Breaking
Fri. Apr 17th, 2026

बालोद/ बेबसी क्या होती है इस मां से पूछिए जो अपने 10 वर्ष के लाल को लिए बालोद कलेक्टर कार्यालय पहुंच शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगा रही है. मां चाहती है कि बेटा चिराग आम बच्चों की तरह अपने दोनों आंखों से दुनिया को देखें

हर माता-पिता के लिए उनका बच्चा ही सब कुछ होता है. जन्म देने के साथ उनकी शिक्षा दीक्षा से लेकर उनका भविष्य संवारना हर माता-पिता का कर्तव्य होता है. जिसे निभाते हुए बालोद जिला के ग्राम मटिया (बी) निवासी चिराग की मां धनेश्वरी निषाद और परिवार बचपन से ही  आंख में कैंसर से जुझ रहे अपने बेटे को बाहर निकाल नया जीवन देना चाहती हैं. ताकि आम बच्चों की तरह वह भी अपनी आंखों से दुनिया देख सके. एक-एक पैसे जोड़ परिवार की सामर्थ अनुसार अब तक इलाज कराते आ रहे हैं. लेकिन खर्च इतना हो चुका है कि आगे का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा. चाहती है कि आंख में लेंस लगाने डॉक्टर द्वारा बताई गई ढाई लाख का खर्च उठा शासन-प्रशासन उनके बेटे को नया जीवन दे. जिसके लिए अपने बेटे को साथ लिए कलेक्ट्रेड कार्यालय पहुँच कलेक्टर से मांग किए ।

अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने दिलाया भरोषा 

मामले में अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने चिराग के इलाज में हर संभव मदद करने की बात करते हुए पूर्व में हुए इलाज की डॉक्यूमेंट मांग रायपुर में बड़े डॉक्टर से बात कर प्रशासन की मदद से इलाज कराने का भरोसा दिया हैं।

Nbcindia24

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *