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शनि. मई 16th, 2026

समोदा रोड हादसा : दो बाइकों की आमने–सामने भिड़ंत, एक युवक गंभीर रूप से घायल

समोदा @ क्षेत्र में लगातार हो रहे सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को समोदा मार्ग पर एक बार फिर दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ़्तार में आ रही दोनों मोटरसाइकिलें अचानक आमने-सामने भिड़ गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहन सड़क पर दूर तक घिसटते चले गए। हादसे में एक युवक को गम्भीर चोटें आईं, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया। दूसरे बाइक सवार को भी हल्की चोटें आई हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि समोदा रोड पर एक भी जगह गतिवरोधक नहीं होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं। लोगों ने प्रशासन से अपील की है इस सड़क पर स्कूल कॉलेज व हॉस्टल संचालित है जिसको देखते हुए यहां जल्द से जल्द गतिवरोधक बनाने की मांग की है।

देशी उपचार और झोला छाप डॉक्टर के चक्कर में फंसे एक ही परिवार के 3 मासूम बच्चों के मौत का मामला

राहुल ठाकुर गरियाबंद @ देशी उपचार और झोला छाप डॉक्टर के चक्कर में फंसे एक ही परिवार के 3 मासूम बच्चों के मौत का मामला सामने आया है, मामला अमलीपदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन आने वाले ग्राम धनौरा का है, यहां रहने वाले डमरूधर नागेश मक्का तुड़ाई के लिए उदंती अभ्यारण्य क्षेत्र में मौजूद अपने ससुराल साहेबीनकछार गया हुआ था।

सप्ताह भर रहा और बच्चों के तबियत बिगड़ने पर लौट आया, साथ में गए तीनों बच्चे को बुखार आया, उसी इलाके में पहले झोलाछाप से इलाज कराया, गांव लौटा तो झाड़ फूंक कराता रहा, गांव की मितानीन को भनक लगी तो उसने अस्पताल चलने कहा, पर नागेश परिवार अंतिम सांस चलने तक उपचार के दूसरे तरीकों का सहारा लेता रहा, पहली मौत 11 नवंबर को 8 साल की बेटी अनिता का हुआ, मां के आंखों से आंसू थमें ही नहीं थे, कि 13 नवम्बर को दूसरी मौत 7 साल के बेटा बालक का और इसी दिन कुछ घंटे बाद 4 साल के बेटे गोरेश्वर की भी सांसे थम गई, एक ही परिवार के तीनों चिराग बुझने की इस घटना ने जहां झकझोर कर रख दिया है।

वहीं इस जानलेवा बिमारी से ग्रामीणों में दहशत भी बना हुआ है, मौतों की जानकारी लगने के बाद जिला स्वास्थ्य अधिकारी यू एस नवरत्न ने 3 सदस्यी जांच दल गठित कर दिया है, टीम गांव पहुंच कर अब कारण जानने में जुटी हुई है, इस इलाके में आधी अधूरी स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते आधुनिक चिकित्सा पर भरोसा उठ गया है, पहले भी इस गांव में सर्प दंश के चलते एक ही परिवार के 2 सदस्यों की मौत झड़फूक से हुई थी, वनांचल में झोलाछाप डॉक्टर भी सक्रिय है, जो स्वास्थ्य विभाग के कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

वहीं जिले के सीएमएचओ ने विभागीय जांच की बात कही है, साथ ही रायपुर से एक टीम भी इस गांव में पहुंचकर जांच करेगी जहां एक ही परिवार के तीन बच्चों की अचानक मौत हुई है, मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा साथ ही जनजागरूकता कार्यक्रम उस क्षेत्र में चलाया जाएगा, उसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी बात कर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में स्वास्थ विभाग लोगों को मेडिकल साइंस के प्रति विश्वास जगाने कार्यक्रम आयोजित करेगी।

बस का इंतजार कर रहे यात्रियों में जा घुसी अनियंत्रित कार, 1 की मौत 2 घायल, घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी

