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Nbcindia24/वीरेंद्र भारद्वाज/दल्लीराजहरा । छत्तीसगढ़ में बेरोजगार युवाओं के लिए हुए बेरोजगारी भत्ता के ऐलान के बाद से ही बड़ी संख्या में युवा इसके लिए पंजीयन करा रहे हैं जिसके साथ ही यह योजना विवादों में घिरती नजर आ रही है। अब तक प्रदेश में 74 हजार से ज्यादा युवाओं ने भत्ते के लिए आवेदन कर दिया है परन्तु अब तक केवल 34 हजार 997 आवेदनों को बेरोजगारी भत्ते की स्वीकृति मिली है। वहीं राज्य में भाजपा के नेताओं द्वारा इसे युवाओं के साथ छलावा करार दिया जा रहा है।
उक्त योजना की वास्तविकता बताते हुए भाजपा अजजा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं हल्बा हल्बी समाज 36गढ़ केंद्रीय महासभा अध्यक्ष डॉ देवेंद्र माहला ने कहा कि राज्य की यह धोखेबाज कांग्रेसी सरकार केवल ठगना जानती है, चुनाव के पूर्व इनके द्वारा अनेकों झूठ बोले गए उसमे बेरोजगारी भत्ता भी एक है। बेरोजगारी भत्ता के मामले पर चुनाव के पूर्व वे 10 लाख युवाओं को भत्ता देने की बात कर रहे थे और अब वे नियम और कानून बताने लगे हैं। अपने घोषणा पत्र में जिस प्रकार उन्होंने साफ साफ लिखा था उसका अक्षरसह वे पालन क्यों नही करते। ऐसी योजनाओं को चुनावी वादे के रूप में लाकर भूपेश बघेल ने छल पूर्वक युवाओं का मत हासिल किया जो साफ साफ दिखता है पर अब छत्तीसगढ़ का एक एक युवा बेरोजगार इनकी मंशा समझ चुका है। सरकार ने एक तो साढ़े चार वर्षों तक वादे के बावजूद युवकों को बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया और अब तमाम मुश्किल शर्तों के बावजूद आए 74 हजार आवेदनों में से 83 फीसदी आवेदन अस्वीकृत पड़े हैं। डॉ माहला ने कहा कि बेरोजगारी भत्ते पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार के राजनीतिक पाखंड का यह ताजा प्रमाण है। रही बात हमारे बालोद जिले की तो आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी भत्ता के लिए सबसे ज्यादा 5518 आवेदन बालोद जिले से मिले हैं, आखिर यह स्थिति बालोद की कैसे हो गयी एक तरफ यहां के मंत्री विधायक बड़ी बड़ी ढींगे हांकते हैं वहीं बेरोजगारी के आंकड़ों में बालोद अव्वल नजर आता है और इन आवेदनों के स्वीकृति का कोई ठिकाना भी नही है। प्रदेश का प्रत्येक युवा बेरोजगार राज्य सरकार का यह खेला अपने आंखों से देख रहा है बस अब केवल समय का इंतजार है।

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