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शनि. मई 16th, 2026

भारतीय क्रिकेट टीम के धाकड़ बल्लेबाज शिखर धवन की एक गलती नाविक व नाव मालिक को पड़ी भारी ।

बाबा के मंदिर में शिखर धवन क्रिकेटर

Nbcindia 24/वाराणसी। भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन काशी प्रवास पर थे इस दौरान धवन मंदिरों में पूजा अर्चना के साथ गंगा में नौका विहार का लुफ्त भी लिया, लेकिन शिखर की एक गलती का खामियाजा अब उन नाविक व नाव मालिक को भारी पड़ गया, जिन्होंने गंगा की लहरों पर शिखर को सवारी कराई थी।

शिखर धवन क्रिकेटर

दरअसल बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही प्रवासी पक्षियों को चारा खिलाने पर रोक लगा रखी थी इसके बावजूद शिखर ने बगैर इस आदेश की परवाह किए न केवल प्रवासी पक्षियों को नौका विहार के दौरान चारा खिला है बल्कि फोटो भी इंस्टाग्राम पर शेयर कर दी जिसको संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई शिखर धवन पर तो नहीं हुई लेकिन पुलिस-प्रशासन ने नाविक व नाव मालिक को धारा-188 के तहत नोटिस जारी कर 3 दिनों के लिए नौका विहार में नाव संचालन पर रोक लगा दी है।

प्रदीप साहनी नाव मालिक

नाव मालिक प्रदीप साहनी का कहना है की नियम सब के लिए बना है हम उनका सम्मान करते है जिस तरह नौका विहार में तीन दिन तक हमारे नाव संचालन पर प्रतिबन्ध लगाया गया है उसी तरह उनपर भी कार्यवाही होनी चाहिए।

कभी एक अच्छे क्रिकेटर बन इंडियन क्रिकेट टीम में खेलने का था सपना, और आज गरीब प्रतिभावान बच्चों के सपनों में भर रहें उड़ान।

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Nbcindia24/Chhattisgarh। हर इंसान का कोई न कोई ख्वाब जरूर होता है जिन्हें पूरा करने हर संभव प्रयास करता है पर जरूरी नही की हर इंसान का सपना पूरा हो। कुछ इसी तरह एक ख्वाब लिए छत्तीसगढ़ बालोद जिले के देवगहन निवासी लोकेंद्र साहू 2001-02 में मुंबई गए लेकिन सपने को पूरा कर पाते उससे पहले ही घर में कुछ ऐसा हुआ की सपने को बीच में ही छोड़ परिवारिक जिम्मेदारी निभाने गांव लौटना पड़ गया। गांव लौट परिवारिक जिम्मेदारी निभा ही रहा था की ग्राम देवगहन के ग्रामीणों ने उन्हें गांव का प्रधान बना पूरे गांव की जिम्मेदारी उनके हाथ सौंप दिए।

लोकेंद्र साहू

लोकेंद्र को एक अच्छे क्रिकेटर बनने का इच्छा जागृत क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को देख हुआ।

मुंबई से लौटने के बाद मन में एक कसक था कि सपना अधूरा रह गया पर उम्मीद कभी नही छोड़े ग्राम प्रधान रहते हुए ग्रामीणों की सहयोग से गांव में सचिन तेंदुलकर के नाम एक खेल मैदान बनवाया ताकि गांव के प्रतिभावन बच्चों को खेलने एक खेल मैदान मिल सके।

5 साल पहले लोकेंद्र के घर उनकी दूसरी पुत्री तान्या ने जन्म लिया तो उन्होंने खुशी की इस पल को यादगार बनाने खेल मैदान में स्वयं के खर्च पर अपने भगवान सचिन तेंदुलकर का स्टेचू बनवा स्थापित करने का संकल्प लिया जिन्हें वो जल्द पूरा कर स्थापित दिया।

अब उसी खेल मैदान पिछले कुछ सालों से गांव गरीब के प्रतिभावान बच्चों के लिए अपने पैसे से संसाधन खरीद स्वयं क्रिकेट की ट्रेनिंग देने के अलावा 5 बालक व एक बालिका को अपने खर्चे पर दुर्ग क्रिकेट संघ में ट्रेनिंग दिलावा रहें ताकि क्रिकेट की बुलंदियों पर पहुच सूरज की तरह चमकता देख लोकेंद्र इन बच्चों में अपने सपने को पूरा होते महसूस कर घर परिवार गांव व जिला सहित प्रदेश का नाम रोशन हो।

लोकेंद्र के कार्य की सराहना संसदीय सचिव व क्षेत्रीय विधायक कुंवर सिंह निषाद भी करते हैं और उनके इस अभियान में हर संभव मदद करने की बात करते हैं