पेंड्रा @ जिले के सिवनी मझगवां गांव के मुख्य मार्ग पर शनिवार सुबह एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बस का इंतजार कर रहे लोगों में जा घुसी। इस हादसे में एक अधेड़ व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।हादसे में एक महिला और एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक नशे में धुत था। हादसे के बाद ग्रामीणों ने आरोपी चालक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। थाना प्रभारी रणछोड़ सिंह सेंगर ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है और घायलों को अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि घायल कार चालक का भी इलाज कराया जा रहा है।

गरियाबंद ठंड में भूख हड़ताल पर किसान परिवार, अपनी ही जमीन पर हक की लड़ाई जारी

राहुल ठाकुर गरियाबंद @ जिले में कड़कड़ाती ठंड के बीच खरीपथरा के किसान मुरहा नागेश अपने पूरे परिवार के साथ रातभर से गांधी मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे हैं, चार महीने पहले भी वे अपनी जमीन के मालिकाना हक की मांग को लेकर कलेक्टरेट के सामने भूख हड़ताल कर चुके थे, तब अमलीपदर तहसीलदार ने दो माह के भीतर जमीन दिलाने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक वह वादा पूरा नहीं हुआ।

इस बीच दबंगों ने किसान के खेत में खड़ी फसल तक नष्ट कर दी, बावजूद इसके प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, अब मुरहा नागेश का कहना है, कि इस बार वे किसी लिखित भरोसे पर नहीं मानेंगे, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे परिवार सहित गांधी मैदान में डटे रहेंगे, वहीं इस पूरे मामले को लेकर अमलीपदर तहसीलदार ने कहा है, कि केवल मुरहा नागेश की जमीन में समस्या नहीं है, पूरे गांव की जमीन में समस्या है, इसके लिए समय लग रहा है, और अभी 1 से 2 माह का समय और लगेगा ।

गरियाबंद पुलिस की बड़ी सफलता – उदंती एरिया कमेटी के DVCM सुनील सहित 7 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्प

जिले के वरिष्ठ पत्रकार पुरुषोत्तम पात्र और गिरीश जगत को आईजी अमरेश मिश्रा एवं एसपी निखिल राखेचा ने नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए विशेष भूमिका निभाने पर किया सम्मानित

राहुल ठाकुर गरियाबंद @ जिले में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से सक्रिय उदंती एरिया कमेटी को पुलिस ने करारा झटका दिया है। पुलिस के बढ़ते दबाव और शासन की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर उदंती एरिया कमेटी के डिवीजनल कमेटी मेंबर (DVCM) सुनील सहित 7 सक्रिय नक्सलियों ने गरियाबंद पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के दौरान अपने पास मौजूद एक SLR, तीन इंसास राइफलें तथा कई देशी हथियार और विस्फोटक सामग्री पुलिस के हवाले कर दी।

नक्सल संगठन पर पुलिस का बढ़ता दबाव

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह आत्मसमर्पण अभियान पिछले कई महीनों से चल रहे ऑपरेशन उदंती-सिहावा की सफलता का परिणाम है। सुरक्षा बलों की लगातार सर्चिंग, जंगलों में गश्त और स्थानीय स्तर पर खुफिया तंत्र के सक्रिय रहने से नक्सली संगठन की गतिविधियाँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।फोर्स की बढ़ती कार्रवाई और नेतृत्व स्तर पर दबाव ने नक्सलियों के भीतर असुरक्षा की भावना पैदा कर दी, जिसके चलते उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

सुनील का पत्र बना बदलाव की शुरुआत

सूत्रों के अनुसार, कुछ दिनों पूर्व उदंती एरिया कमेटी के सचिव सुनील ने अपने साथियों के नाम एक पत्र जारी कर आत्मसमर्पण करने की अपील की थी। इस पत्र के बाद कई सदस्य पुलिस संपर्क में आए और आज उन्होंने औपचारिक रूप से पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण किया।

पुनर्वास नीति का लाभ मिलेगा

गरियाबंद पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सभी निर्धारित लाभ प्रदान किए जाएंगे, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकें।उन्होंने शेष बचे नक्सलियों से भी अपील की कि वे हथियार छोड़कर समाज और परिवार के साथ शांति एवं विकास की राह अपनाएँ।

