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शनि. मई 16th, 2026

शिवांश से संवाद और बदलाव का विश्वास: संवेदनशील प्रशासन की मिसाल

ज़मीन पर बैठकर कलेक्टर ने टटोली सुपोषण की नब्ज़, वजन त्यौहार और सुपोषण चौपाल को सफल बनाने का आह्वान

धर्मेन्द्र सिंह सुकमा/ प्रशासन जब संवेदनशीलता के साथ आमजन के बीच उतरता है, तो विकास की रफ्तार को नई दिशा मिलती है। इसी क्रम में आज कलेक्टर अमित कुमार ने बगीचा पारा आंगनबाड़ी केंद्र सुकमा का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और हितग्राहियों से सीधे संवाद स्थापित किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने औपचारिकताओं से परे जाकर बच्चों एवं माताओं के साथ ज़मीन पर बैठकर चर्चा की। उन्होंने तीन वर्षीय बालक शिवांश से आत्मीय संवाद करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं नियमित उपस्थिति के बारे में जानकारी ली। प्रशासन के इस मानवीय व्यवहार से उपस्थित ग्रामीण महिलाओं ने खुलकर अपनी समस्याएं एवं सुझाव साझा किए।

वजन त्यौहार’: आंकड़ों से आगे, भविष्य की सुरक्षा
9 से 18 फरवरी तक आयोजित वजन त्यौहार और सुपोषण चौपाल के तहत कलेक्टर ने स्वयं एक नवजात शिशु की ऊंचाई मापकर अभियान की गंभीरता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह केवल पोर्टल एंट्री की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जिले के 28,170 बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने का संकल्प है। कलेक्टर अमित कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले की कोई भी बच्चा कुपोषण की श्रेणी में न रहे। प्रत्येक माता को अपने बच्चे के आदर्श वजन एवं ऊंचाई की जानकारी हो तथा पूरक पोषण आहार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

26 आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण
निरीक्षण के दौरान प्राप्त सुझावों के आधार पर कलेक्टर ने सुकमा नगरपालिका क्षेत्र के सभी 26 आंगनबाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। शौचालय की समुचित एवं कार्यशील व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना, मूलभूत आवश्यकताओं हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करना जरूरी है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पंजी का अवलोकन किया, पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता की समीक्षा की तथा गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं के टीकाकरण की प्रगति की जानकारी ली।

सामूहिक प्रयास से सुपोषित सुकमा का निर्माण
कलेक्टर ने माताओं एवं पालकों से आह्वान किया कि वे बच्चों के संतुलित आहार में स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं समुदाय के संयुक्त प्रयास से ही कुपोषण मुक्त सुकमा का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

सुकमा में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: नक्सलियों के गढ़ में ढहाया स्मारक, इलाके में तेज सर्चिंग अभियान

धर्मेन्द्र सिंह सुकमा| छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिला में सुरक्षाबलों का एंटी-नक्सल अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में जवानों ने नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र में निर्मित एक स्मारक को ध्वस्त कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई को नक्सलियों के मनोबल पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।

चिंतागुफा क्षेत्र में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई थाना चिंतागुफा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कडतीपारा में की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी के दौरान नक्सलियों द्वारा निर्मित एक स्मारक मिला, जिसे वे अपने प्रचार-प्रसार और संगठन की मौजूदगी दिखाने के लिए आधार स्तंभ के रूप में उपयोग कर रहे थे।

CRPF की 2nd बटालियन का प्रहार

ऑपरेशन को Central Reserve Police Force (CRPF) की 2nd बटालियन के जवानों ने अंजाम दिया। कमांडेंट कमलेश कुमार के निर्देशन में टीम ने रणनीतिक तरीके से कार्रवाई करते हुए स्मारक को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

अधिकारियों के अनुसार, नक्सलियों द्वारा बनाए गए ऐसे स्मारक ग्रामीणों में दहशत फैलाने और अपने प्रभाव का प्रदर्शन करने का माध्यम होते हैं। इन्हें जमींदोज करना शासन-प्रशासन की पकड़ मजबूत करने और क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में अहम कदम है।

क्षेत्र में सर्चिंग जारी

स्मारक ध्वस्त किए जाने के बाद आसपास के इलाकों में सर्चिंग और गश्त तेज कर दी गई है। सुरक्षाबलों की सक्रियता से नक्सली बैकफुट पर बताए जा रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य अंदरूनी इलाकों से नक्सली प्रभाव को समाप्त कर विकास कार्यों को गति देना है।

GOOD NEWS: सियादेवी इको टूरिज्म फेस्ट: प्रकृति की गोद में रोमांच और विकास का महाउत्सव

