खिल उठे बच्चों के चेहरे, जगी विकास की नई उम्मीद
धर्मेन्द्र सिंह सुकमा। दोरनापाल। आमतौर पर रविवार विश्राम का दिन माना जाता है, लेकिन सुकमा कलेक्टर अमित कुमार के लिए यह दिन भी जनसेवा को समर्पित रहा। अवकाश के दिन उन्होंने दोरनापाल का मैदानी दौरा कर यह स्पष्ट संदेश दिया कि जब प्रशासन फाइलों से निकलकर जमीन पर उतरता है, तो विकास की रफ्तार स्वतः तेज हो जाती है।
अस्पताल में सख्ती भी, संवेदनशीलता भी
दोरनापाल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोरनापाल के औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर का व्यक्तित्व एक सख्त प्रशासक और जिम्मेदार अभिभावक—दोनों रूपों में नजर आया।
उन्होंने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, बिजली-पानी और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। भीषण गर्मी को देखते हुए मरीजों के लिए कूलर की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा लंबित जननी सुरक्षा योजना (JSY) भुगतान में तेजी लाने को कहा।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इलाज के लिए आए किसी भी जरूरतमंद को असुविधा न हो। साथ ही शत-प्रतिशत टीकाकरण और सुरक्षित संस्थागत प्रसव पर विशेष जोर देते हुए कहा कि “स्वस्थ भविष्य की नींव आज की सजगता से ही रखी जाती है।”

आंगनबाड़ी में दिखी आत्मीयता
दौरे का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया, जब कलेक्टर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने औपचारिकता से हटकर बच्चे ‘प्रियल’ का वजन स्वयं जांचा। बच्चों के बीच बैठकर उनसे बातचीत की और चॉकलेट बांटकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी।
‘तिरंगा भोजन’ और ‘सुपोषण चौपाल’ की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जिले का कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न हो, यह प्रशासन की प्राथमिकता है। जर्जर आंगनबाड़ी भवनों के जीर्णोद्धार के निर्देश देते हुए बच्चों की सुरक्षा और पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
पीडीएस गोदाम और राजस्व व्यवस्था पर पैनी नजर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) गोदाम में चावल की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की। स्टैक की गई बोरियों का सैंपल चेक कर शत-प्रतिशत भंडारण और ई-केवाईसी प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण राशन मिल सके।
राजस्व विभाग के निरीक्षण में नए तहसील कार्यालय के लिए उपयुक्त स्थान चयन की प्रक्रिया तेज करने को भी कहा गया।
सजग और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल
गोदामों में अनाज की गुणवत्ता से लेकर अस्पताल की सुविधाओं और बच्चों के पोषण तक—हर स्तर पर की गई यह पहल जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासन की तस्वीर प्रस्तुत करती है। दोरनापाल की गलियों में प्रशासन की यह मौजूदगी न सिर्फ व्यवस्था की सख्ती दिखाती है, बल्कि विकास की नई उम्मीद भी जगाती है।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारी
दौरे के दौरान तहसीलदार योपेन्द्र पात्रे, सीएमएचओ डॉ. आर.के. सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी जी.आर. मंडावी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी शिवदास नेताम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