जिले के वरिष्ठ पत्रकार पुरुषोत्तम पात्र और उसके सहयोगी गिरीश जगत को मिला सम्मान

इस आत्मसमर्पण अभियान को सफल बनाने में वरिष्ठ पत्रकार पुरुषोत्तम पात्र और उनके सहयोगी गिरीश जगत की भूमिका सराहनीय रही, इन दोनों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति स्थापना और संवाद कायम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया,उनके इस योगदान को देखते हुए रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा और एसपी निखिल राखेचा ने उन्हें साल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

नक्सलवाद की पकड़ ढीली पड़ रही

ज्ञात हो कि गरियाबंद, मैनपुर और उदंती वन क्षेत्र में कई वर्षों से नक्सल गतिविधियाँ चल रही थीं। परंतु सुरक्षा बलों की निरंतर सघन कार्रवाई, स्थानीय लोगों का सहयोग और आत्मसमर्पण नीति की सफलता से अब नक्सल संगठन की पकड़ कमजोर पड़ती जा रही है।

अधिकारियों ने कहा कि …..

अब समय आ गया है कि बंदूक की जगह कलम और कुदाल से समाज निर्माण की दिशा में काम किया जाए।इस आत्मसमर्पण को गरियाबंद जिले में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

सामोदा डेम में रेत माफिया फिर सक्रिय,प्रशासन और खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी हो रहे सवाल खड़े

रायपुर/समोदा @ सामोदा डेम का पानी रुकते ही एक बार फिर रेत माफिया सक्रिय हो गए हैं। डेम के किनारों और सूखी पड़ी जलधाराओं में ट्रैक्टर-ट्रॉली से रेत निकासी का काम तेज़ी से किया जा रहा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कई वाहन नदी तल से रेत भरते नज़र आ रहे हैं।

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, जैसे ही जलस्तर घटा, अवैध खनन माफिया मौके का फायदा उठाकर रेत निकालने लगे हैं। वहीं प्रशासन और खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने मांग की है कि डेम क्षेत्र में तत्काल कार्रवाई की जाए और रेत खनन पर सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि पर्यावरणीय क्षति और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाया जा सके।

BALOD: प्रोग्रेस रिपोर्ट दिखाने आधी अधूरी तैयारी में खोद दी सड़क, लोगों के लिए बनी मुसीबत, चक्काजाम की दी चेतावनी।

बालोद जिला मुख्यालय शहर के दल्ली चौक से रेल्वे फाटक तक बालोद-डौण्डी लोहारा मुख्यमार्ग में लगभग 8 करोड़ की लागत से डिवाइडर एवं सड़क निर्माण का कार्य तीन माह पूर्व चालू किया गया था। लेकिन विभाग की आधी अधूरी योजना के चलते डेढ़ माह से सड़क को खोदकर काम रोक दिया गया है, जिससे नगर वासी एवं राहगीरों को बड़ी परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क खोदकर काम रोकने से परेशानी

सड़क को खोदकर किए गए गड्ढे में अब तक कई लोग गिर चुके हैं। इसके अलावा वार्डवासियों को घूमकर अपने घर एवं मोहल्ले से निकलना पड़ रहा है। नवरात्रि एवं दीपावली की भरी सीजन में सड़क के किनारे बसे व्यापारियों का व्यापार पूरी तरह ढप रह गया।

अधूरी तैयारी के कारण समस्या

पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी बिना तैयारी के आधे अधूरी में ही सड़क निर्माण का कार्य चालू करा दिया है। सड़क निर्माण चालू कराने से पहले सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे और पेयजल पाइप लाइन को स्विफ्ट करना था, लेकिन बिना इस कार्य को किए ही सड़क को खोद दिया गया और अब सड़क अधूरे में ही छोड़ दिया गया है।

नगर वासियों की मांग

नगर वासियों ने अधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क निर्माण का कार्य पूरा किया जाए। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने अधिकारियों को आवेदन दे 2 दिन में काम चालू नहीं करने पर चक्काजाम करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जनता के लिए समस्या उत्पन्न कर प्रोग्रेस रिपोर्ट दिखाना कहां तक उचित है।