CHHATTISGARH बालोद। प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित ग्राम नारागांव (विकासखंड गुरूर) स्थित सियादेवी जलाशय इन दिनों उत्सव, उमंग और रोमांच से सराबोर है। तीन दिवसीय सियादेवी इको टूरिज्म फेस्ट का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ, जहां प्रकृति, पर्यटन और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। हर ओर हरियाली, शांत जलराशि और रोमांचक गतिविधियों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।

🚣 बैम्बू राफ्टिंग में दिखा जनप्रतिनिधियों का उत्साह

शुभारंभ अवसर पर विधायक संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, उपाध्यक्ष तोमन साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने बैम्बू राफ्टिंग का आनंद लिया।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, वनमंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल तथा एडीशनल एसपी मोनिका ठाकुर सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने भी विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों में भाग लेकर पर्यटकों और ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाया।

जलाशय की शांत लहरों पर बैम्बू राफ्टिंग का दृश्य आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा।

🎯 एडवेंचर और उत्सव का शानदार संगम

फेस्ट में तीरंदाजी, एयर गन शूटिंग, वॉल क्लाइम्बिंग, टायर क्लाइम्बिंग, मोटर बाइक स्टंट, फ्लोटिंग बलून और हॉट एयर बलून जैसी गतिविधियों ने युवाओं और बच्चों को रोमांचित कर दिया।
कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने स्कूली बच्चों के साथ म्यूजिकल बॉल खेलकर कार्यक्रम में आत्मीयता का रंग घोला, जिससे आयोजन और भी जीवंत हो उठा।

🌄 पर्यटन हब बनने की ओर सियादेवी

अपने संबोधन में विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि सियादेवी जलाशय तेजी से एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने के लिए पर्यटन कॉम्प्लेक्स निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
पूर्व राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग सदस्य यशवंत जैन ने आयोजन को जिले के पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

🎶 संस्कृति और स्वाद का संगम

फेस्ट में स्व-सहायता समूह की महिलाओं और स्थानीय कलाकारों ने सुमधुर गीत-संगीत से माहौल को जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम स्थल पर लगे स्टॉलों में ठेठरी, खुरमी जैसे पारंपरिक व्यंजन और ग्रामीण उत्पादों की प्रदर्शनी ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति दी।

🌱 रोजगार और विकास के नए द्वार

सियादेवी इको टूरिज्म फेस्ट न केवल पर्यटन को नई पहचान दे रहा है, बल्कि ग्रामीणों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित कर रहा है।
प्रकृति की गोद में रोमांच, संस्कृति और स्वाद का यह संगम आने वाले समय में बालोद जिले की नई पहचान बन सकता है।

📍 सियादेवी अब सिर्फ जलाशय नहीं, बल्कि पर्यटन और विकास की नई उड़ान का प्रतीक बनता जा रहा है।

बड़ी खबर: बीजापुर में नक्सली नेटवर्क को एक और बड़ा झटका

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। उसूर थाना क्षेत्र के ताड़पाला हिल्स में सुरक्षा बलों ने सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, डेटोनेटर, गन पावडर और माओवादी उपयोग का अन्य सामान बरामद किया है।

 

डिमाइनिंग कार्रवाई के दौरान 13 प्रेशर IED और एक डायरेक्शनल IED को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

 

इसके अलावा क्षेत्र में बनाए गए माओवादी स्मारक को भी ध्वस्त कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा बलों की पकड़ मजबूत हुई है और ग्रामीणों के बीच विश्वास का संदेश गया है।

 

फिलहाल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा बल अलर्ट मोड पर हैं।

बीजापुर में भरोसे की पहल: कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी

बीजापुर। जिले के थाना मोदकपाल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंगुड़ में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। CRPF की 62वीं वाहिनी और थाना मोदकपाल पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा बनाए गए 06 माओवादी स्मारकों को ध्वस्त कर दिया।

 

सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अभियान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ और क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

कार्रवाई के बाद ग्राम पंगुड़ में चलित थाना भी लगाया गया, जहां ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और उनका निराकरण किया गया। साथ ही साइबर फ्रॉड और ओटीपी ठगी से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।

 

सुरक्षा बलों की इस पहल से ग्रामीणों में उत्साह और विश्वास का माहौल देखने को मिला है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि क्षेत्र में शांति और विकास को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा।

सुकमा के ग्राम पंचायत रामाराम में ‘संध्या आवास चौपाल’

जिले सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने हितग्राहियों से किया सीधा संवाद

