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nbcindia24/ वीरेन्द्र भारद्वाज/दल्लीराजहरा । सहारा इंडिया कंपनी लखनऊ (उ.प्र.) के संबंधित चेयरमेन व डायरेक्टरों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करने को लेकर दल्लीराजहरा सहित बालोद जिले के सहारा कम्पनी के एजेंटो ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा । जिसमें एजेंटो ने कहा है कि हम सभीकार्यकर्तागण बालोद जिला के निवासी है तथा लगभग 20-21 वर्षो से बतौर अभीकर्ता के रूप में कार्य कर रहे थे। बालोद जिला में सहारा इंडिया कंपनी की 5 ब्रांच कार्यरत है पिछले 5-6 वर्षों से कंपनी द्वारा सम्मानित निवेशको का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

वर्तमान में बालोद जिले करीब 48412 निवेशकों के लगभग 325 करोड़ रूपये भुगतान के लिए पेंडिग है। जिसमें से शाखा कार्यालय दल्लीराजहरा के 82 करोड,फ्रेचाईसी कार्यालय बालोद के 73 करोड़, फ्रेंचाईसी कार्यालय गुंडरदेही के 65 करोड़,
फ्रैंचाईसी कार्यालय गुरूर के 60 करोड़ एवं फ्रेंचाईसी कार्यालय डौंडीलोहारा के 45 करोड़ रूपये भुगतान के लिए रूका हुआ है। कंपनी के डायरेक्टरों व संबंधित अधिकारीयों से संपर्क करने पर जवाब आता है कि कंपनी की 25 हजार करोड़
रूपए सेबी के पास जमा है। तथा कंपनी के उपर एम्बारगो लगा हुआ है यह पल्ला झाडकर भुगतान नहीं किया जा रहा है।

भुगतान नहीं होने से बुजुर्गों को मिलने वाला एम.आई.एस. की राशि नहीं मिल पा रहा है। जिससे उसका वृद्धावस्था की खर्च के लिए मोहताज हो गये है। किसी की बेटी की शादी टूट रही है, किसी की
शादी भी नहीं हो पा रही है। पालक अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर अंधकार में हैं वहीं हमारे जैसे सैंकड़ों कार्यकर्ता के उपर बहुतबड़ी आर्थिक तंगी निर्मित हो गई है। परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। वर्तमान में पडोसी जिला राजनांदगांव में वहां के जिलाधिश एवं प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा कड़ा रूख अपनाते हुए लखनऊ से चार डायरेक्टरों को लाया गया तथा न्यायालय में पेश करते हुए जेल भेज दिया गया। जिसके पश्चात् वहां पर भुगतान के लिए स्वयं कंपनी द्वारा 15 करोड़ रूपये की राशि दी गई। उक्त परिस्थितियों के चलते हम कार्यकताओं एवं सम्मानित
निवेशकों के बीच वाद-विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। तथा आपसी संबंध खराब होते जा रहे है। इन सब बातों से हम सभी कार्यकर्तागण मानसिक तनाव से गुजर रहे है।

Nbcindia24

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