशक लाना है। बेटा मासूमियत में ज़हर घर ले आया—अनजाने में अपने ही पिता की मौत का सामान।

रात को बंटी देवी ने कीटनाशक को गिलास में घोला और अपने पति अरुण सिंह को पिला दिया।

कुछ ही देर में अरुण की हालत बिगड़ने लगी। रात करीब डेढ़ बजे वे तड़पने लगे। बच्चों ने मां से अस्पताल चलने की गुहार लगाई, लेकिन मां ने सुबह तक इंतजार करने को कहा। दादी-चाचा को बुलाने से भी रोक दिया गया। पूरी रात अरुण सिंह दर्द से जूझते रहे।

सुबह हुई देरी, मौत बन गई पक्की

सुबह 6 बजे जब अरुण सिंह को निजी अस्पताल ले जाया गया, तब बहुत देर हो चुकी थी। हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा रेफर किया गया, लेकिन शुक्रवार 30 जनवरी को उनकी मौत हो गई।

बंटी देवी हर किसी से एक ही बात कहती रही—

“अरुण ने खुद ज़हर पी लिया था, मुझे अस्पताल पहुंचने के बाद पता चला।”

शायद यह कहानी सच मान ली जाती…
अगर दो मासूम गवाह चुप रह जाते।

बच्चों ने तोड़ी मां की चुप्पी

पिता की मौत के बाद बेटा और बेटी टूट गए। लेकिन उन्होंने वह सच बता दिया, जिसे कोई सुनने की उम्मीद नहीं कर रहा था।

बेटी ने बताया कि उसने खिड़की से देखा था—

“मां पापा को गिलास में कुछ घोलकर पिला रही थी।”

बेटे ने बताया कि वही कीटनाशक उसने मां के कहने पर लाकर दिया था।

यह सच जब मृतक के छोटे भाई तक पहुंचा, तो वह दोनों बच्चों को लेकर सीधे पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के पास पहुंचा।

साजिश बेनकाब, मां गिरफ्तार

पुलिस ने बच्चों से अलग-अलग पूछताछ की। बयान मेल खा गए। कहानी पूरी हो चुकी थी। शुक्रवार देर शाम बंटी देवी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

शनिवार सुबह पुलिस ने महिला को घर ले जाकर पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन कराया और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

प्यार बना हत्या की वजह?

जांच में यह भी सामने आया कि बंटी देवी का किसी अन्य पुरुष से करीबी संपर्क था। पुलिस को संदेह है कि पति की बीमारी, जिम्मेदारियों से बोझ और गैर मर्द के प्यार ने उसे इस खौफनाक रास्ते पर धकेल दिया।

फिलहाल पुलिस उस व्यक्ति की तलाश में जुटी है।

अंत में सवाल वही…

क्या प्यार इंसान को इतना अंधा कर देता है कि वह अपने बच्चों के पिता की हत्या कर दे?

CRIME CG: ट्रक चोरी की झूठी रिपोर्ट से पुलिस ने उठाया पर्दा, प्रार्थी ही निकला चोर, पढ़े चोरी की रोचक कहानी

छत्तीसगढ़/ कहते हैं सच चाहे जितना छुपाओ, पुलिस की नज़र से बच नहीं सकता—इस कहावत को बालोद पुलिस ने एक बार फिर सच कर दिखाया है। डौण्डी पेट्रोल पंप से चोरी हुए 43 लाख रुपये कीमत के ट्रक की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने ऐसा खुलासा किया, जिसने सभी को चौंका दिया। ट्रक चोरी की रिपोर्ट लिखाने वाला ही इस पूरे खेल का मुख्य साजिशकर्ता निकला।

 

मामला 26 जनवरी 2026 का है, जब डौण्डी थाने में एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका ट्रक CG 21 J 7111 22 जनवरी की रात अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर लिया गया है। मामला दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आई।

 

पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर तथा नगर पुलिस अधीक्षक राजहरा विकास पाटले के पर्यवेक्षण में सायबर सेल और थाना डौण्डी की संयुक्त विशेष टीम बनाई गई।

 

जांच की शुरुआत हुई तो कहानी ने नया मोड़ ले लिया। त्रिनयन ऐप के जरिए सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। डौण्डी से लेकर लोहारा, देवरी, राजनांदगांव, सकोली और फिर नागपुर तक ट्रक की हर चाल कैमरों में कैद मिलती गई। आखिरकार पुलिस नागपुर पहुंची और एक ट्रांसपोर्टर के पास से ट्रक को बरामद कर लिया।

 

यहीं से सच्चाई सामने आई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि नरेन्द्र जायसवाल और मनेन्द्र जायसवाल ने अपने पिता लखन लाल जायसवाल और एक दलाल के साथ मिलकर बीमा राशि हड़पने और फाइनेंस कंपनी की किस्तों से बचने के लिए यह पूरी ‘झूठी चोरी’ की स्क्रिप्ट लिखी थी। ट्रक वर्ष 2013 में लोन पर खरीदा गया था और किस्त नहीं चुकाने के दबाव में आरोपियों ने खुद ही ट्रक बेचकर चोरी की कहानी गढ़ दी।

 

बालोद पुलिस ने न सिर्फ ट्रक बरामद किया, बल्कि साजिश की परत-दर-परत पोल भी खोल दी। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

 

बालोद पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कानून से बचने की कोई चालाकी काम नहीं आती।

आज शराब दुकान खोलने के विरोध में कांग्रेसियों का प्रदर्शन

बालोद। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर शराब दुकान खोले जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। बालोद नगर के गंजपारा स्थित शराब दुकान के बाहर कांग्रेसियों द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

 

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गांधी जी की पुण्यतिथि जैसे पावन दिन पर शराब दुकान खोला जाना भावनाओं के खिलाफ है। इसी को लेकर वे दुकान बंद कराने की मांग कर रहे हैं।

 

सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात है।

 

ब्रेकिंग बालोद : इंग्लिश टीचर की अनुपस्थिति से नाराज़ ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला

ग्रामीणों का आरोप है कि दल्ली राजहरा से आने वाली इंग्लिश शिक्षिका तवीसी अंसारी नियमित रूप से स्कूल नहीं आतीं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस संबंध में कई बार शिक्षा विभाग और प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों के साथ छात्र-छात्राएं स्कूल के बाहर खुले आसमान और पेड़ के नीचे बैठकर विरोध जता रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि वर्तमान इंग्लिश टीचर को हटाकर नए शिक्षक की नियुक्ति की जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके।

मामले में शिक्षा विभाग और प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है।