धर्मेन्द्र सिंह सुकमा। कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर ने जनपद पंचायत सुकमा अंतर्गत ग्राम पंचायत रामाराम में गुरूवार को ‘संध्या आवास चौपाल’ आयोजित कर ग्रामीणों और हितग्राहियों से सीधा संवाद किया। चौपाल का प्रमुख उद्देश्य शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानना और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना रहा।

 

चौपाल में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों से चर्चा कर निर्माणाधीन आवासों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सीईओ ने आवासों का स्थल निरीक्षण भी किया। इसके अलावा बिहान योजना के तहत महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण एवं उपयोग की स्थिति की समीक्षा करते हुए अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने और मनरेगा के तहत मजदूरी भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर जनपद पंचायत सुकमा की सीईओ सुश्री निधि प्रधान, जिला समन्वयक पीएमएवाई राकेश निराला, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

बदलता सुकमा: जहाँ गूंजती थी बंदूकों की दहाड़, अब बल्ले से बरस रहे चौके-छक्के

लाल आतंक का छट रहा अंधेरा, जवानों ने बदली नागाराम की तस्वीर

धर्मेन्द्र सिंह सुकमा कभी गोलियों की आवाज़ और बारूद की गंध से दहला रहने वाला बस्तर का सुदूर इलाका अब बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र नागाराम में सीआरपीएफ 74वीं वाहिनी द्वारा आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट ने यह संदेश दिया कि अब सुकमा हिंसा के साये से निकलकर विकास और शांति की नई पिच पर मजबूती से ‘बैटिंग’ कर रहा है।

यह वही सुकमा है, जहाँ कभी नक्सली घटनाओं के कारण शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाता था। बच्चे घरों में सिमट जाते थे, स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और युवाओं के सपने भय के साए में दब जाते थे। नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों और निर्दोष ग्रामीणों की यादें आज भी लोगों के दिलों में ताज़ा हैं। ऐसे माहौल में नागाराम जैसे गांव में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन अपने आप में ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।

शहीदों की स्मृति में सजा खेल का मैदान

सीआरपीएफ 74वीं वाहिनी के कमांडेंट हिमांशु पांडे के निर्देशन में यह आयोजन बुरकापाल के शहीदों की स्मृति में किया गया। मैच शुरू होने से पहले जवानों और ग्रामीणों ने 24 अप्रैल 2017 को बुरकापाल में शहीद हुए 25 वीर जवानों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं गई। आज उसी बलिदान का परिणाम है कि अंदरूनी गांवों के युवा निडर होकर मैदान में उतर रहे हैं और खेल के माध्यम से नई पहचान गढ़ रहे हैं।

मैदान पर दिखा युवाओं का जोश

टूर्नामेंट में सुदूर वनांचल की चार टीमों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों को सीआरपीएफ की ओर से खेल किट और जर्सी प्रदान की गई। फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा।

  • विजेता: चिंतलनार की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 हजार रुपये और ट्रॉफी अपने नाम की।

  • उपविजेता: केरलपेंदा की टीम दूसरे स्थान पर रही, जिन्हें 5 हजार रुपये और ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।

  • बेस्ट बैट्समैन और बेस्ट बॉलर को भी विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए।

मैदान में युवाओं का जोश और दर्शकों की तालियों की गूंज ने माहौल को उत्सव में बदल दिया।

 स्थानीय युवा खिलाड़ी, नागाराम

“पहले इन रास्तों पर चलने में डर लगता था, लेकिन आज हम यहां खुलकर खेल रहे हैं। क्रिकेट ने हमें नई पहचान दी है और सपने देखने का हौसला भी।”

भय से भरोसे तक का सफर

कभी शाम ढलते ही सन्नाटे में डूब जाने वाले नागाराम और आसपास के गांवों में अब खेल के जरिये सुरक्षाबलों और ग्रामीणों के बीच भरोसे का पुल मजबूत हो रहा है। युवाओं के हाथों में बंदूक की जगह क्रिकेट का बल्ला थमाना, बस्तर के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में बड़ा संकेत है।

हिमांशु पांडे, कमांडेंट, सीआरपीएफ 74वीं वाहिनी

कमांडेंट हिमांशु पांडे ने कहा, “अब सुकमा और बस्तर बदल रहे हैं। गांवों में शांति का माहौल है और युवा विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। हमारा प्रयास है कि खेल और सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जाए।”

सुकमा के जंगलों में अब सिर्फ सुरक्षा अभियान ही नहीं, बल्कि उम्मीदों की नई सुबह भी नजर आने लगी है। क्रिकेट की ‘ठक-ठक’ ने यह साबित कर दिया है कि बदलाव संभव है—जब सुरक्षा, विश्वास और विकास साथ चलें।