अधिकारियों की जवाबदेही

अब देखना यह है कि अधिकारी नगर वासियों की मांग पर कितनी जल्दी कार्रवाई करते हैं और सड़क निर्माण का कार्य पूरा कर पाते हैं या नहीं। जनता को न्याय मिलेगा या नहीं, यह देखने वाली बात होगी।

छत्तीसगढ़ समेत 9 राज्यों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट! चक्रवात ‘मौथा’ आज टकराएगा आंध्र प्रदेश के तट से

रायपुर @ चक्रवात ‘मौथा’ आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक दे चुका है।राज्य के कई तटीय ज़िलों में 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएँ चल रही हैं।मौसम विभाग के मुताबिक, जैसे-जैसे यह तूफान काकीनाड़ा और मछलीपट्टनम के करीब पहुंचेगा, इसकी रफ्तार और तेज़ होती जाएगी।

सोमवार शाम तक यह समुद्र तट से टकरा सकता है।अभी यह विशाखापट्टनम से करीब 560 किलोमीटर दूर है और 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।मंगलवार सुबह तक इसके भीषण चक्रवाती तूफ़ान में बदलने की आशंका जताई गई है।इसके असर से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि चक्रवात का असर सिर्फ तटीय राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा – तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड में भी अगले तीन दिनों तक बारिश हो सकती है।

गरियाबंद ब्रेकिंग @ विलुप्त प्रजाति के वन्यजीव पैंगोलिन की तस्करी करते तीन तस्करों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

गरियाबंद ब्रेकिंग @ विलुप्त प्रजाति के वन्यजीव पैंगोलिन की तस्करी करते तीन तस्करों को पुलिस ने किया गिरफ्तार.देवभोग पुलिस ने तीन तस्करों को धर दबोचा कार की डिक्की से मिला 9 किलो का जिंदा सालखपरी (Pangolin).खुटगांव चेकपोस्ट पर रोकी गई सफेद मारुति K10 से हुआ बड़ा खुलासा, बोरी में बंद सालखपरी देखकर पुलिस भी रह गई हैरान.

ओडिशा के दो तस्कर और देवभोग का एक स्थानीय सहयोगी गिरफ्तार, बाइक से 6.13 किलो सालखपरी की छाल भी बरामद हुई.9 लाख की कीमत के पैंगोलिन सहित कुल 11 लाख 70 हजार का माल जप्त.देवभोग पुलिस ने तीनों आरोपियों पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की……

मुख्यधारा में लौटे 21 माओवादी कैडर,आत्मसमर्पण करने वालों में 13 महिला और 8 पुरुष कैडर शामिल

कांकेर @ बस्तर रेंज के कांकेर ज़िले में “पूना मार्गम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत आज एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। कुल 21 माओवादी कैडरों ने समाज की मुख्यधारा में लौटकर आत्मसमर्पण किया है।

आत्मसमर्पण करने वालों में 13 महिला और 8 पुरुष कैडर शामिल हैं, जिन्होंने सशस्त्र और हिंसक रास्ते को छोड़ शांति व विकास का मार्ग अपनाने का निर्णय लिया। ये सभी केशकल डिवीजन (नॉर्थ सब ज़ोनल ब्यूरो) के कुएमारी / किसकोडो एरिया कमेटी से संबंधित हैं।

इनमें डिवीजन कमेटी सेक्रेटरी मुकेश, 4 डीवीसीएम (डिवीजन वाइस कमेटी मेंबर), 9 एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) और 8 पार्टी सदस्य शामिल हैं।कैडरों ने आत्मसमर्पण के दौरान कुल 18 हथियार सुरक्षा बलों के सुपुर्द किए, जिनमें 03 एके-47 रायफलें, 04 एसएलआर, 02 इंसास, 06 संख्या में .303 रायफलें, 02 सिंगल शॉट रायफलें और 01 बीजीएल हथियार शामिल हैं।

इन सभी कैडरों के पुनर्वास और पुनर्समावेशन के लिए आवश्यक विधिक प्रक्रिया जारी है।यह घटना बस्तर क्षेत्र में माओवादी विचारधारा के पतन और शांति की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।