Breaking
शनि. मई 16th, 2026

ये रिश्ता क्या कहलाता है…? सटोरिये के साथ दावत करना इन पुलिस अधिकारियों को पड़ा भारी, ए एसआई प्रधान आरक्षक ,व दो आरक्षक सहित चार हुए लाइन अटैच किया।

ऑर्डर की कॉपी

Nbcindia24/एमपी. ग्वालियर। एक तरफ तो पुलिस प्रशासन अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की कोशिश में दिन रात लगा हुआ है, तो वही इसी महकमे के कुछ लोग पुलिस की छवि पर बट्टा लगाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में सट्टा कारोबारी के साथ पुलिस की सांठगांठ सामने आई है। जिसमें बहोड़ापुर थाने के एएसआई कमल चौहान, प्रधान आरक्षक कमल वर्मा, आरक्षक जसविंदर सिंह एवं अनूप सिंह गुर्जर इलाके के एक सटोरिए के साथ बैठकर पार्टी मना रहे हैं। मामले की जांच के बाद एसपी अमित सांघी ने इन चारों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है।

दरअसल किसी व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक अमित सांघी से शिकायत की थी,कि बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में ही रहने वाले सटोरिया पप्पू खाँ की बहोड़ापुर थाने के पुलिसकर्मियों से सांठगांठ है और वह इन पुलिसकर्मियों के संरक्षण में थाना क्षेत्र में सट्टे का कारोबार कर रहा है। शिकायत करने वाले ने पुलिस अधीक्षक को सबूत के तौर पर एक फोटो भी भेजा था। जिसमें बहोड़ापुर थाने के चार पुलिसकर्मी… सटोरिए पप्पू खाँ के साथ बंद कमरे में पार्टी का मजा ले रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक अमित सांघी

पुलिस कर्मियों की इस तरह की तस्वीर सामने आते ही पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने एडिशनल एसपी पंकज पांडे से मामले की जांच कराई, तो सब कुछ साफ हो गया,कि फोटो में दिख रहे बहोड़ापुर थाने के चारों पुलिसकर्मियों की सटोरिए से ताल्लुकात है और सागर ताल स्थित मंगलम गार्डन के एक बंद कमरे में इन सभी ने मिलकर दावत उड़ाई थी। जिसके बाद एसपी ने इन चारों पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।

कोरोना सख्ती- बिना मास्क निकले तो हाथों में पुलिस से लगवानी पड़ेगी सील और फिर ये मिलेगी सजा..?

Nbcindia24/ पुलिस विभाग ने शहर मे कोरोना संक्रमण से बेखौफ घूमने वालो पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. इस अभियान में विदिशा कलेक्टर डॉक्टर पंकज जैन ने पहुंचकर बिना मास्क वाले वाहन चालकों को कोरोना दूत मंच पर बैठाया और कोरोना से सुरक्षित रहने के उपाय निबंध लिखने को कहा. पुलिस विभाग ने शहर में कोरोना संक्रमण से बेखौफ घूमने वालों पर शिकंजा कसने के लिए अनूठा तरीका अपनाया है।

दरअसल मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में फैलते कोरोना संक्रमण को रोकने प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. जिसके तहत पुलिस ने नीम ताल चौराहे पर कोरोना नाम से अस्थाई जेल बनाई. जेल में उन लोगों को रखा गया जो चेकिंग के दौरान बिना मास्क के घूमते हुए पाए गए. इन लोगों पर चालानी कार्रवाई तो की ही गई, वही हाथ के पंजे के ऊपरी हिस्से पर कोरोना टैटू छपा सील भी लगाया गया. इतना ही नहीं बिना मास्क वाले इन लोगों को करीब 30 मिनट तक अस्थाई जेल रूपी पंडाल में बिठा उनसे कोरोना से सुरक्षित रहने के उपाय पर निबंध भी लिखवाए जाएंगे ।

COMING SOON….

