छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में अवैध रेत उत्खनन को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया है। मरघटी नदी एवं महानदी के तट पर चल रहे कथित अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नदी में चैन माउंटेन मशीनों के जरिए रेत निकासी की जा रही थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रेत परिवहन कर रहे करीब 12 हाइवा वाहनों को रोक दिया। स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से दिन-रात अवैध उत्खनन जारी है और ट्रैक्टर व भारी वाहनों के माध्यम से रेत का परिवहन किया जा रहा है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने खनिज विभाग और प्रशासन पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए।
मालखरौदा के एसडीएम, तहसीलदार एवं खनिज अधिकारियों के खिलाफ ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए “घूसखोरी” के आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में विफल रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार के गौ खनिज खनन नियम का पालन नहीं किया जा रहा है और नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
फिलहाल, मामले की सूचना मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। हालांकि, इस संबंध में अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
