छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बेहद मार्मिक खबर सामने आई है। कर्तव्य पथ पर निकले एक जवान की जिंदगी सड़क हादसे में थम गई। बालोद कोतवाली थाने में पदस्थ 35 वर्षीय आरक्षक ठनेश कुमार टेमार्य की सोमवार दोपहर ड्यूटी के दौरान दर्दनाक मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, ठनेश कुमार समंस वारंट तामील करने के लिए देवारभाट, जमरुवा और जगतरा गांव की ओर जा रहे थे। दोपहर करीब 1 बजे जब वे बालोद–झलमला मार्ग पर सिवनी मार्केट के सामने पहुंचे, तभी तेज बारिश के बीच लेफ्ट साइड से जा रही कांकेर बस को ओवरटेक करने के दौरान उनकी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे सड़क पर गिर पड़े और बस का ड्राइवर साइड का पहिया उनके सीने के ऊपर से गुजर गया।

हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद राहगीरों ने मानवता दिखाते हुए उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस चालक को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया है। बस पखांजूर से दल्लीराजहरा होते हुए रायपुर की ओर जा रही थी।
2012 में हुई थी नियुक्ति, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मूल रूप से डौंडीलोहारा ब्लॉक के सहगांव निवासी ठनेश कुमार की पुलिस विभाग में नियुक्ति वर्ष 2012 में हुई थी। वे झलमला स्थित पुलिस कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके पिता नरोत्तम सिंह बालोद कलेक्टोरेट में प्यून के पद पर कार्यरत हैं।
ड्यूटी के दौरान बेटे की असमय मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। सहकर्मियों के अनुसार ठनेश बेहद शांत, जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ जवान थे।
कर्तव्य निभाते-निभाते एक बेटा की मौत
यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक परिवार के सपनों के टूटने की कहानी है। समंस तामील करने निकला एक जवान घर वापस नहीं लौटा। पीछे छूट गए बूढ़े पिता की उम्मीदें और परिवार का सहारा ।

