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Wed. Apr 22nd, 2026

 

Nbcindia24/न्यूज़ डेस्क छत्तीसगढ़। सर्पदंश के शिकार एक युवक ने अपने जागरूकता से स्वयं को मौत के मुंह से बाहर निकाल लाया. दरअसल गणेशउत्सव का पर्व चल रहे जहां शहर हो या ग्रामीण अंचल सभी जगहों पर भक्तों द्वारा पंडाल लगा भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर बड़े ही उत्साह से भक्तिमय वातावरण में पूजा अर्चना किए जा रहे।

बालोद जिले के वनांचल व आदिवासी विकास खंड डौंडी के ग्राम आमडुला में गांव के युवकों ने पंडाल लगा भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित कर रात्रि में पंडाल पर ही सोए हुए थे जहाँ रात्रि लगभग 2 बजे बेहद जहरीला कैरात सर्प ने राकेश कुमार दर्रो 25 वर्षीय युवक डस लिया सर्प के डसते ही युवक नींद से जाग उठा और सर्प को भागते देख अपने साथ सोए दोस्तों को तत्काल नीद से उठा जानकारी दिया जिन्हें सुन उनके दोस्तों ने सर्प को ढूंढ निकाल मार डाला।

जड़ी बूटी व झाड़-फूंक से करा रहे थे इलाज

इधर सर्पदंश के शिकार युवक के हालात लगातार बिगड़ने लगा तत्काल इसकी सूचना उनके दोस्तों ने परिजनों को दी तो परिजनों ने झाड़-फूंक जड़ी बूटियों से युवक का ईलाज करवाने लगा लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं आया।

 

सर्पदंश के शिकार युवक ने दिखाया जागरूकता

वही लगातार युवक का हालात बिगड़ रहा था वे बोलने में भी असमर्थ होने लगा तब सर्पदंश के शिकार युवक ने स्वयं जागरूकता का परिचय दे इशारा कर पेन काफी मंगाया और एक पेपर पर लिखा कि जल्द से जल्द कोई गाड़ी व्यवस्था करो और तत्काल मुझे हॉस्पिटल ले चलो जिन्हें पढ़कर परिजनों ने तत्काल गांव में ही स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए और वहां उनका ईलाज करवाया लेकिन वहां भी स्वास्थ्य में कोई खास सुधार नही आया बल्कि मुंह से झाग निकलने लगा जिसे देख परिजन उन्हें शाहिद अस्पताल दल्ली राजहरा ले जाया गया।

शरीर में काफी फैल गया था जहर:- मुख्य चिकित्सक डॉ. शैवाल जना

शहीद अस्पताल दल्ली राजहरा के मुख्य चिकित्सक डॉ. शैवाल जना ने बतलाया कि अस्पताल में युवक ईलाज के लिए लाने के दौरान उनके शरीर पर काफी हदतक जहर फैल गया था और उनके मुंह से लार निकल रहे थे जिन्हें देख तत्काल हमारे डक्टरों की टीम ने उनका उपचार प्रारंभ किया और अब काफी सुधार और खतरे से बाहर है।

स्वयं की जागरूकता से युवक अपने आप को मौत के मुंह से बाहर निकाल लाया:- डॉ. जेना

मुख्य चिकित्सक डॉ. शैवाल जेना

डॉ. जेना ने कहा कि सर्पदंश के शिकार राकेश कुमार दर्रो तकलिब में होने और बोलने की झमता खत्म होने लगा था उसके जागरूकता का परिचय देते हुए इशारा कर पेन, कागज मंगवाया और उसमें लिखकर बतलाया कि कोई गाड़ी व्यवस्था कर जल्दी मुझे हॉस्पिटल ले चलो ये बहुत बड़ी और अच्छी बात हैं यही वजह है कि वे स्वयं को मौत के मुँह से बाहर निकाल लाया लोगों से अपील करता हूं कि सर्पदंश या इस तरह के मामले होने पर झाड़-फूंक के झांसे में ना आए बल्कि बिना समय गवाएं अस्पताल पहुंचकर ईलाज करवाए।

जागरूकता ने मौत को दी मात

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आज भी लोग झाड़-फूंक के झांसे में आकर न जाने कितने लोग जान जोखिम डाल अज्ञानिता से उन्हें मौत के मुंह में धकेल देते, लेकिन जब राकेश कुमार दर्रो जैसे जागरूक लोग अपनी जागरूकता का परिचय देंगे तो निश्चित तौर पर वह मौत को भी मात दे सकते हैं इस बात को राकेश ने साबित कर दिखाया।

Nbcindia24

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