सुरक्षा गार्ड के ठेके में खुलेआम धांधली_ भारतीय मजदूर संघ।

Nbcindia24/वीरेन्द्र भारद्वाज/ दल्लीराजहरा । शनिवार को  खदान मजदूर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य महाप्रबंधक खदान से भेंट कर खदान के ठेका श्रमिकों के समस्याओं के समाधान के लिए चर्चा की ।और राजहरा खदान में चल रहे सुरक्षा गार्ड के ठेके में ठेकेदार द्वारा ठेके के शर्तों का पालन नहीं करने की शिकायत की और ईस पर तत्काल समुचित कार्यवाही करने का आग्रह किया।
खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के उपाध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने बताया कि राजहरा खदान समूह में चल रहे
Arrangement of Private Security Guards in Schools and Public building of
Bhilai Township and Mines Township of BSP. P.O. -4270011621 ठेका के अंतर्गत निविदा में उल्लेखित नियमों व शर्तों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है
और राजहरा नगर प्रशासक विभाग मूक दर्शक बना हुआ है।
विदित हो कि राजहरा माइंस अंतर्गत विभिन्न स्थलों पर सुरक्षा हेतु प्राइवेट गार्ड की नियुक्ति की गई है। इस ठेका कार्य के लिए जब निविदा आमंत्रित की गई थी, तब निविदा के शर्तों में स्पष्ट उल्लेख था कि सुरक्षा गार्डो को क्या क्या सुरक्षा उपकरण दिया
जाना है, किन्तु ठेकेदार द्वारा निविदा शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। ठेकेदार सुरक्षा समाग्री के नाम पर कोई समान नहीं दे रहा है। गार्डो को बरसात के पूर्व रेनकोट व गमबूट दिया जाना था, जो आज तक नहीं दिया गया है। हर छ: माह में सेफ्टी शू दिया जाना था, मगर एक वर्ष पूरा होने को है और अभी तक मात्र
एक बार सेफ्टी शू दिया है। इसी प्रकार लाठी व टार्च भी नहीं दिया गया है। साथ ही सुरक्षा गार्डों से जिस पोस्ट में ड्यूटी करवानी है वहां सुरक्षा गार्डों के लिए ड्यूटी पोस्ट ठेकेदार को बनाना है
गार्डो के बैठने के लिए वहां उचित व्यवस्था करनी है जोकि निविदा के शर्तों में स्पष्ट उल्लेख किया गया है। किन्तु ठेकेदार द्वारा आज तक एक भी ड्यूटी पोस्ट पर किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गई है,और नगर प्रशासक विभाग ठेकेदार पर किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं करके उसमें अपनी सहमति देते नजर आते हैं।
जिससे सुरक्षा गार्डो को ड्युटी के दरम्यान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और बरसात आदि मौसम में गार्ड अपने ड्युटी स्थल पर नहीं रह पाते क्योंकि ठेकेदार द्वारा उनके लिए किसी तरह ड्यूटी पोस्ट नहीं बनाया गया है। जिससे आये दिन चोरी की घटनाएँ हो रही है। और बी.एस.पी. प्रबंधन ठेकेदार को अपना मौन
सहमति देता नजर आ रहा है। सुरक्षा गार्डो को ठेकेदार द्वारा वेतन पर्ची तक नहीं दिया जाता है । जिससे सुरक्षा गार्डो में आक्रोश व्याप्त है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि राजहरा टाउनशिप के अधिकारी सुरक्षा गार्ड के ठेका में ठेकेदार से निविदा की शर्तों का पालन कराने में पूरी तरह असफल है या फिर ठेकेदार को जानबूझकर फायदा पहुंचाया जा रहा है। जबकि इस पूरे ठेके का संचालन राजहरा टाउनशिप के अधिकारियों के द्वारा किया जाता है।
कौन गार्ड किस पोस्ट में ड्यूटी करेगा, सुरक्षा गार्डो का ड्युटी चार्ट उनके हाजिरी को प्रमाणित करके ठेकेदार के वेतन भुगतान के लिए राजहरा टाउनशिप के अधिकरियों के द्वारा ही भेजा जाता है। मगर जब सुरक्षा गार्डो की समस्या की समाधान के लिए यूनियन नगर प्रशासक विभाग से चर्चा करना चाहता है, तब ये अपने आप को इस ठेके से अलग बताते हैं। इससे ऐसा लगता है कि नगर प्रशासक
के अधिकारी इस ठेका में सिर्फ और सिर्फ ठेकेदार का पेमेंट भुगतान करने के लिए कार्य कर रहे हैं। कंपनी की साख, निविदा की शर्त, सुरक्षा के मापदंडों से इन्हें कुछ लेना देना नहीं है।
11.10.2021 से यह ठेका प्रारम्भ हुआ हैतब से लगातार सुरक्षा गार्डो की समस्याओं का समाधान होता नहीं दिख रहा है। कुछ सुरक्षा गार्डो से 12-12 घंटे कार्य कराया जाता था, संघ के शिकायत करने पर 8 घंटे ड्यूटी करवाया जा रहा है।
ठेकेदार द्वारा पिछले ठेके का बोनस भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। उसके बाद भी ठेकेदार का अंतिम भुगतान हो जाता है जो बीएसपी प्रबंधन की कार्यशैली को दर्शाता है। कई बार नगर प्रशासक विभाग को शिकायत करने के बाद भी आजतक बोनस की राशि नहीं मिल पाई है जोकि काफी शर्मनाक है। नगर प्रशासक के अधिकारियों द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। संघ को
ऐसी जानकारी मिली है कि ठेकेदार और टाउनशिप के अधिकारियों द्वारा निविदा में तय सुरक्षा गार्डों की गिनती में भी गड़बड़ी की जा रही है। ड्युटी पोस्ट में सुरक्षा गार्डो की ड्युटी नहीं लगायी जा रही है। जिससे चोरी की घटनायें लगातार हो रही है और कम सुरक्षा गार्डो से ड्युटी करवाने के बाद भी अधिकारियों द्वारा ठेकेदार पर किसी तरह की पैनाल्टी नहीं लगायी जा रही है।
राजहरा खदान समूह में यह एक ऐसा ठेका है, जिसमें नियमित सुरक्षा गार्ड एक माह में 26 दिनों की ड्युटी करते हैं और रिलिवर गार्डो से एक माह में लगभग 30 से 35दिन कार्य करवाया जाता है। जो ठेकेदार और टाउनशिप के अधिकारियों की कार्य शैली को दर्शाता है। एक तरफ सुरक्षा के मापदंडों का पालन ठेकेदार द्वारा नहीं किया जा रहा है, राजहरा खदान में लगातार चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है और नगर प्रशासक विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। इससे ऐसा लगता है कि बीएसपी प्रबंधन के अधिकारियों की मेहरबानी के कारण निविदा के शर्तों का पालन ठेकेदार नहीं कर रहा है। मुश्ताक अहमद ने बताया कि प्रबंधन को बार बार लिखित शिकायत करने बाद भी किसी तरह की कार्यवाही नहीं की जाती है अगर इस लिखित शिकायत के बाद बीएसपी प्रबंधन कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो संघ इस पूरे ठेके की विजिलेंस जॉच करवाने के लिए बाध्य होगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी बी.एस.पी. प्रबंधन की होगी। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप केन्द्रीय अध्यक्ष एम पी सिंग, राजहरा शाखा के अध्यक्ष किशोर कुमार मायती, सचिव लखन लाल चौधरी,शिव कुमार नायक, संतोष देवांगन,विमल यदु आदि लोग उपस्थित थे।

 

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