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शनि. मई 2nd, 2026

दन्तेवाड़ा@ जिला में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान तथा छ0ग0 शासन की ‘‘पुनर्वास नीति’’ के तहत जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद कर शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार गॉव-गॉव तक किया जा रहा है, साथ ही नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए नक्सल गस्त सर्चिंग में वृद्वि हुई है जिसके परिणाम स्वरूप यह बदलाव माओवादी कैडर में दिखाई दे रहा है और बड़ी संख्या में माओवादी कैडरो का आत्मसमर्पण देखने को मिल रहा है। नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर नक्सलवाद की ओर भटके युवा अब समाज के मुख्यधारा में जुड़ने का संकल्प करके भैरमगढ़ एरिया कमेटी अन्तर्गत क्रमशः

1. हुर्रेपाल आरपीसी केएएमएस (क्रांतिकारी आदिवासी महिला संगठन) सदस्य  मासे कुंजाम पति बुधराम कुंजाम उम्र लगभग 24 वर्ष जाति मुरिया निवासी तिमेनार कुंजामपारा

2. हुर्रेपाल आरपीसी केएएमएस (क्रांतिकारी आदिवासी महिला संगठन) सदस्य जुग्गो ओयाम पति मंगल ओयाम उम्र लगभग 28 वर्ष जाति मुरिया निवासी तिमेनार ओयामपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर ने आत्मसमर्पण की इच्छा जाहिर करते हुये लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान के तहत आज शुक्रवार को पुलिस के समक्ष डीआरजी कार्यालय दन्तेवाड़ा में आत्मसमर्पण किया। इस महिला माओवादियों को आत्मसमर्पण कराने में 230वीं वाहिनी आसूचना शाखा सीआरपीएफ दन्तेवाड़ा का विशेष योगदान रहा।आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत् 25,000 रूपये की सहायता राशि के साथ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चलायी जाने वाली अन्य सुविधायें मुहैया कराई जाएंगी।लोन वर्राटू अभियान के तहत् अब तक 190 ईनामी सहित कुल 853 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर समाज के मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं

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