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Sun. Apr 19th, 2026

बड़ा सवाल:- हादसे का गुनहगार कौन..?

1- वाहन के किस हिस्से का किया गया था रिपेयरिंग…?
2- कही वाहन रिपेयरिंग करने वाले मिस्त्री की लापरवाही तो नहीं…?
3- या वाहन चालक की लापरवाही से हुआ हादसा…?
4- आखिर वाहन टेस्टिंग करने इतना दूर जाने की जरूरत क्यों…?

Nbcindia24/Balod/ वीरेंद्र भारद्वाज दल्ली राजहरा- कल 24 जुलाई शनिवार को राजहरा माइंस के सेन्ट्रल गैरेज का वाहन टेस्टिंग के दौरान डौण्डी मार्ग पर स्थित एयरो ड्रम में पलट कर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वाहन में दो ठेका श्रमिक, एक बीएसपी कर्मी व एक सीआईएसएफ का जवान सहित कुल चार लोग सवार थे। जिसमे से वाहन में सवार ठेका श्रमिक बहल राम का दुर्घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गया, ठेका श्रमिक कलिराम गंभीर रुप से घायल है जिसे तत्काल भिलाई सेक्टर ९ अस्पताल रिफर किया गया है। बाकी दो घायलो का इलाज राजहरा माइंस अस्पताल में चल रहा है।

मृतक ठेका श्रमिक बहल राम व घायल कलिराम जन मुक्ति मोर्चा के कर्मठ कार्यकता है व आदिवासी समाज से है, दोनो ठेका श्रमिक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते है व अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य है। ऐसे में जन मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारी व मजदूर घटना के बाद राजहरा माइंस अस्पताल पहुंच मृत श्रमिक बहल के परिवार के एक सदस्य को बीएसपी में स्थाई नौकरी दिये जाने की लिखित में मांग पूरी होने के बाद ही मृत मजदूर के शव को पोस्टमार्टम में ले जाने देने पर अड़े रहे, जिसके बाद स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड भिलाई इस्पात संयंत्र लौह अयस्क दल्ली राजहरा द्वारा मृत मजदूर परिवर से एक सदस्य को स्थाई नौकरी देने का तत्काल लिखित पत्र दिया गया है। तब जाकर पूरा मामला सांत हुआ।

इस दौरान माइंस अस्पताल में जन मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जीत गुहा नियोगी, सचिव बसंत रावटे, कुलदिप नोन्हारे, ईश्वर निर्मलकर, होमन तुमरेकी, यादराम कोर्राम, भंवर सिंह मसिया, तरुण उर्वसा, कोमल, सुनिल आदि साथी अंत तक उपस्थित रहे।

Nbcindia24

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