GOOD NEWS: आज 13 से 15 फरवरी से सियादेवी जलाशय में रोमांच और पर्यटन का महाकुंभ

सियादेवी इको एडवेंचर फेस्ट का महाकुंभ

आज 13 से 15 फरवरी तक सियादेवी जलाशय बनेगा रोमांच और पर्यटन का नया केंद्र

CHHATTISGARH/ बालोद। जिले में पर्यटन को नई पहचान देने के उद्देश्य से सियादेवी इको एडवेंचर फेस्ट का भव्य आयोजन हो रहा है। यह तीन दिवसीय आयोजन 13 से 15 फरवरी तक सियादेवी जलाशय में आयोजित किया जाएगा। जिला प्रशासन की पहल पर यह फेस्ट न केवल रोमांच और मनोरंजन का संगम होगा, बल्कि स्थानीय रोजगार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

गुरूर विकासखण्ड के ग्राम नारागांव स्थित यह मनोरम पर्यटन स्थल इन दिनों पूरी तरह सजा हुआ है। प्राकृतिक सौंदर्य के बीच आयोजित यह फेस्ट पर्यटकों को रोमांच, संस्कृति और स्वाद का अनूठा अनुभव देगा।

🚣 रोमांचक गतिविधियों का मिलेगा भरपूर आनंद

फेस्ट में पर्यटकों के लिए एडवेंचर और मनोरंजन की अनेक गतिविधियाँ आयोजित की गई हैं, जिनमें शामिल हैं—

  • बैंबू राफ्टिंग

  • फ्लोटिंग बैलून

  • हॉट एयर बैलून

  • बोटिंग

  • विभिन्न एडवेंचर एक्टिविटी

  • बच्चों के लिए मनोरंजन ज़ोन

  • युवाओं के लिए स्पेशल एडवेंचर स्पोर्ट्स

प्राकृतिक जलाशय के शांत वातावरण में हॉट एयर बैलून और फ्लोटिंग गतिविधियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

🎭 संस्कृति और स्वाद का संगम

फेस्ट में स्थानीय कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहाँ छत्तीसगढ़ी स्वाद का लुत्फ उठाया जा सकेगा।

यह आयोजन स्थानीय महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को मंच प्रदान करेगा, जिससे उन्हें स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

🌿 पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

जिला प्रशासन बालोद की यह पहल जिले में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी। प्रशासन का उद्देश्य सियादेवी जलाशय को राज्य स्तरीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना है।

तीन दिनों तक चलने वाला यह फेस्ट जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के पर्यटकों के लिए भी खास आकर्षण का केंद्र रहेगा।

यदि आप भी रोमांच, प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम देखना चाहते हैं, तो 13 से 15 फरवरी के बीच सियादेवी इको एडवेंचर फेस्ट में जरूर पहुंचें।

CRIME CG: मां ने की पति की हत्या, बच्चों ने खौफनाक राज से उठाया पर्दा

प्यार, ज़हर और बच्चों की गवाही: जब मां की साजिश ने खुद ही लिख दी सजा

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से सामने आई यह कहानी सिर्फ एक हत्या की नहीं, बल्कि भरोसे के कत्ल, रिश्तों की टूटन और मासूम सच की जीत की कहानी है। एक ऐसा अपराध, जिसे आत्महत्या का जामा पहनाने की पूरी तैयारी थी, लेकिन दो मासूम बच्चों की आंखों ने उस रात का सच देख लिया था।

बीमारी से टूटा घर, मोबाइल ने बढ़ाई दरार

दर्री थाना क्षेत्र के लाटा बस्ती में रहने वाले अरुण सिंह (42) का परिवार कभी खुशहाल था। पत्नी बंटी देवी (38), 14 वर्षीय बेटा और 11 वर्षीय बेटी—सब कुछ सामान्य चल रहा था। लेकिन डेढ़ साल पहले जिंदगी ने करवट ली। अरुण सिंह को पैरालिसिस अटैक आया। ऊपर से टीबी की बीमारी। काम छूट गया, शरीर ने साथ छोड़ दिया और वह खाट पर आ गए।

यहीं से कहानी में एक और किरदार की एंट्री हुई—मोबाइल फोन। बीमारी के दौरान बंटी देवी किसी दूसरे पुरुष के संपर्क में आ गई। बातों का सिलसिला बढ़ा, शक गहराया और फिर घर में रोज़ का कलह शुरू हो गया। अरुण सिंह असहाय थे, लेकिन सब कुछ समझ रहे थे।

