सुकमा | धर्मेन्द्र सिंह।
नक्सल प्रभावित सुकमा जिले से एक सकारात्मक और प्रेरक खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व और कलेक्टर Amit Kumar के मार्गदर्शन में संचालित ‘आकांक्षा – सशक्त युवा, सशक्त सुकमा’ परियोजना के तहत जिले के 35 युवा (16 युवतियां एवं 19 युवक) प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार हेतु चेन्नई के लिए रवाना हुए।
लाइवलीहुड कॉलेज परिसर से हरी झंडी दिखाकर युवाओं के दल को विदा किया गया। इस अवसर पर परिसर में उत्साह, आत्मविश्वास और नए सपनों की चमक साफ नजर आई।
एमओयू से खुला वैश्विक अवसरों का द्वार
जिला प्रशासन ने निजी क्षेत्र में ठोस रोजगार अवसर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ड्राइव मैनेजमेंट सर्विसेज, चेन्नई के साथ विशेष एमओयू किया है। इस साझेदारी के माध्यम से सुदूर वनांचल के युवाओं को अब राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर की कंपनियों में कार्य करने का अवसर मिल रहा है।
यह पहल उन युवाओं के लिए नई राह खोल रही है, जो अब तक संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण पीछे रह जाते थे।
मुख्य बिंदु – एक नजर में
महिला सशक्तिकरण: चयनित 35 युवाओं में 16 युवतियों की भागीदारी, आत्मनिर्भर नारी की दिशा में मजबूत कदम।
आर्थिक सशक्तिकरण: जिले से बाहर पहली बार रोजगार का अवसर, जिससे स्थायी आय और आत्मसम्मान दोनों मिलेंगे।
प्रशासनिक दूरदर्शिता: कलेक्टर अमित कुमार ने इसे सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की मजबूत नींव बताया।
कलेक्टर ने सभी चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल नौकरी दिलाने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास को नई उड़ान देने की पहल है। हमारा लक्ष्य है कि जिले का हर युवा हुनरमंद बने और उसे आजीविका के लिए श्रेष्ठ मंच मिले।
युवाओं की जुबानी – उम्मीद और गर्व

दूरस्थ अंचलों से आए युवाओं में इस अवसर को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।
सोड़ी बसंती (ग्राम आसिरगुड़ा, कोंटा) ने कहा, “मैं पहली बार घर से दूर जा रही हूं। अब मुझे रोजगार मिल गया है और मैं अपने परिवार की आर्थिक मदद कर पाऊंगी। यह मेरे जीवन का सबसे गौरवशाली क्षण है।”
सोनिया नुप्पो (बोरगुड़ा) ने बताया, “जिला प्रशासन की यह पहल बहुत सराहनीय है। हम मुख्यमंत्री और पूरे प्रशासन के आभारी हैं, जिन्होंने हमारे भविष्य के बारे में सोचा।”
भविष्य की दिशा
सुकमा जिला प्रशासन आने वाले समय में रोजगार मेलों, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों और उद्योगों के साथ नई साझेदारियों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाला सुकमा अब “सशक्त, आत्मनिर्भर और अवसरों से भरे जिले” की नई पहचान गढ़ रहा है।
इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य दीपिका सोरी, जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर, लाइवलीहुड कॉलेज के प्रभारी अधिकारी कैलाश कश्यप एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

