Nbcindia24/वीरेन्द्र भारद्वाज/दल्लीराजहरा। जनगणना फार्मेट में ओबीसी का कॉलम जोडकर ओबीसी की जनगणना कराए जाने की मांग को लेकर ओ बी सी महासभा ने देश के प्रधानमंत्री के नाम अनुविभगीय अधिकारी को ज्ञापन सौपा। सौपे ज्ञापन में कहा गया है कि संविधान में सामाजिक तथा शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े हुए समुदायों को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के रूप में 3 वर्ग बनाये गए है। जनगणना में इन तीनों वर्गों की दशाओं के आकडे एकत्रित किए जाने चाहिए। अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग की जनगणना तो होती है किन्तु राष्ट्रीय जनगणना फार्मेट के कॉलम में अन्य पिछड़ा वर्ग का पृथक कोड नम्बर नहीं होने के कारण अन्य पिछड़ा वर्ग की जनगणना नहीं होती है। संविधान के अनुच्छेद 340 के परिपालन में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए गठित आयोगों (काका कालेलकर आयोग, मंडल आयोग व मध्यप्रदेश रामजी महाजन आयोग) द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग की जनगणना कराये जाने बाबत् अनुशंसाएँ की गई है। तद्नुसार इस हेतु संसद में बनी सहमति के आधार पर जनगणना 2011 में पृथक से अन्य पिछड़ा वर्ग के ऑकड़े एकत्र करने के प्रयास किए गए किन्तु आँकड़े जारी नहीं किए गए। ओबीसी महासभा द्वारा लंबे समय से प्रतिमाह ज्ञापन देकर राष्ट्रीय जनगणना 2021 के जनगणना फार्मेट में ओबीसी का कालम बनवाने शासन-प्रशासन से आग्रह किया जाता रहा है. लेकिन पूर्व की भाँति इस बार भी राष्ट्रीय जनगणना फार्मेट के कॉलम में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का पृथक से कोड नहीं है। फलस्वरुप ओबीसी वर्ग की जनसंख्या तथा उसकी परिस्थितियों का आकलन नहीं हो पायेगा। ओबीसी महासभा ने कहा है कि जनगणना 2021 के फार्मेट के कॉलम 13 में ओबीसी के लिए पृथक से कोड नं 3 शामिल कर विगत दो वर्षों से लंबित राष्ट्रीय जनगणना आगामी विधानसभा / लोकसभा चुनाव को देखते हुए शीधातिशीघ्र की जाए एवं जनगणना उपरांत आँकड़े प्रकाशित किया जाए। जिससे ओबीसी समाज भारत देश के नागरिक (मतदाता) होने के नाते जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी प्राप्त कर सके। इस दौरान यग्य देव पटेल,घनश्याम पारकर,देवेन्द्र निषाद,कोमल पटेल,प्रीतम पटेल,गोपी निषाद,सी आर सार्वा,संतोष यादव,तोरण लाल साहू,श्याम लाल साहू,रमेश सिन्हा,उतरा विश्वकर्मा,अन्कालू राम देवांगन आदि उपस्थित थे।
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