बालोद। जिले में धान बीज खरीदी को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। अनुविभागीय अधिकारी (रा.) डौंडी लोहारा की जांच रिपोर्ट दिनांक 29 जनवरी 2026 के आधार पर बीज प्रक्रिया केंद्र झलमला की जिला प्रबंधक माधुरीबाला को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मामले में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम खपरामार, तहसील मार्रीबंगला देवरी के किसान सोहन लाल कश्यप द्वारा कुल 10.71 हेक्टेयर रकबे का पंजीयन कराया गया था। जांच में पाया गया कि पंजीकृत उत्पादन क्षमता से कहीं अधिक धान की खरीदी और विक्रय दर्ज किया गया।
खरीदी के प्रमुख आंकड़े
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21 नवंबर 2025 को प्रथम टोकन के माध्यम से 198.40 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर खरीदा गया।
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29 दिसंबर 2025 को द्वितीय टोकन के माध्यम से 152 क्विंटल धान की खरीदी हुई।
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कुल मिलाकर 6.75 हेक्टेयर पंजीकृत रकबे पर 350.40 क्विंटल धान खरीदी दर्शाई गई।
चौंकाने वाला खुलासा
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किसान द्वारा कुल 903.99 क्विंटल धान का विक्रय दर्ज किया गया।
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औसत उत्पादन के हिसाब से जिले में कहीं भी 33.76 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन नहीं हुआ, फिर भी 10.71 हेक्टेयर भूमि पर 903.99 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
बीज रिजेक्ट, फिर भी भुगतान
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10 दिसंबर 2025 को 1263 बोरी धान बीज निगम भेजा गया।
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इनमें से 909 बोरी प्रमाणित नहीं पाए जाने पर रिजेक्ट कर दी गई।
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इसके बावजूद 24 दिसंबर 2025 को किसान के खाते में ₹11,40,200 का भुगतान कर दिया गया।
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शिकायत के बाद उक्त राशि को वापस लिया गया।
प्रशासन ने क्या कहा?
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि बीज फेल होने के बाद खरीदी केंद्र को सूचित कर भुगतान रोका जाना चाहिए था। इसके विपरीत भुगतान किया जाना गंभीर लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है।
कलेक्टर कार्यालय ने जिला प्रबंधक से निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

