जिन्होंने कभी हवाई जहाज को दूर से देखा था… आज उसी में बैठकर भगवान के दर पहुंचे
अर्जुन्दा/बालोद
छत्तीसगढ़: बालोद जिले के ग्राम टिकरी से एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जिसने न सिर्फ जिले बल्कि पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यहां की सरपंच ललिता रितेश देवांगन ने मजदूर दिवस (1 मई) के अवसर पर एक अनूठी पहल करते हुए गांव के पांच गरीब मजदूरों को हवाई जहाज से उड़ीसा स्थित जगन्नाथ पुरी मंदिर के दर्शन के लिए भेजा। खास बात यह है कि अब ये सभी मजदूर सुरक्षित पुरी पहुंच भी चुके हैं और अपने जीवन के इस खास पल को जी रहे हैं।
गांव के जिन मजदूरों ने अब तक हवाई जहाज को सिर्फ आसमान में उड़ते देखा था, उनके लिए यह यात्रा किसी सपने के साकार होने से कम नहीं है। आर्थिक रूप से कमजोर इन परिवारों के लिए हवाई यात्रा करना लगभग असंभव था, लेकिन सरपंच की इस पहल ने उनके जीवन में खुशी और आत्मसम्मान की नई रोशनी भर दी है।
इस पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस पूरी यात्रा का खर्च सरपंच ललिता रितेश देवांगन स्वयं अपने मानदेय से वहन कर रही हैं। यह न केवल उनकी सेवा भावना को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि जनप्रतिनिधि अगर चाहें तो अपने स्तर पर भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
यह पहल केवल धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मजदूरों के सम्मान और उनके योगदान को पहचान देने की एक सार्थक कोशिश है। रोजमर्रा की कठिन मेहनत के बीच इन मजदूरों को एक ऐसा अवसर मिला है, जो उनके जीवन की यादगार बन गया है।
सरपंच ललिता देवांगन इससे पहले भी अपने “मिशन अनमोल मुस्कान” के जरिए गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। इस मिशन के तहत बच्चों, महिलाओं और युवाओं के लिए कई सकारात्मक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं, जिससे गांव में जागरूकता और विकास का माहौल बना है।
सरपंच की इस पहल की चर्चा अब पूरे छत्तीसगढ़ में हो रही है। लोग इसे एक आदर्श जनसेवा और संवेदनशील नेतृत्व का उदाहरण मान रहे हैं। यह पहल यह संदेश देती है कि अगर नीयत साफ हो और सोच सकारात्मक हो, तो छोटे से गांव से भी बड़े बदलाव की शुरुआत की जा सकती है।
बालोद के टिकरी गांव से निकली यह कहानी सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है-जो यह सिखाती है कि समाज में बदलाव लाने के लिए बड़े पद या बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि बड़े दिल और सच्ची नीयत की जरूरत होती है।