जल्द

कुत्तों की अनोखी दावत, जो आपने कही देखी और ना ही सुनी होगी।

Nbcindia24/ मध्यप्रदेश। आपने इंसानों की तो एक से बढ़कर एक दावत देखी होंगीं, लेकिन कभी आपने कुत्तों की दावत के बारे में सुना है, शायद नहीं, आज हम आपको ले चलते हैं एक ऐसी जगह जहां कुत्तों को पत्तल डालकर खीर, पूड़ी और बूंदी भरपेट खिलायी जाती है।

पत्तल पर पूड़ी, खीर और बूंदी जैसे व्यंजन उड़ाते कुत्तों की दावत देखकर आप चौंक गए न, ये दृश्य है दतिया के केवलारी ग्राम का और ये दृश्य यहां हर साल नजर आता है, केवलारी ग्राम पचायत के पूर्व सरपंच रामजीलाल अहिरवार कुत्तों की बफादारी से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने ये निर्णय लिया कि कुत्तों को हर साल दावत खिलाएंगे, 6 साल पूर्व कुत्तों को देखकर रामजीलाल के मन में ये विचार आया कि कुत्ता कितना बफादार प्राणी है एक रोटी डाल दो तो पूरे दिन घर के बाहर बैठकर घर की रखवाली करता रहता है लेकिन कभी कोई कुत्तों को भरपेट रोटी नहीं डालता है क्यों न कुत्तों को भी एक दिन बढ़िया दावत खिलाई जाए, बस अपने विचार को मूर्त रुप दिया और तय किया कि साल में एक दिन केवल केवलारी ही नहीं आसपास के ग्रामों के कुत्तों को भी भरपूर बढ़िया भोजन खिलाएंगे, तब से रामजीलाल हर साल कुत्तों को पत्तल डालकर खीर, पूड़ी, बूंदी जैसे स्वादिष्ट व्यंजनों की दावत खिलाते हैं, कुत्तों की दावत पर हर साल वे 20 -25 हजार रुपए खर्च कर देते हैं ।

ग्राम के ग्रामीण भी रामजीलाल की दावत की सराहना करते हैं कि आज के समय में कोई ऐसा भी शख्स है जो जानवरों पर न केवल दया दिखाता है बल्कि खुले दिल से खर्च भी करता है ।

पैसे के लिए मानवता भूल जाने और पैसे के लिए दूसरों का गला काटने में भी परहेज न करने वाले आज के दौर में रामजीलाल जैसे इंसान मिलना मुश्किल हैं जो कुत्ते जैसे मूक प्राणियों पर निस्वार्थ भाव से हर साल दावत के लिए हजारों रुपय खर्च कर देते हैं ।

देह व्यापार के इस अड्डे पर जब पुलिस ने पहली बार दी दबिश।

गाँव मे पहुंची पुलिस

Nbcindia24/Mp। मन्दसौर जिले में परम्परा के नाम पर एक समुदाय विशेष बरसो से अपनी लड़कियों से देह व्यापार करवाते आ रहे है जिसमे नाबालिग लड़कियों से भी देह व्यापार करवाया जाता रहा है । जिले के एसपी को जब नाबालिगों से देह व्यापार की सूचना मिली तो एक विशेष टीम अफजलपुर थाना क्षेत्र के इस गाँव अचानक पहुंची जहां देह व्यापार करने वाली महिलाओं व उनके साथ रहने वाले पुरुषों ने पथराव कर दिया । पथराव में पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए तो वही चार पुलिसकर्मियों को पत्थर भी लगे ।

घरों में सर्च करते पुलिस

हालांकि पुलिसकर्मियों को कोई गंभीर चोट नही पहुँची। पुलिस पर हमले के बाद जब पुलिस फोर्स लेकर दुबारा पहुंची तो पूरे गाँव से देह व्यापार करने वाले सभी लोग व महिलाए घर छोड़ कर भाग गए । पुलिस को गाँव के उस देह व्यापार वाले इलाके में एक भी व्यक्ति नही मिला । मौके पर पहली बार गई टीम मैं बहादुरी का काम किया पथराव होने के बावजूद भी पुलिस टीम के लोग 5 लड़कियों को मौके से रेस्क्यू करके ले आने में सफल हो गए । माना जा रहा है कि इन 5 लड़कियों में से दो लड़कियां नाबालिग हो सकती है जिनकी असल उम्र को निर्धारित करने के लिए पुलिस द्वारा उनकी उम्र से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है ।

