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Fri. Apr 17th, 2026

मलेरिया से दो बच्चियों की मौत “पूर्व सीएम भूपेश ने सरकार पर कसा तंज” वस्तुस्थिति जानने स्वास्थ्य मंत्री का कल बीजापुर दौरा

 

 

रंजन दास बीजापुर @  मलेरिया से आवासीय विद्यालय की दो छात्राओं की मौत और अकेले बीजापुर ब्लाक से 187 बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। आवासीय विद्यालयों में बच्चों की स्क्रीनिंग लगातार की जा रही है। वही इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते कहा है कि, बस्तर को मलेरिया मुक्त करने के लिए हमारी सरकार ने विशेष अभियान चलाया था। साय सरकार की लापरवाही का ही नतीजा है कि, मलेरिया से बस्तर में बच्चे अपनी जान गंवा रहे हैं।चिंताजनक स्थिति के बीच पूरे हालात की समीक्षा के उद्देश्य से सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बीजापुर पहुंच रहे हैं।

 

आज पूरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम आवासीय विद्यालयों में बच्चों की स्क्रीनिंग में डटी रही । सीएमचओ डॉ बीआर पुजारी ने कहा कि मलेरिया की रोकथाम को लेकर जमीन स्तर पर ह्यूमन रिसोर्स की कमी तो पहले से है, हालांकि भोपालपट्नम, मद्देड़ क्षेत्र में मलेरिया के मामले नियंत्रित थे, जो एकाएक बढ़ गए, यह चिंता की बात है। वर्ष 2020 में जब मलेरिया मुक्त कार्यक्रम की शुरूआत हुई थी तीसरे-चौथे चरण में एपीआई दर में बेशक कमी आई थी।

 

गौरतलब है कि तीन दिन में मलेरिया से पोटाकेबिन ताड़लागुड़ा और संगमपल्ली की दो छात्राओं की मौत हो गई है।सिलसिलेवार मौतों को सर्व आदिवासी समाज ने गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते मृत बच्चियों के परिजनों को 50-50 लाख मुआवजा देने की मांग उठाई है। इस संबंध में सर्व आदिवासी समाज के प्रवक्त सालिक नागवंशी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि शुक्रवार को तारलागुड़ा पोर्टा केबिन की कक्षा दूसरी की छात्रा की मौत मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में होने की जानकारी मीडिया से मिलने जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी द्वारा वस्तुस्थिति और वास्तविकता जानने के लिए सर्व आदिवासी समाज के उपाध्यक्ष अनिल पामभोई के नेतृत्व में शनिवार और रविवार को दल भेजा गया था। परिजनों और पोटा केबिन के कर्मियों से चर्चा में जो बात सामने आई है।

 

वह अधीक्षकों की लापरवाही को स्पष्ट करता है। चर्चा में पता चला है कि छात्राओं को मच्छरदानी वितरण नहीं किया गया था। इसके अलावा सत्र शुरू होने से पूर्व मच्छर रोधी दवा का छिड़काव और जल निकासी सहित छोटे मरम्मत जैसे कार्य भी नहीं किए गए।तारलागुड़ा की छात्रा को मलेरिया बुखार में झटके आने के बाद भी गंभीरता से न लेते हुए परिजनों को बुला कर उन्हें इलाज के लिए सौंप दिया गया था। ब्लाक के संगमपल्ली पोर्टा केबिन की छात्रा की जान भी मलेरिया से गई। वहां भी मच्छरदानी बच्चों को नहीं दिया गया और न ही मलेरिया रोधी दवा का छिड़काव किया गया था।तारलागुड़ा एवं संगमपल्ली कन्या आवासीय स्कूल में दो छात्राओं की मलेरिया संक्रमण के मौत के प्रकरण के जांच हेतु एसडीएम भोपालपटनम जांच अधिकारी नियुक्त

 

जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा जिला बीजापुर के पत्र अनुसार कन्या आवासीय विद्यालय तारलागुड़ा एवं संगमपल्ली में अध्ययनरत 2 छात्राओं की मृत्यु मलेरिया बीमारी के संक्रमण होना प्रतिवेदित किया गया है।
उक्त छात्राओं की मृत्यु की जांच हेतु कलेक्टर अनुराग पाण्डेय के द्वारा एसडीएम भोपालपटनम श्री यशवंत कुमार नाग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। विभिन्न निर्धारित बिन्दुओं पर जांच उपरांत पन्द्रह दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिया गया है।

Nbcindia24

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