आत्मसमर्पित नक्सलियों को आत्मससमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में आर.एफ.टी. कोन्टा एवं 50, 219 वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा कार्मिकों की रही है विशेष भूमिक
सुकमा @ जिले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके षोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय 02 नक्सली
01.वंजाम रामा पिता गंगा (मिलिशिया सदस्य,अरलमपल्ली पंचायत) उम्र लगभग 28 वर्ष जाति मुरिया निवासी ग्राम पालामड़गू पटेलपारा थाना पोलमपल्ली जिला सुकमा छ0ग0
02. दिरदो पोज्जा पिता देवा (मिलिशिया सदस्य, अरलमपल्ली पंचायत) उम्र लगभग 23 वर्ष जाति मुरिया निवासी ग्राम पालामड़गू पटेलपारा थाना पोलमपल्ली जिला सुकमा छ0ग0
नक्सल संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा मे जुड़ने के उद्देश्य से आज शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक, सहायक कमाण्डेन्ट 219 वाहिनी सीआरपीएफ, सुरेश कुमार, सहायक कमाण्डेन्ट 50 वाहिनी सीआरपीएफ एवं निरीक्षक अविलाष टण्डन, प्रभारी डीआरजी के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया गया। उक्त नक्सलियो को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में आर.एफ.टी.कोन्टा एवं 50,219 वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा के कार्मिकों की रही विशेष भूमिका। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों को ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ के तहत् सहायता राशि व अन्य सुविधायें प्रदाय कराये जायेंगे।
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