मन्दसौर एडिशनल एसपी डॉक्टर अमित वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि एक समुदाय विशेष द्वारा नाबालिक बच्चों से दे व्यापार कराए जाने की सूचना मिली थी जिस पर पुलिस टीम वर्दी में तथा सिविल ड्रेस में गई थी , माना जा रहा है कि यह लोग समझ नहीं पाए कि पुलिस के लोग आए हैं जिसकी वजह से पथराव कर दिया। इस मामले में कार्रवाई करते हुए 5 लड़कियों को मुक्त कराया गया है इनमें से 2 बच्चे नाबालिक हो सकती है जिनकी उम्र की जांच की जा रही है । अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है । पुलिस के वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया है कुछ पुलिसकर्मियों को भो छोटे आई है।

पति पीड़ित पत्नी ने आत्महत्या से पहले छीन ली पति का हक और अधिकार. एक पति पीड़ित पत्नी की कथित दर्द भरी सुसाइड नोट..

कथित सुसाइड नोट

Nbcindia24/Mp इंदौर। ऐसा कहा जाता कि पति पत्नी का रिश्ता 7 जन्मों का होता है, इंदौर में एक पति पीड़ित पत्नी ने अपने पति को ऐसी सजा दी की वह जीवन भर याद रखे, जो पति अपनी पत्नी को जीते जी शांति खुशी नहीं दे पाया आज उसकी पत्नी ने अपनी जीवन लीला समाप्त करने से पहले एक सोसाइड नोट छोड़ अपने पति को अपनी मौत के बाद ना तो अंतिम दर्शन करने की इजाजत दी और ना ही उन्हें मुखाग्नि देने का अधिकार

कथित सुसाइड नोट में लिखा…

थाना भवन

दरअसल कथित सुसाइड नोट में लिखा है कि जो जीते जी अपनी पत्नी को खुशी शांति न दे सका उसे मेरे मरने पर शकल भी मत दिखाना और ना मुखाग्नि देने देना,मेरी माँ मुझे मुखाग्नि देंगी यही मेरे पति की सजा है,

वही मृतिका के पास मिले सुसाइड नोट में पैसे का जिक्र कर लिखा है की पैसा एक जीते जागते इंसान से बड़ा न होता तो कितना अच्छा होता मैं अपनी खुशी से आत्महत्या कर रही हु आप सब अपना ख्याल रखना और मेरे पति को अंतिम दर्शन नहीं करने देना और इसी को एक पति की एक बड़ी सजा बताया, बताया जा रहा है कि मृतिका ने आत्महत्या से पहले इस सुसाइड नोट को लिखी है जीसके बाद अपनी इहलीला समाप्त कर ली

संजय नामदेव,भाई   मृतिका का 

इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र के लेक पैलेस कालोनी में रहने वाली कल्पना नामदेव के परिजनों ने बतलाया कि कल्पना की शादी 5 वर्ष पहले विदिशा में रहने वाले नीलेश नामदेव से हुई थी शादी के कुछ समय बाद तक तो पति पत्नी के बिच सब ठीक चलता रहा था इसी बीच पति नीलेश में दहेज का लालच आ गया और अपनी पत्नी के साथ मारपीट कर पत्नी के पिता का मकान अपने नाम करवाने को लेकर परेशान करता था ,दोनों के पारिवारिक विवाद इतना बड़ा की दहेज़ का केस पत्नी ने थाने में पति के खिलाफ दर्ज करवाया था , दोनों का कोर्ट में तलाक को लेकर भी केस चल रहा था लेकिन दहेज़ लोभी  पति की प्रताड़ना से पत्नी कल्पना इतनी तनाव में आ गई की उसने अपने मायके इंदौर में आकर पहले तो अपने साथ हो रहे पति द्वारा अत्यचार की बातो को एक पन्ने पर लिख फांसी का फंदा बना उसमें झूल आत्महत्या कर ली ।

