CHHATTISGARH बालोद। प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित ग्राम नारागांव (विकासखंड गुरूर) स्थित सियादेवी जलाशय इन दिनों उत्सव, उमंग और रोमांच से सराबोर है। तीन दिवसीय सियादेवी इको टूरिज्म फेस्ट का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ, जहां प्रकृति, पर्यटन और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। हर ओर हरियाली, शांत जलराशि और रोमांचक गतिविधियों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
🚣 बैम्बू राफ्टिंग में दिखा जनप्रतिनिधियों का उत्साह

शुभारंभ अवसर पर विधायक संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, उपाध्यक्ष तोमन साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने बैम्बू राफ्टिंग का आनंद लिया।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, वनमंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल तथा एडीशनल एसपी मोनिका ठाकुर सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने भी विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों में भाग लेकर पर्यटकों और ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाया।
जलाशय की शांत लहरों पर बैम्बू राफ्टिंग का दृश्य आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा।
🎯 एडवेंचर और उत्सव का शानदार संगम

फेस्ट में तीरंदाजी, एयर गन शूटिंग, वॉल क्लाइम्बिंग, टायर क्लाइम्बिंग, मोटर बाइक स्टंट, फ्लोटिंग बलून और हॉट एयर बलून जैसी गतिविधियों ने युवाओं और बच्चों को रोमांचित कर दिया।
कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने स्कूली बच्चों के साथ म्यूजिकल बॉल खेलकर कार्यक्रम में आत्मीयता का रंग घोला, जिससे आयोजन और भी जीवंत हो उठा।
🌄 पर्यटन हब बनने की ओर सियादेवी

अपने संबोधन में विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि सियादेवी जलाशय तेजी से एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने के लिए पर्यटन कॉम्प्लेक्स निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
पूर्व राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग सदस्य यशवंत जैन ने आयोजन को जिले के पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
🎶 संस्कृति और स्वाद का संगम
फेस्ट में स्व-सहायता समूह की महिलाओं और स्थानीय कलाकारों ने सुमधुर गीत-संगीत से माहौल को जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम स्थल पर लगे स्टॉलों में ठेठरी, खुरमी जैसे पारंपरिक व्यंजन और ग्रामीण उत्पादों की प्रदर्शनी ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति दी।
🌱 रोजगार और विकास के नए द्वार

सियादेवी इको टूरिज्म फेस्ट न केवल पर्यटन को नई पहचान दे रहा है, बल्कि ग्रामीणों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित कर रहा है।
प्रकृति की गोद में रोमांच, संस्कृति और स्वाद का यह संगम आने वाले समय में बालोद जिले की नई पहचान बन सकता है।
📍 सियादेवी अब सिर्फ जलाशय नहीं, बल्कि पर्यटन और विकास की नई उड़ान का प्रतीक बनता जा रहा है।
