गरियाबंद @ पुलिस को अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में बड़ी सफलता मिली है, इस हत्या में चौंका देने वाली बात सामने आई है, यह पूरी घटना 19 मार्च की है, जहां गरियाबंद के हाथबाय के जंगल में जली हुई लकड़ी के बीच जली हालत में अज्ञात शव के अवशेष मिले थे, मामले की जानकारी लगते ही गरियाबंद पुलिस जांच में जुटी थी।
मालूम हो कि जली हुई अज्ञात शव एक बुजुर्ग महिला की थी, जिसकी हत्या कर दी गई, और इसकी पहचान समारी बाई यादव गरियाबंद के नाम से हुई है, वह रोजी–मजदूरी कर घर चलाती थी, उसके साथ उसके बेटे और बहु भी रहते थे, जो शराब पीने के आदी थे, और कुछ भी काम धंधा नहीं करते थे, मृतका की बहु लक्ष्मी बाई यादव रोज पैसा मांग कर शराब पीने और घर के कामकाज के लिए अपनी सास को परेशान करती थी, साथ ही बहु की नजर मृतका समारी बाई की संपत्ति और उसके कमाए हुए पैसे पर थी, जिसके लालच में उसने हत्या की साजिश रची थी,।
मृतका की बहु ने इसके लिए कृष्ण कुमार पात्रे को हत्या की सुपारी दी इसके एवज में उसने यहां तक कि अपने पति के नाम पर गरियाबंद के कुम्हारपारा में बन रहे अटल आवास को उसके नाम करने का लालच दिया, जिसके बाद उसने हत्या की घटना को अंजाम दिया, और पुलिस की पूछताछ में अपना जुर्म कबूल किया, पुलिस ने मामले में मृतका की बहु लक्ष्मी यादव और कृष्ण कुमार पात्रे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेज दिया है।