उमाशंकर यादव, जाँच अधिकारी थाना एरोड्रम

फांसी की सुचना मिली थी जिसके बाद मौके पर पहुँच विवेचना कार्यवाही की गई वही मृतिका के पास एक सुसाइड नोट मिली है जिसकी जांच की जा रही है कि यह मृतिका के द्वारा लिखी गई है या नही जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सच क्या है पता चल पायेगा दोनों पक्ष का न्यायालय में मामला भी चल रहा था।

नोट:- एनबीसी इंडिया 24 सुसाइड नोट की पुष्टि नहीं करता।

अवैध संबंधों को छिपाने डॉक्टर ने अपनी ही असिस्टेंट की हत्या कर क्लिनिक के बगल में दफनाया शव. जब पुलिस ने खोली राज…?

Nbcindia24/Mp।सतना अपने अवैध संबंधों को छिपाने के मकसद से एक डेंटिस्ट ने अपनी ही असिस्टेंट की हत्या कर दी और उसके शव को अपनी क्लीनिक के बगल में खाली जमीन पर मजदूरों से गड्ढा खुदवाकर दफना दिया। मृतिका की मां ने 1 फरवरी को अपनी 23 वर्षीया बेटी भानू केवट की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी डेंटिस्ट कई दिनों तक पुलिस को चकमा देता रहा मगर अंतत: पुलिस की सख्ती के आगे टूट गया और अपने जुर्म को कुबूल कर लिया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के निशानदेही पर जमीन से शव को बाहर निकाला।

युवती डॉक्टर पर शादी का दबाव बना रही थी जिसके कारण डॉक्टर ने उसकी हत्या कर दी। डॉक्टर ने शव के साथ एक मृत कुत्ते को भी दफना दिया था ताकि अगर गंध आए तो आसपास के लोगों को यही लगे कि कहीं कुत्ता मर गया है इसी वजह से दुर्गंध आ रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302 और हत्या कर साक्ष्य मिटाने पर आईपीसी की धारा 201 के तहत मामला दर्ज कर हिरासत में लिया है ।

आज फिर मिले दो और शव एक से दो व्यक्ति अब भी लापता.अबतक मिले…?

Nbcindia24/Mp। सीधी बस हादसे में आज 4 दिन बीत जाने के बाद 2 और शव मिले है वही एक लापता व्यक्ति का सुराग नहीं लग पाया है जिसके कारण लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है और अब यह सर्च ऑपरेशन घटनास्थल से 35 किलोमीटर दूरी तक रीवा के सिलपरा नहर में पहुंच गया है जिसमें एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम सहित दूसरे प्रदेशों के बलों द्वारा लापता लोगों की तलाश की जा रही है

सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र अंतर्गत पटना नहर में तीन दिन पूर्व हुए भीषण सड़क हादसे में तकरीबन 53 लोग काल के गाल में समा गए हैं जिसके बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ और अब लगातार जांच की बात करते हुए एक लापता की तलाश कर रहा है. दरअसल भीषण सड़क हादसे के बाद शुरू हुए सर्च ऑपरेशन में प्रशासनिक टीम ने 53 लोगों की डेड बॉडी को नहर से निकाल लिया मगर अब भी एक से दो लापता है, जिसके लिए प्रशासन के द्वारा तकरीबन 35 किलोमीटर के क्षेत्र में नहर के अंदर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और अब यह सर्च ऑपरेशन रीवा जिले के सिलपरा नहर तक पहुंच गया है जहां पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों के साथ दूसरे प्रदेशों का बल भी लगाया गया है,.. और लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है तथा सिलपरा नहर के टनल में सर्चिंग की जा रही है, हालांकि आज दो शव व्यक्ति के शव बरामद किए गए है पर अब भी एक से दो व्यक्ति का कोई सुराग नही मिला।