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जिले के कामालूर, बासनपुर, धुरली, गामावाड़ा, झिरका में ’’क्रेडा’’ विभाग द्वारा सौर योजनाओं का सफल क्रियान्वयन

दंतेवाड़ा @ सौर ऊर्जा ग्रामीण भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए एक आशाजनक समाधान के रूप में उभरा है हाल के वर्षों में सौर ऊर्जा परियोजना बढ़ती ऊर्जा की मांग को पूरा करने के लिए एक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प प्रस्तुत किया है। सूर्य के प्रकाश को तीव्र ताप में बदलने के लिए फोटोवोल्टिक पैनल या सौर तापीय प्रणाली का उपयोग इसके प्रमुख आधार है। देश में सौर ऊर्जा परियोजना बिजली की पहुंच प्रदान करके ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाया है। इससे न केवल शिक्षा स्वास्थ्य, कृषि जैसे क्षेत्रों में सुधार हुआ है। वहीं समुदाय का उत्थान कर इसके द्वारा सतत विकास में बड़ी भूमिका निभाई जा रही है।

जिले के नियद नेल्लानार ग्राम सौर ऊर्जा से हो रहे ऊर्जीकृत

राज्य सरकार द्वारा संवेदनशील तथा माओवाद प्रभावित क्षेत्रों तक मूलभूत एवं बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से नियद नेल्लानार योजना प्रारंभ की गई है योजना के तहत क्रेडा विभाग द्वारा इन ग्रामों के निवासियों को लाभान्वित किये जाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है। इसके तहत सोलर हाईमास्ट, सोलर ड्यूल पंप तथा सौर सुजला योजना अन्तर्गत सोलर सिंचाई पंप के संयंत्र यहा स्थापित किए जा रहे है। इस क्रम में जिले के ग्राम कामालूर, बासनपुर, धुरली, गामावाड़ा, झिरका के 10 विभिन्न स्थलों पर सोलर हाई मास्ट स्थापना कार्य पूर्ण कर प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। इसके अलावा इन ग्रामों में सतत पेयजल की सुविधा मुहैया कराए जाने के भी लक्ष्य निर्धारित है। संध्या होते ही अंधेरे में डूबने वाले इन गांव के गली चौक चौराहे अब रोशनी से सराबोर है वास्तव में इन ग्रामों में अंधेरे का साम्राज्य हटाने में सौर ऊर्जा की भूमिका अतुलनीय है।

Nbcindia24

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