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दंतेवाड़ा @ करोड़ो के भ्रष्टाचार और गंभीर लापरवाही से लोगों के आंखों की रौशनी छिनने वाले जिला अस्पताल के भ्रष्ट प्रशासनिक अधिकारियों पर शासन प्रशासन की मेहरबानी साफ नजर आती है । इतने बड़ी लापरवाही और करोड़ो के वित्तीय अनियामिताओं के उजागर होने के बावजूद केवल छोटे कर्मचारियों को बली का बकरा बनाया गया जबकि बड़े अधिकारियों पर अब तक कोई कार्यवाही नही की जा रही । जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा है कि बीमार अस्पताल के अधिकारी अपनी लापरवाही और करोड़ो के घोटाले कर के भी बेफिक्र नज़र आते है वहीं दूसरी ओर छोटे और मासूम कर्मचारियों को फंसाकर उन्हें दंडित किया जा रहा है ।

मोतियाबिंद कांड में नेत्र चिकित्सक पर दबाव बनाकर टारगेट पूरा करने अधिकारियों ने सुरक्षा मानकों को ताक में रखकर बड़ी तादाद में ऑपरेशन करवाया और जब लोगों के आंखों में संक्रमण की बात आई तो नेत्र रोग विशेषज्ञ और कर्मचारियों के खिलाफ एक तरफा कार्यवाही कर दी गई वहीं दूसरे एचआईवी नेगेटिव की रिपोर्ट वाले मामले में भी जिम्मेदार अधिकारियों को क्लीनचिट देकर केवल रजिस्टर में रिपोर्ट लिखने वालो को दोषी करार दे दिया गया ।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा जारी ड्रग एन्ड कंज्युमेबल मद मामले में कलेक्टर के अनुमोदन के बिना 3 करोड़ 48 लाख रुपये का डाका डालने वाले अधिकारियों पर भी शासन प्रशासन मौन है केवल जांच का झुनझुना बजा रही है । इतनी बड़ी लापरवाही और करोड़ों की वित्तीय घोटाले कर लगातार दंतेवाड़ा जिले को बदनाम कर रहे जिला अस्पताल के उच्चाधिकारियों पर कानूनी कार्यवाही कर जेल भेजने की आवश्यकता है जिससे ऐसे अधिकारियों को सबक मिल सके ।तुलिका ने चेतावनी देते कहा कि यदि शासन प्रशासन जल्द ही इन मामलों में निर्दोषों को बहाल और असल दोषी अधिकारियों को आरोपी नही बनाया तो हम उग्र आंदोलन करेंगे

Nbcindia24

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