27 जनवरी की रात: जब भरोसे के गिलास में ज़हर था

27 जनवरी की रात बंटी देवी ने एक खौफनाक फैसला लिया। उसने अपने बेटे को यह कहकर बाजार भेजा कि पेड़-पौधों में कीड़े लग गए हैं, कीटनाशक लाना है। बेटा मासूमियत में ज़हर घर ले आया—अनजाने में अपने ही पिता की मौत का सामान।

रात को बंटी देवी ने कीटनाशक को गिलास में घोला और अपने पति अरुण सिंह को पिला दिया।

कुछ ही देर में अरुण की हालत बिगड़ने लगी। रात करीब डेढ़ बजे वे तड़पने लगे। बच्चों ने मां से अस्पताल चलने की गुहार लगाई, लेकिन मां ने सुबह तक इंतजार करने को कहा। दादी-चाचा को बुलाने से भी रोक दिया गया। पूरी रात अरुण सिंह दर्द से जूझते रहे।

सुबह हुई देरी, मौत बन गई पक्की

सुबह 6 बजे जब अरुण सिंह को निजी अस्पताल ले जाया गया, तब बहुत देर हो चुकी थी। हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा रेफर किया गया, लेकिन शुक्रवार 30 जनवरी को उनकी मौत हो गई।

बंटी देवी हर किसी से एक ही बात कहती रही—

“अरुण ने खुद ज़हर पी लिया था, मुझे अस्पताल पहुंचने के बाद पता चला।”

शायद यह कहानी सच मान ली जाती…
अगर दो मासूम गवाह चुप रह जाते।

बच्चों ने तोड़ी मां की चुप्पी

पिता की मौत के बाद बेटा और बेटी टूट गए। लेकिन उन्होंने वह सच बता दिया, जिसे कोई सुनने की उम्मीद नहीं कर रहा था।

बेटी ने बताया कि उसने खिड़की से देखा था—

“मां पापा को गिलास में कुछ घोलकर पिला रही थी।”

बेटे ने बताया कि वही कीटनाशक उसने मां के कहने पर लाकर दिया था।

यह सच जब मृतक के छोटे भाई तक पहुंचा, तो वह दोनों बच्चों को लेकर सीधे पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के पास पहुंचा।

साजिश बेनकाब, मां गिरफ्तार

पुलिस ने बच्चों से अलग-अलग पूछताछ की। बयान मेल खा गए। कहानी पूरी हो चुकी थी। शुक्रवार देर शाम बंटी देवी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

शनिवार सुबह पुलिस ने महिला को घर ले जाकर पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन कराया और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

प्यार बना हत्या की वजह?

जांच में यह भी सामने आया कि बंटी देवी का किसी अन्य पुरुष से करीबी संपर्क था। पुलिस को संदेह है कि पति की बीमारी, जिम्मेदारियों से बोझ और गैर मर्द के प्यार ने उसे इस खौफनाक रास्ते पर धकेल दिया।

फिलहाल पुलिस उस व्यक्ति की तलाश में जुटी है।

अंत में सवाल वही…

क्या प्यार इंसान को इतना अंधा कर देता है कि वह अपने बच्चों के पिता की हत्या कर दे?

CG: वेयरहाउस में भेजे गए खराब चांवल होंगे वापस, मिलर्स की बढ़ी मुश्किलें

दंतेवाड़ा।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के गीदम स्थित वेयरहाउस में भारी मात्रा में खराब चावल पाए जाने के मामले में राज्य की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक के निर्देश पर की गई है।

जारी आदेश के अनुसार वेयरहाउस में भंडारित 65,857 बोरा चावल को संबंधित मिलर्स को वापस किया जाएगा। इसके बदले मिलर्स से नया और गुणवत्तापूर्ण चावल लिया जाएगा, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत वितरण प्रभावित न हो।

खराब चावल का मामला सामने आने के बाद रायपुर से आई जांच टीम ने गोदाम में रखे पूरे स्टॉक के सैंपल लिए थे। जांच में चावल शासन द्वारा तय उपार्जन एवं गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा, जिसके बाद यह सख्त फैसला लिया गया।

बताया जा रहा है कि खराब पाए गए चावल की मात्रा लगभग 33 हजार क्विंटल है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में चावल की वापसी से मिलर्स की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।

इससे पहले भी इस मामले में बड़ी कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें क्वालिटी इंस्पेक्टर, गोदाम प्रभारी और शाखा प्रबंधक को निलंबित किया गया था।

अब इस पूरे प्रकरण को लेकर प्रबंध संचालक की ओर से कलेक्टर को पत्र भेजा गया है, जिसमें निर्देश दिए गए हैं कि भंडारित चावल का शीघ्र रिप्लेसमेंट सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को मिलने वाले राशन वितरण में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।